परिवहन विभाग की ताबड़तोड़ कार्रवाई और मुकदमे लखनऊ क्षेत्र में स्कूली बच्चों की सुरक्षा को ताक पर रखकर चलाई जा रही वाहनों के खिलाफ क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय ने बहुत ही कड़ी और त्वरित कार्रवाई करते हुए कुल 13 गाड़ियों को मौके पर ही सीज कर दिया है। इस पूरी घटना के सामने आने के बाद प्रशासनिक अमले में हड़कंप मच गया है और नियमों की धज्जियां उड़ाने वाले जिम्मेदार लोगों पर शिकंजा कसा जाना शुरू हो गया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार इस मामले में वाहन के मैनेजर समेत कुल 12 नामजद लोगों के खिलाफ गंभीर धाराओं में प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। अधिकारियों का साफ तौर पर यह कहना है कि बच्चों की जान जोखिम में डालने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा और इस तरह के अभियानों को आने वाले दिनों में और अधिक तेजी से चलाया जाएगा ताकि भविष्य में इस प्रकार की डरावनी घटनाओं की पुनरावृत्ति को पूरी तरह से रोका जा सके।
लापरवाही और सुरक्षा मानकों की अनदेखी का सच यह संपूर्ण घटना इस बात का जीता जागता प्रमाण है कि कैसे शिक्षण संस्थानों और वाहन संचालकों द्वारा बच्चों की सुरक्षा से जुड़े नियमों को लगातार नजरअंदाज किया जा रहा है। आमतौर पर देखा जाता है कि जब तक कोई बड़ी दुर्घटना या हादसा नहीं हो जाता तब तक संबंधित विभाग अपनी नींद से नहीं जागते हैं और कागजी कार्रवाई तक ही सीमित रहते हैं। स्कूल वाहनों में फिटनेस प्रमाण पत्र, अग्नि सुरक्षा उपकरण, प्राथमिक चिकित्सा बॉक्स और तय क्षमता से अधिक बच्चों को बैठाने जैसी गंभीर अनियमितताएं आम बात बन चुकी हैं। इस प्रकार की लापरवाही के कारण न केवल मासूम बच्चों की जिंदगियां खतरे में पड़ती हैं बल्कि पूरे अभिभावक वर्ग में भी भारी रोष और असुरक्षा की भावना पैदा होती है। स्थानीय नागरिकों और अभिभावकों लंबे समय से यह मांग करते आ रहे थे कि रोजाना चलने वाली इन स्कूली गाड़ियों की नियमित और कड़ी जांच होनी चाहिए ताकि किसी भी संभावित बड़े हादसे को समय रहते टाला जा सके और नियम तोड़ने वालों पर सख्त कार्रवाई हो।
प्रशासनिक सख्ती और भविष्य के लिए सख्त कदम इस बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई के बाद पूरे वाहन संचालक संघ और स्कूल प्रबंधन से जुड़े लोगों में भारी खलबली मच गई है तथा सभी लोग अपने दस्तावेजों को दुरुस्त करने में जुट गए हैं। जिला प्रशासन और परिवहन विभाग ने संयुक्त रूप से यह निर्णय लिया है कि आने वाले समय में शहर के सभी प्रमुख मार्गों और स्कूलों के आसपास विशेष चेकिंग अभियान चलाए जाएंगे। नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहनों के परमिट रद्द करने के साथ साथ भारी भरकम आर्थिक जुर्माने की कार्रवाई भी की जाएगी ताकि वाहन चालकों में डर बना रहे। इसके अलावा स्कूलों के प्रधानाचार्यों को भी यह स्पष्ट निर्देश जारी किए जाने की तैयारी है कि वे अपने यहां अनुबंधित सभी वाहनों की सुरक्षा का पूरा लेखा-जोखा समय-समय पर जिला परिवहन कार्यालय को अनिवार्य रूप से उपलब्ध कराएं। सरकार और प्रशासन का मुख्य उद्देश्य यही सुनिश्चित करना है कि बच्चे सुरक्षित माहौल में अपने घर से स्कूल तक की यात्रा पूरी कर सकें और किसी भी प्रकार की कोताही को कतई बर्दाश्त न किया जाए।