मौसम में बदलाव से बढ़ी बीमारियों की रफ्तार उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले में मौजूदा समय में मौसम का मिजाज पूरी तरह से बदल चुका है जिसके चलते आम जनजीवन पर इसका सीधा असर देखने को मिल रहा है। लगातार हो रही बारिश और उसके बाद वातावरण में बनने वाली भारी उमस की स्थिति ने लोगों की सेहत के लिए बड़ी मुश्किलें खड़ी कर दी हैं। स्थानीय स्वास्थ्य रिपोर्टों और अस्पतालों के आंकड़ों के अनुसार इस बदलते हुए मौसम के दौर में वायरल बुखार के मरीजों की संख्या में बेतहाशा वृद्धि दर्ज की गई है। इसके अलावा मच्छरों के पनपने के अनुकूल माहौल मिलने के कारण डेंगू और मलेरिया जैसी गंभीर वेक्टर जनित बीमारियों के मामले भी तेजी से सामने आ रहे हैं। उमस और पसीने के लगातार संपर्क में रहने के कारण त्वचा संबंधी संक्रमण यानी स्किन इन्फेक्शन के मरीजों की कतार भी स्थानीय चिकित्सा केंद्रों में लंबी होती जा रही है। चिकित्सक इस स्थिति को लेकर लगातार चेतावनी जारी कर रहे हैं क्योंकि जरा सी लापरवाही किसी भी स्वस्थ व्यक्ति को अपनी चपेट में ले सकती है और बीमारी को गंभीर रूप दे सकती है।
बरसात और उमस से पनपते हैं स्वास्थ्य खतरे भारतीय उपमहाद्वीप में मानसून के लौटने या विदा होने के समय इस तरह के मौसमी उतार-चढ़ाव आम माने जाते हैं लेकिन इनका स्वास्थ्य पर बहुत ही प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। जब आसमान में लगातार बादल छाए रहते हैं और बारिश के बाद जमीन से नमी भाप बनकर उड़ती है तो हवा में उमस का स्तर काफी बढ़ जाता है। इस प्रकार के उमस भरे और गर्म वातावरण में विभिन्न प्रकार के वायरस और बैक्टीरिया बहुत तेजी से पनपते हैं जो हवा और पानी के जरिए इंसानी शरीर में आसानी से प्रवेश कर जाते हैं। साथ ही जलभराव और साफ-सफाई की कमी के कारण एडीज मच्छरों के प्रजनन के लिए सबसे उपयुक्त परिस्थितियां तैयार हो जाती हैं जो डेंगू और चिकनगुनिया जैसी बीमारियों का मुख्य वाहक होते हैं। गोरखपुर जैसे घनी आबादी वाले क्षेत्रों में जल निकासी की समस्याओं और मौसमी बदलावों के मेल से यह खतरा और अधिक गंभीर रूप धारण कर लेता है। ऐसे मौसम में शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता भी अक्सर कमजोर पड़ जाती है जिससे संक्रमण का खतरा कई गुना तक बढ़ जाता है और लोग एक के बाद एक कई बीमारियों की चपेट में आने लगते हैं।
सतर्कता और एहतियात बरतने की सख्त जरूरत इस चुनौतीपूर्ण स्वास्थ्य स्थिति से निपटने के लिए जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की ओर से लगातार लोगों को जागरूक करने का प्रयास किया जा रहा है ताकि संक्रमण के प्रसार को समय रहते रोका जा सके। डॉक्टरों का स्पष्ट कहना है कि इस मौसम में जरा सी भी लापरवाही महंगी साबित हो सकती है इसलिए लोगों को अपने खानपान और साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखना चाहिए। पीने के पानी को हमेशा उबालकर इस्तेमाल करना चाहिए और अपने आसपास किसी भी परिस्थिति में पानी इकट्ठा नहीं होने देना चाहिए ताकि मच्छरों के लार्वा को पनपने से रोका जा सके। पूरी बांह के कपड़े पहनना और मच्छर भगाने वाली क्रीम का उपयोग करना इस समय सुरक्षा का एक बड़ा उपाय साबित हो सकता है। यदि किसी भी व्यक्ति को लगातार बुखार, बदन दर्द या त्वचा पर चकत्ते जैसी समस्याएं महसूस होती हैं तो उसे तुरंत किसी नजदीकी योग्य चिकित्सक से परामर्श करना चाहिए और बिना डॉक्टर की सलाह के कोई भी दवा खाने से बचना चाहिए।