एसए अपार्टमेंट के ध्वस्तीकरण का आदेश
लखनऊ विकास प्राधिकरण के विहित प्राधिकारी ने बारूदखाना क्षेत्र में स्थित एसए अपार्टमेंट को पूरी तरह से गिराने का आधिकारिक आदेश जारी कर दिया है। पिछले महीने इस बहुमंजिला इमारत के दो मुख्य पिलर क्षतिग्रस्त हो गए थे, जिसके बाद भवन की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंताएं पैदा हो गई थीं। एलडीए उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार ने इस ध्वस्तीकरण आदेश की पुष्टि करते हुए स्पष्ट किया कि बिल्डर को स्वयं यह निर्माण कार्य हटाने के लिए 14 दिनों का समय दिया गया है। यदि निर्धारित समय सीमा के भीतर आदेश का पालन नहीं किया जाता है, तो प्राधिकरण नियमानुसार अगली कार्रवाई के लिए स्वतंत्र होगा। यह इमारत अब रहने के लिहाज से सुरक्षित नहीं मानी जा रही है, जिसके चलते एलडीए ने तत्काल प्रभाव से कड़े कदम उठाने का निर्णय लिया है। प्रशासन की इस कार्रवाई का मुख्य उद्देश्य किसी भी बड़ी दुर्घटना को रोकना और निवासियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है, क्योंकि तकनीकी जांच में इसे खतरनाक श्रेणी में रखा गया है।
इमारत को संभालने के लिए हाइड्रोलिक जैक
एसए अपार्टमेंट की जर्जर स्थिति का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि भवन को गिरने से रोकने के लिए वर्तमान में 80 हाइड्रोलिक जैक लगाए गए हैं। ये जैक इसलिए लगाए गए थे ताकि अपार्टमेंट में रहने वाले लोग सुरक्षित तरीके से अपना सामान निकाल सकें। एक निजी एजेंसी द्वारा की गई तकनीकी जांच में इस भवन को बेहद खतरनाक बताया गया है, जिसके आधार पर ही ध्वस्तीकरण का फैसला लिया गया है। एलडीए की टीम अब इस पूरी प्रक्रिया की निगरानी कर रही है ताकि आदेश का अनुपालन समय पर सुनिश्चित हो सके। अधिकारियों के अनुसार, यदि बिल्डर स्वयं इसे नहीं गिराता है, तो प्राधिकरण खुद बुलडोजर चलाकर इसे ध्वस्त करेगा। इस मामले की गंभीरता को देखते हुए एलडीए ने किसी भी प्रकार की कोताही न बरतने के निर्देश दिए हैं। विभाग की नजरें अब पूरी तरह से बिल्डर की प्रतिक्रिया और अगले 14 दिनों की गतिविधियों पर टिकी हैं, ताकि इलाके में कोई अप्रिय स्थिति न बने।
निर्माण में खामियां और पुरानी पृष्ठभूमि
एसए अपार्टमेंट के मामले में सामने आया है कि इसके निर्माण में मानकों का उल्लंघन किया गया था। रिकॉर्ड के अनुसार, 25 मई 2009 को आवेदन के बाद 12 अगस्त 2009 को केवल तीन मंजिल का नक्शा पास किया गया था, लेकिन इसके ऊपर अतिरिक्त तीन मंजिलों का निर्माण बिना किसी स्वीकृत नक्शे के किया गया। यही अवैध हिस्सा अब भवन की मजबूती के लिए खतरा बन गया है। पूर्व में भी लखनऊ के अलीगंज इलाके में एक अवैध कॉम्प्लेक्स में आग लगने की घटना के बाद एलडीए ने बुलडोजर चलाकर उसे ध्वस्त किया था। एसए अपार्टमेंट का यह मामला भी उसी कड़ी का हिस्सा है जहाँ सुरक्षा के साथ खिलवाड़ करने वाले निर्माणों पर प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। शहर में अवैध निर्माणों के खिलाफ चल रहे इस अभियान के तहत एलडीए अब उन सभी भवनों की पड़ताल कर रहा है जिनकी स्थिति चिंताजनक है। निवासियों के लिए यह चेतावनी है कि वे सुरक्षित और वैध निर्माणों में ही निवेश करें ताकि भविष्य में ऐसी असुरक्षित स्थिति का सामना न करना पड़े।