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एलडीए की कार्रवाई: कानपुर-लखनऊ एक्सप्रेसवे की गंभीर खामियों पर पीएनसी इन्फ्राटेक को नोटिस जारी

कानपुर-लखनऊ एक्सप्रेसवे निर्माण कार्य में पाई गई भारी अनियमितताओं और तकनीकी कमियों को लेकर लखनऊ विकास प्राधिकरण ने कड़ा रुख अपनाया है। निर्माण कार्य संभाल रही एजेंसी पीएनसी इन्फ्राटेक को आधिकारिक नोटिस थमाते हुए स्पष्टीकरण मांगा गया है। इस कदम से निर्माण क्षेत्र में प्रशासनिक निगरानी और गुणवत्ता नियंत्रण को लेकर हड़कंप मच गया है।

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Ankit Yadav
21 सित 2026, 11:22
एलडीए की कार्रवाई: कानपुर-लखनऊ एक्सप्रेसवे की गंभीर खामियों पर पीएनसी इन्फ्राटेक को नोटिस जारी

निर्माण कार्य में गंभीर कमियों पर लखनऊ विकास प्राधिकरण की सख्त कार्रवाई कानपुर और लखनऊ को आपस में जोड़ने वाले महत्वपूर्ण एक्सप्रेसवे के निर्माण कार्य में लगातार मिल रही शिकायतों और तकनीकी खामियों के बाद लखनऊ विकास प्राधिकरण ने अत्यंत कड़ा कदम उठाते हुए निर्माण एजेंसी पीएनसी इन्फ्राटेक को औपचारिक रूप से नोटिस जारी किया है। इस परियोजना के तहत सड़क निर्माण की गुणवत्ता, सुरक्षा मानकों और तय समय सीमा का पालन करने के संबंध में कई प्रकार की गंभीर अनियमितताएं सामने आई थीं, जिनकी उच्च स्तर पर समीक्षा की गई। प्राधिकरण के वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा किए गए स्थलीय निरीक्षण और तकनीकी जांच के दौरान यह पाया गया कि निर्माण कार्य में तय किए गए मानकों की अनदेखी की जा रही है, जिससे भविष्य में आवागमन करने वाले यात्रियों की सुरक्षा पर बड़ा संकट खड़ा हो सकता था। इन सभी तथ्यों को गंभीरता से संज्ञान में लेते हुए संबंधित निर्माण कंपनी को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है और उससे अविलंब अपनी स्थिति स्पष्ट करने को कहा गया है।

बुनियादी ढांचा परियोजनाओं में गुणवत्ता मानकों की अनदेखी और प्रशासनिक दायित्व किसी भी बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट जैसे एक्सप्रेसवे या हाईवे के निर्माण में जनता के धन का उपयोग होता है और इसके साथ लाखों नागरिकों की सुरक्षा जुड़ी होती है, इसलिए इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही या कोताही को प्रशासनिक स्तर पर कभी भी नजरअंदाज नहीं किया जा सकता है। भारत में जब भी इस तरह की विशाल सड़क परियोजनाएं धरातल पर उतारी जाती हैं, तो उनके लिए कड़े इंजीनियरिंग मानक, सामग्री परीक्षण के नियम और चरणबद्ध निगरानी की व्यवस्था तय की जाती है, ताकि निर्माण की उम्र लंबी हो सके और दुर्घटनाओं की गुंजाइश को पूरी तरह से समाप्त किया जा सके। लखनऊ और कानपुर के बीच यात्रा को सुगम और तेज बनाने के महत्वाकांक्षी उद्देश्य से शुरू किए गए इस एक्सप्रेसवे प्रोजेक्ट में यदि शुरुआती दौर में ही इस तरह की संरचनात्मक और तकनीकी त्रुटियां सामने आने लगें, तो यह पूरे शहरी विकास और नियोजन तंत्र पर एक बड़ा प्रश्नचिह्न खड़ा कर देता है। लखनऊ विकास प्राधिकरण जैसी प्रमुख संस्थाओं की यह नैतिक और विधिक जिम्मेदारी होती है कि वे हर एक निर्माण कार्य की पाई-पाई का हिसाब रखें और जनता के गाढ़े पसीने की कमाई से बन रहे इन प्रोजेक्ट्स की गुणवत्ता से किसी भी निजी कंपनी को खिलवाड़ न करने दें।

नोटिस के बाद पीएनसी इन्फ्राटेक पर शिकंजा और भविष्य की सुधारात्मक कार्रवाई लखनऊ विकास प्राधिकरण द्वारा पीएनसी इन्फ्राटेक को थमाए गए इस कड़े नोटिस के बाद से निर्माण एजेंसी के भीतर खलबली मच गई है और कंपनी को तय समय सीमा के भीतर सभी आपत्तियों का संतोषजनक जवाब देना होगा। यदि निर्माण कंपनी संतोषजनक स्पष्टीकरण या खामियों को दूर करने का कोई ठोस प्रस्ताव प्रस्तुत करने में असफल रहती है, तो प्राधिकरण की तरफ से और भी अधिक दंडात्मक कदम उठाए जा सकते हैं, जिनमें भारी वित्तीय जुर्माना लगाने से लेकर भविष्य के ठेकों से ब्लैकलिस्ट करने जैसी बड़ी प्रशासनिक कार्रवाइयां भी शामिल हो सकती हैं। इस पूरी घटनाक्रम से उत्तर प्रदेश के अन्य बड़े निर्माण प्रोजेक्ट्स में काम कर रही दूसरी एजेंसियों को भी एक कड़ा संदेश गया है कि यदि उन्होंने सड़क निर्माण या अन्य विकास कार्यों में गुणवत्ता से समझौता किया, तो शासन और प्रशासन किसी भी स्तर पर नरमी नहीं बरतेगा। आने वाले दिनों में एलडीए के तकनीकी विशेषज्ञों की एक विशेष टीम फिर से स्थल का दौरा करेगी और यह सुनिश्चित करेगी कि नोटिस में उठाई गई सभी कमियों को पूरी तरह से दुरुस्त किया जाए ताकि आम जनता को सुरक्षित और उच्च कोटि की सड़क सुविधा मिल सके।

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