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एलिवेटेड रोड में रिसाव: बंथरा के बाद गौरी बाजार में पानी टपका

लखनऊ कानपुर एक्सप्रेस वे की एलिवेटेड सड़क से पानी टपकने की नई परेशानी सामने आई है। बंथरा के बाद अब सरोजनीनगर के गौरी बाजार क्षेत्र में भी छत से तेज धार में पानी नीचे गिरने की घटना रिकॉर्ड की गई है।

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Ankit Yadav
29 सित 2026, 11:29
एलिवेटेड रोड में रिसाव: बंथरा के बाद गौरी बाजार में पानी टपका

गौरी बाजार में एलिवेटेड रोड से पानी का रिसाव

लखनऊ कानपुर एक्सप्रेस वे के अंतर्गत आने वाले सरोजनीनगर के गौरी बाजार इलाके में एलिवेटेड सड़क से पानी टपकने का नया मामला सामने आया है। शनिवार की शाम को हुई भारी बारिश के दौरान लक्ष्मण नर्सरी के पास स्थित पीपल के पेड़ के सामने यह तकनीकी समस्या देखी गई। वहां मौजूद लोगों ने देखा कि एलिवेटेड सड़क की ऊपरी छत से पानी तेज धार के साथ नीचे बने डिवाइडर के ऊपर गिर रहा था। अगले दिन यानी रविवार को जब बारिश धीमी हो गई और हल्की बूंदाबांदी ही हो रही थी, तब भी उस हिस्से से पानी की बूंदें लगातार नीचे की तरफ गिरती रहीं। स्थानीय निवासियों ने जानकारी दी कि शनिवार को मूसलाधार बारिश के वक्त पानी बहुत तेजी से नीचे आ रहा था और बरसात पूरी तरह थम जाने के बाद भी टपकना जारी रहा। लोगों का मानना है कि छत की सतह पर किसी जगह जमा हुआ पानी ही किसी छिद्र या जोड़ के रास्ते से नीचे की ओर आ रहा है। हालांकि इस प्रकार की लीकेज किस निश्चित बिंदु से हो रही है और इसके पीछे की तकनीकी वजह क्या है, यह बात किसी भी प्रकार की आधिकारिक जांच प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही पूरी तरह साफ हो सकेगी।

मरम्मत कार्यों के बीच नई जगह से पानी टपकना

बंथरा इलाके में स्थित लखनऊ कानपुर एक्सप्रेस वे की इस एलिवेटेड सड़क पर पहले ही दो दर्जन से अधिक अलग अलग स्थानों पर पानी टपकने की गंभीर शिकायतें दर्ज की जा चुकी हैं। इन तमाम शिकायतों के सामने आने के बाद संबंधित निर्माण एजेंसी ने एलिवेटेड सड़क में बने छेदों और दरारों को भरने का मरम्मत कार्य शुरू किया था जो अभी तक पूरी तरह से समाप्त नहीं हो पाया है। मरम्मत करने वाली टीम का काम अभी चल ही रहा था कि इसी बीच गौरी बाजार की इस नई जगह से भी पानी टपकने की ताजा शिकायत सामने आ गई जिससे लोगों की चिंताएं और अधिक बढ़ गई हैं। स्थानीय लोगों के अनुसार जब से यह परियोजना शुरू हुई है, तब से बारिश के मौसम में इस तरह की समस्याएं लगातार सामने आ रही हैं जिससे निर्माण गुणवत्ता पर सवाल उठ रहे हैं। संबंधित निर्माण एजेंसी और ठेकेदारों द्वारा बंथरा में जो छेद भरने के प्रयास किए जा रहे थे, वे अभी धरातल पर पूरी तरह से मुकम्मल नहीं हो पाए हैं और उससे पहले ही दूसरा स्थान प्रभावित हो गया है। निर्माण कार्य से जुड़ी इस प्रकार की कमियों के कारण आम जनता और वाहन चालकों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है क्योंकि पानी गिरने से सड़क पर फिसलन जैसी स्थितियां भी बन जाती हैं।

देश के अन्य फ्लाईओवर में रिसाव की पुरानी घटनाएं

देश के दूसरे बड़े शहरों में भी पुलों और फ्लाईओवर जैसी बड़ी संरचनाओं से पानी के रिसाव के मामले समय समय पर सामने आते रहे हैं। अहमदाबाद शहर के गांधी ब्रिज और सरदार ब्रिज की तकनीकी जांच जब सीएसआईआर एंड एसईआरसी संस्था द्वारा की गई थी, तब वहां के कुछ हिस्सों में लोहे की सरिया के जंग खाने और उनके उजागर होने की स्थिति दर्ज की गई थी। उस जांच रिपोर्ट में पानी के रिसाव और बारिश के जल निकासी से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण पहलुओं का भी विशेष रूप से उल्लेख किया गया था जिससे संरचना की मजबूती प्रभावित होती है। कोलकाता शहर के बाघाजतिन फ्लाईओवर के संबंध में भी वहां से पानी के रिसाव और कंक्रीट की वास्तविक स्थिति को लेकर विशेषज्ञों की गंभीर चिंताएं सामने आ चुकी हैं। वर्ष 2017 के दौरान कोलकाता के उसी फ्लाईओवर से कंक्रीट का एक बड़ा हिस्सा अचानक नीचे सड़क पर गिरने की खतरनाक घटना भी घटित हुई थी। उत्तर प्रदेश के भीतर भी इस प्रकार की समस्याओं का इतिहास रहा है जहां राजधानी के डालीगंज अंडरपास में भी भारी बारिश के बाद पानी के रिसाव से जुड़ी कई तरह की शिकायतें स्थानीय नागरिकों द्वारा दर्ज कराई गई थीं। इस तरह के पुराने मामलों से यह स्पष्ट होता है कि बुनियादी ढांचे के निर्माण में जल निकासी और सीलिंग के कार्यों पर विशेष ध्यान देना कितना आवश्यक होता है।

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