कंटाप
NEWS
शनिवार, 24 अक्तूबर 2026
Follow Us
ब्रेकिंग
नेहा बोरा को पीस बॉन्ड पर हस्ताक्षर करने होंगे, क्या होता है Peace Bond? सिग्नेचर ना करें तो क्या होगा      अज़रबैजान का अतेशगाह अग्नि मंदिर, जहाँ देवनागरी में लिखा है श्री गणेशाय नमः, जानिए इतिहास      फिलिपींस में ट्रेनिंग के दौरान हवा में आपस में टकराए वायुसेना के दो विमान, 4 पायलटों की मौत      ट्रम्प की ईरान पर फिर हमले की धमकी: तेहरान बोला- ऐसा किया तो समुद्र में बिछी इंटरनेट केबल काट देंगे; इससे ब...      नेहा बोरा ने कहा- पीस बॉन्ड पर साइन नहीं करूंगी      Tiger Shroff Firing Case Update: राधा-बबीता ने दी पिस्तौल, फिर मुंबई के घने जंगलों में की प्रैक्टिस... तब टाइगर को बनाया निशाना      'अरुणाचल बॉर्डर पर भारत और चीन आमने-सामने बने हुए हैं', आईटीबीपी डीजी के बयान पर सियासत गरमाई      लॉरेंस बिश्नोई का जानी दुश्मन, एल्विश के घर फायरिंग, कौन है मोस्ट वांटेड गैंगस्टर 'छोटा डॉन हिमांशु भाऊ'?     
SENSEX लोड हो रहा... | NIFTY लोड हो रहा... | GOLD (10g) ₹— | SILVER (10g) ₹— | USD/INR ₹— | CRUDE OIL $— | Uttar Pradesh — लोड हो रहा है | --:--:-- | लाइव अपडेट
@NewsKantap:
लोकल

सुरक्षा पर मंडराता खतरा: अपराधियों और आतंकियों के हाथ लगे सस्ते ड्रोन

दक्षिण-पूर्व एशिया के विभिन्न देशों में अवैध गतिविधियों के लिए मानवरहित उड़ने वाले उपकरणों का बड़े पैमाने पर इस्तेमाल किया जा रहा है। अपराधी गिरोह और चरमपंथी संगठन जेलों में प्रतिबंधित सामग्री पहुंचाने और जासूसी जैसी वारदातों को अंजाम दे रहे हैं।

A
Ankit Yadav
24 अक्ट 2026, 14:14
सुरक्षा पर मंडराता खतरा: अपराधियों और आतंकियों के हाथ लगे सस्ते ड्रोन

अवैध गतिविधियों में ड्रोन का बढ़ता उपयोग

दक्षिण-पूर्व एशिया क्षेत्र के कुल सात अलग-अलग देशों में उड़ने वाली इन मशीनों से जुड़ी गैरकानूनी गतिविधियां पुलिस और प्रशासन के सामने आई हैं। इन मामलों में मुख्य रूप से नशीले पदार्थों की अवैध ढुलाई और जेल के भीतर प्रतिबंधित सामान पहुंचाने जैसे गंभीर कृत्य शामिल हैं। अगस्त 2026 तक सामने आए कुल मामलों का छियासी प्रतिशत हिस्सा केवल मादक पदार्थों की तस्करी से जुड़ा हुआ पाया गया है। थाईलैंड देश के भीतर अधिकारियों ने कुल 4583 मानवरहित उपकरण जब्त किए हैं। इसके अलावा मलेशिया राष्ट्र में वर्ष 2024 के दौरान जेल परिसरों के अंदर मादक पदार्थ भेजने की कुलचोपन्न घटनाएं दर्ज की गईं। इसी प्रकार म्यांमार क्षेत्र में सक्रिय सशस्त्र विद्रोही समूहों ने विभिन्न स्थानों पर हजारों की संख्या में हवाई हमले किए हैं। इंडोनेशिया देश से सीरिया में सक्रिय चरमपंथियों तक इन उड़ने वाले उपकरणों के आवश्यक कलपुर्जे भेजने वाले एक बड़े नेटवर्क का भी पर्दाफाश हुआ है। चीन देश में निर्मित इन मशीनों और इनके पुर्जों को सामान्य व्यावसायिक नेटवर्क के माध्यम से अन्य देशों में भेजने की लगातार कोशिशें की जा रही हैं।

गिरफ्तारी और जेलों में तस्करी के मामले

इंडोनेशिया की राजधानी क्षेत्र में सितंबर 2024 के दौरान एक बड़े विदेशी दौरे के समय खतरनाक हमले की योजना बनाई गई थी जिसमें कुल सात आरोपियों को गिरफ्तार किया गया था। उन संदिग्धों के पास से एक बेहद छोटा उड़ने वाला उपकरण बरामद हुआ था। एक अन्य घटनाक्रम में इंडोनेशियाई भूभाग से सीरिया में सक्रिय आतंकवादी संगठन से जुड़े लड़ाकों तक पुर्जे पहुंचाने का षड्यंत्र रचा गया था। ये सभी उपकरण इंटरनेट के जरिए ऑनलाइन माध्यम से खरीदे गए थे। तस्करों ने इन्हें खाद्य सामग्रियों के बक्से में छिपाकर तुर्किये भेजा था और वहां से इन्हें सीरियाई सीमा के भीतर पहुंचाने की पुख्ता योजना बनाई थी। इस अवैध खरीद-फरोख्त की जांच के दौरान डिजिटल मुद्रा यानी क्रिप्टोकरेंसी के माध्यम से भुगतान किए जाने के पुख्ता सुबूत भी हाथ लगे हैं। मलेशिया की तापाह जेल में अगस्त 2024 के दौरान उड़ने वाली मशीन के जरिए मादक पदार्थ अंदर गिराने का मामला उजागर हुआ था। इसके बाद जुलाई 2026 में सुंगाई उदांग जेल के भीतर तंबाकू की खेप पहुंचाने का प्रयास कर रहे दो व्यक्तियों को रंगे हाथों पकड़ा गया। इंडोनेशिया की बांडुंग जेल में जून 2025 में बंदियों द्वारा इंटरनेट मीडिया के माध्यम से बाहर बैठे तस्करों से संपर्क करने की बात सामने आई थी।

सैन्य संघर्ष और वैश्विक हथियार बाजार

म्यांमार देश के भीतर सक्रिय विद्रोही संगठनों ने वर्ष 2024 तक सैकड़ों अलग-अलग स्थानों पर दो हजार से अधिक हवाई हमले किए हैं। इन लगातार हमलों ने वहां चल रहे सशस्त्र संघर्ष की पूरी रणनीति को ही बदलकर रख दिया है। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए वहां की सैन्य सरकार ने भी वर्ष 2023 के अंतिम महीनों से हवाई ताकत का उपयोग काफी बढ़ा दिया है। उन इलाकों में अब ऐसी तकनीक भी पहुंच चुकी है जो संकेतों को बाधित करने वाली जैमिंग तकनीक से बचाने में पूरी तरह सक्षम है। दूसरी ओर वैश्विक स्तर पर भारत देश एक प्रमुख हथियार निर्यातक राष्ट्र के रूप में उभरकर सामने आया है। व्यापार के आंकड़ों पर नजर रखने वाली संस्था के अनुसार रूस और यूक्रेन के बीच छिड़े युद्ध के बाद भारत ने यूरोपीय देशों को बड़ी मात्रा में गोला-बारूद की आपूर्ति की है। इस अवधि के दौरान भारत ने कुल 8271 करोड़ रुपये मूल्य के शेल और अन्य युद्धक सामग्री यूरोपीय बाजारों को भेजी है।

कंटाप
NEWS
होम 🇮🇳 देश 🗺️ राज्य 🌍 विदेश 🏛️ राजनीति 💼 व्यापार 🏏 खेल 🎬 मनोरंजन 💻 टेक्नोलॉजी 🏥 स्वास्थ्य 📚 शिक्षा 🕉️ धर्म वीडियो राशिफल खोज