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कौशल विकास: जोधपुर के बिलाड़ा क्षेत्र में ग्रामीण महिलाओं के लिए हस्तशिल्प प्रशिक्षण शिविर का आज हुआ समापन

राजस्थान के जोधपुर जिले के बिलाड़ा क्षेत्र में पिछले एक महीने से ग्रामीण महिलाओं के लिए चल रहे हस्तशिल्प और कशीदाकारी प्रशिक्षण शिविर का आज सफलतापूर्वक समापन हो गया। इस शिविर में प्रशिक्षित महिलाओं को प्रमाण पत्र वितरित किए गए और उन्हें स्वरोजगार के लिए आवश्यक उपकरण भी सौंपे गए।

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Kantap News डेस्क
18 अग 2026, 17:31
कौशल विकास: जोधपुर के बिलाड़ा क्षेत्र में ग्रामीण महिलाओं के लिए हस्तशिल्प प्रशिक्षण शिविर का आज हुआ समापन
जोधपुर जिले के बिलाड़ा उपमंडल मुख्यालय पर आज ग्रामीण विकास एवं चेतना संस्थान द्वारा आयोजित एक माह लंबे हस्तशिल्प प्रशिक्षण शिविर का समापन समारोह हर्षोल्लास के साथ संपन्न हुआ। इस विशेष शिविर में क्षेत्र के विभिन्न गांवों से आई करीब डेढ़ सौ महिलाओं ने पारंपरिक राजस्थानी कढ़ाई, ब्लॉक प्रिंटिंग और लेदर क्राफ्ट का बारीकी से प्रशिक्षण प्राप्त किया। समापन समारोह के मुख्य अतिथि ने सभी महिलाओं को प्रमाण पत्र वितरित किए और उनके द्वारा तैयार की गई कलाकृतियों की प्रदर्शनी का अवलोकन किया। महिलाओं की इस प्रतिभा को देखकर उपस्थित सभी लोग हतप्रद रह गए क्योंकि उन्होंने बहुत कम समय में बेहद बारीक और आकर्षक डिजाइन तैयार किए थे।

स्वरोजगार की दिशा में मजबूत कदम

प्रशिक्षण के दौरान महिलाओं को केवल कला ही नहीं सिखाई गई, बल्कि उन्हें बैंक ऋण प्राप्त करने की प्रक्रिया, मार्केटिंग और अपने उत्पादों का उचित मूल्य तय करने के गुर भी सिखाए गए। संस्थान के समन्वयक ने बताया कि प्रशिक्षण प्राप्त करने वाली महिलाओं का एक स्वयं सहायता समूह बनाया गया है ताकि वे भविष्य में सामूहिक रूप से बड़े ऑर्डर ले सकें और अपने उत्पादों को सीधे बाजार में बेच सकें। कई बड़ी कंपनियों और स्थानीय व्यापारियों ने भी इन महिलाओं द्वारा तैयार किए गए उत्पादों में गहरी रुचि दिखाई है जिससे उनके आर्थिक सशक्तिकरण का मार्ग प्रशस्त हो गया है।

महिलाओं ने साझा किए अपने अनुभव

समापन समारोह के दौरान कई महिलाओं ने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि इस प्रशिक्षण ने उनके जीवन को एक नई दिशा दी है। पहले वे घरेलू कार्यों तक सीमित थीं, लेकिन अब वे अपने परिवार की आर्थिक स्थिति में योगदान देने में सक्षम हो गई हैं। स्थानीय प्रशासन ने आश्वासन दिया है कि आगामी मेलों और उत्सवों में इन महिलाओं के लिए विशेष स्टॉल निःशुल्क उपलब्ध कराए जाएंगे ताकि उनके हस्तशिल्प को उचित बाजार मिल सके। इस प्रकार के कौशल विकास कार्यक्रम ग्रामीण अंचल में महिलाओं की तकदीर और तस्वीर दोनों बदलने में कारगर साबित हो रहे हैं।
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