मंडुवाडीह में बुधवार तड़के फिर धधकी आग
वाराणसी जिले के प्रमुख संवाददाता के अनुसार मोढ़ैला क्षेत्र के मंडुवाडीह इलाके में एक पंखा फैक्टरी का बड़ा गोदाम स्थित है। इसी गोदाम के अंदर बुधवार के दिन तड़के अचानक से आग दोबारा से धधक उठी। आग की तेज लपटों को दोबारा आसमान की ओर उठते देख आसपास के लोग बुरी तरह सहम गए थे। इस घटना की जानकारी मिलते ही दमकल विभाग की गाड़ियां तुरंत मौके पर रवाना हो गईं। दमकलकर्मियों ने घटनास्थल पर पहुंचकर मोर्चा संभाला और पानी की बौछारें शुरू कर दीं। लगातार एक घंटे तक चले बचाव अभियान के बाद कर्मियों ने इस नई आग पर पूरी तरह काबू पा लिया। स्थानीय नागरिकों ने राहत की सांस ली जब आग को पूरी तरह बुझा दिया गया। दोबारा आग भड़कने से इलाके में कुछ देर के लिए अफरातफरी का माहौल बन गया था। हालांकि समय रहते दमकल की टीम ने स्थिति को संभाल लिया और कोई बड़ा हादसा होने से टल गया।
सोमवार को लगी आग और मलबे का कारण
अग्निशमन विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों ने इस पूरे घटनाक्रम पर विस्तृत जानकारी साझा की है। अधिकारियों ने बताया कि इसी मोढ़ैला स्थित पंखा फैक्टरी और उसके गोदाम में सोमवार के दिन भीषण आग लग गई थी। यह भयंकर आग इतनी विकराल थी कि घटना के पूरे 48 घंटे बीत जाने के बाद भी यह पूरी तरह शांत नहीं हो सकी थी। बुधवार के दिन तड़के मलबे के भारी ढेर के नीचे दबी हुई छोटी चिंगारियां हवा के संपर्क में आ गईं। गोदाम के भीतर पंखा बनाने के कार्य में तथा फिनिशिंग प्रक्रिया के दौरान इस्तेमाल होने वाले तमाम प्रकार के ज्वलनशील रसायन रखे हुए थे। इन अत्यंत ज्वलनशील रसायनों की मौजूदगी के कारण दबी हुई चिंगारियां हवा पाते ही तुरंत भड़क उठीं। मलबे के नीचे हवा का संचार होने से आग ने एक बार फिर से विकराल रूप धारण कर लिया था। फायर ब्रिगेड के कर्मचारियों ने बहुत अधिक मशककत करके इस छिपी हुई आग को ढूंढा और शांत किया।
भवन की संरचना और इमारत पर मंडराता खतरा
इस लगातार सुलगती और भड़कती हुई आग की वजह से पूरी इमारत की संरचना गंभीर रूप से प्रभावित हो चुकी है। अग्निशमन और स्थानीय अधिकारियों ने बताया कि भीषण गर्मी और आग के प्रभाव से भवन की मुख्य बीम बुरी तरह झुक गई है। मुख्य बीम के झुक जाने की वजह से अब इस पूरी बिल्डिंग के अचानक ढह जाने का गंभीर खतरा लगातार मंडरा रहा है। सोमवार से सुलग रही इस आग ने निर्माण ढांचे को अंदर से कमजोर कर दिया है। प्रशासन इस खतरनाक स्थिति पर अपनी पैनी नजर बनाए हुए है ताकि किसी भी अनहोनी को समय रहते रोका जा सके। गोदाम के अंदर रखे रसायनों और मलबे की स्थिति के कारण हालात अभी भी चुनौतीपूर्ण बने हुए हैं। स्थानीय लोग इस बात से चिंतित हैं कि कमजोर हो चुकी यह इमारत कभी भी गिर सकती है। अधिकारियों द्वारा सुरक्षा के लिहाज से उचित एहतियाती कदम उठाए जा रहे हैं ताकि आसपास के लोगों को किसी भी प्रकार का नुकसान न पहुंचे।