वाराणसी में गंगा का जलस्तर बढ़ा
वाराणसी में पितृपक्ष के पावन अवसर पर गंगा नदी के जलस्तर में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। नदी का पानी बढ़ने के कारण जिला प्रशासन ने किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना को रोकने के लिए एहतियातन नावों के संचालन पर पूरी पाबंदी लगा दी है। पितृपक्ष के इन दिनों में गंगा घाटों पर देश भर से आने वाले श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ रही है। जलस्तर में लगातार हो रही बढ़ोतरी की वजह से घाटों पर पानी का स्तर भी काफी ऊपर आ गया है, जिससे आने-जाने वाले लोगों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। हालात की गंभीरता को देखते हुए स्थानीय प्रशासन ने सभी संबंधित विभागों को पूरी तरह से मुस्तैद रहने के निर्देश दिए हैं ताकि किसी भी आपात स्थिति से तुरंत निपटा जा सके। श्रद्धालुओं की सुरक्षा को सर्वोपरि रखते हुए प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे घाटों का रुख करने से पहले जलस्तर की मौजूदा स्थिति की सही जानकारी अवश्य प्राप्त कर लें।
सुरक्षा के लिए एनडीआरएफ और जल पुलिस सक्रिय
बढ़ते जलस्तर और श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को ध्यान में रखते हुए एनडीआरएफ और जल पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था बेहद मजबूत कर दी है। दोनों सुरक्षा एजेंसियों की टीमें वाराणसी के सभी प्रमुख घाटों पर लगातार पेट्रोलिंग और गश्त कर रही हैं ताकि हर गतिविधि पर पैनी नजर रखी जा सके। सुरक्षा कर्मियों द्वारा घाटों पर मौजूद लोगों को लगातार जागरूक किया जा रहा है और उन्हें गहरे पानी में न जाने की कड़ी हिदायत दी जा रही है। जल पुलिस ने नदी में किसी भी प्रकार के नौकायन को रोकने के साथ-साथ घाटों की सुरक्षा के लिए अतिरिक्त पुलिस बल भी तैनात कर दिया है। प्रशासन के अधिकारी खुद स्थिति की निरंतर निगरानी कर रहे हैं और यह सुनिश्चित करने में जुटे हैं कि पितृपक्ष के अनुष्ठानों के दौरान किसी भी श्रद्धालु को कोई असुविधा या जोखिम का सामना न करना पड़े। अधिकारियों द्वारा लगातार यह अपील की जा रही है कि लोग सुरक्षा संबंधी सभी दिशा-निर्देशों का गंभीरता से पालन करें।
शीतला मंदिर में घुसा पानी और प्रशासन की अपील
गंगा नदी का जलस्तर बढ़ने से प्रसिद्ध शीतला मंदिर परिसर के भीतर भी पानी प्रवेश कर चुका है, जिसके कारण वहां नियमित पूजा-पाठ और अनुष्ठान कार्य काफी हद तक प्रभावित हुए हैं। मंदिर में पानी भरने से स्थानीय पुजारियों और दर्शनार्थियों को आवाजाही में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। जिला प्रशासन ने इस स्थिति के मद्देनजर सभी नागरिकों और श्रद्धालुओं से विशेष सावधानी बरतने की अपील की है। प्रशासन ने दो टूक शब्दों में कहा है कि लोग नदी के बढ़ते जलस्तर को पूरी तरह ध्यान में रखें और सुरक्षा के तय नियमों की अनदेखी बिल्कुल न करें। एनडीआरएफ और जल पुलिस के जवान आपातकालीन स्थितियों से निपटने के लिए हर समय पूरी तरह तैयार हालत में मुस्तैद हैं। पितृपक्ष के इस संवेदनशील समय के दौरान घाटों पर सुरक्षा का कड़ा पहरा बिठाया गया है ताकि किसी भी प्रकार की अनहोनी घटना से पूरी तरह बचा जा सके और सभी श्रद्धालु सुरक्षित रह सकें।