राजस्थान और हरियाणा में ओलावृष्टि
शनिवार के दिन मौसम विभाग ने सात जिलों के भीतर तेज पानी गिरने की चेतावनी जारी की है। अलवर क्षेत्र में आंधी के साथ भारी पानी बरसा और ओले भी गिरे। इसके अलावा हरियाणा राज्य के रेवाड़ी और चरखी दादरी इलाकों में भी शुक्रवार को पानी के साथ ओले गिरने की घटना हुई। हरियाणा के कुल नौ जिलों के अंदर मौसम के मिजाज में यह बदलाव पश्चिमी विक्षोभ के आंशिक प्रभाव के कारण देखा जा रहा है। मौसम विभाग ने श्रीगंगानगर और भरतपुर जैसे क्षेत्रों में भी आंधी के साथ पानी बरसने की संभावना जताई है। स्थानीय नागरिकों को खराब मौसम के दौरान सतर्क रहने की सलाह दी गई है ताकि किसी भी तरह की असुविधा से बचा जा सके। इन इलाकों में तापमान में भी गिरावट दर्ज की गई है जिससे ठंडक बढ़ गई है। खेतों में खड़ी फसलों को लेकर किसानों की चिंता भी बढ़ गई है क्योंकि अचानक हुई इस ओलावृष्टि से नुकसान की आशंका जताई जा रही है।
दक्षिण भारत में भारी वर्षा का दौर
तमिलनाडु के साथ-साथ पुडुचेरी और कराईकल के क्षेत्रों में लगातार तेज आंधी के साथ पानी बरस रहा है। मदुरै शहर में लगातार हो रही भारी वर्षा की वजह से निचले हिस्सों में पानी जमा होने लगा है जिससे आम जनजीवन प्रभावित हुआ है। प्रशासन स्थिति पर नजर बनाए हुए है ताकि जलभराव से जूझ रहे इलाकों में राहत पहुंचाई जा सके। मौसम से जुड़े अधिकारियों ने आने वाले समय में भी इन दक्षिणी क्षेत्रों में बहुत अधिक वर्षा होने की आशंका जताई है। लगातार हो रही इन गतिविधियों के कारण निचले इलाकों के निवासियों को सुरक्षित स्थानों पर जाने या सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं। उधर मध्य प्रदेश के पश्चिमी हिस्से में पिछले आठ दिन से चल रहा पानी बरसने का सिलसिला अब पूरी तरह थम चुका है। मध्य प्रदेश के अमरकंटक इलाके में न्यूनतम तापमान गिरकर तेरह डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है जिससे वहां ठंड का अहसास होने लगा है।
उत्तराखंड और उत्तर भारत की स्थिति
उत्तराखंड के सात चुनिंदा जिलों के भीतर आज पानी बरसने की पूरी संभावना जताई गई है। इन जिलों में बागेश्वर, उत्तरकाशी, चमोली, पिथौरागढ़, रुद्रप्रयाग, टिहरी और देहरादून शामिल हैं जहां के लोगों को संभलकर रहने को कहा गया है। इसके अलावा बंगाल की खाड़ी के ऊपर एक चक्रवात बनने की संभावना बन रही है जिसके असर से उत्तर भारत के राज्यों में मौसम करवट लेगा। इस संभावित चक्रवात के प्रभाव से अट्ठाइस अक्टूबर से उत्तर प्रदेश के पूर्वी हिस्सों और बिहार राज्य में वर्षा की गतिविधियां शुरू हो सकती हैं। मौसम से जुड़े वैज्ञानिकों का ऐसा अनुमान है कि बिहार के कुछ चुनिंदा स्थानों पर उनतीस अक्टूबर के दौरान काफी भारी वर्षा हो सकती है। वाराणसी समेत पूर्वी उत्तर प्रदेश के तमाम इलाकों में भी अट्ठाइस अक्टूबर से मौसम पूरी तरह बदलने के संकेत मिल रहे हैं। इन सभी राज्यों में किसानों और आम जनता को आगामी मानसूनी बादलों की स्थिति पर नजर रखने के लिए कहा गया है ताकि किसी भी चेतावनी से समय रहते निपटा जा सके।