दीवान बाजार में फैली गंदगी और राहगीरों की परेशानी गोरखपुर शहर के भीतर स्थित प्रमुख वाणिज्यिक और आवासीय क्षेत्र दीवान बाजार में स्थानीय प्रशासन की बड़ी लापरवाही का मामला सामने आया है जहाँ नाली की सफाई करने के बाद निकलने वाला सारा मलबा और सड़ा हुआ कचरा सीधे सड़क के बीचोंबीच छोड़ दिया गया है। पिछले दो दिनों से यह बदबूदार और दूषित मलबा सड़क पर ही बिखरा पड़ा है जिसके कारण इस मार्ग से गुजरने वाले आम नागरिकों, दुकानदारों और स्कूली बच्चों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। स्थिति यह हो गई है कि सड़क का एक बड़ा हिस्सा इस मलबे के कारण पूरी तरह से अवरुद्ध हो गया है जिससे वाहनों की आवाजाही में भी गंभीर बाधा उत्पन्न हो रही है। दोपहिया वाहन चालकों के लिए यह कचरा फिसलने का मुख्य कारण बन रहा है जिससे दुर्घटनाओं की आशंका लगातार बनी हुई है। स्थानीय व्यापारियों और निवासियों का कहना है कि सफाई कर्मचारियों द्वारा इस प्रकार बीच सड़क पर कचरा छोड़ देना अत्यंत गैर-जिम्मेदाराना रवैया है और इससे पूरे इलाके में संक्रामक बीमारियों फैलने का खतरा भी काफी ज्यादा बढ़ गया है।
शहरी स्वच्छता प्रबंधन और स्थानीय निकायों की कार्यशैली किसी भी शहर में स्वच्छता अभियान और सीवर तथा नाली की सफाई का मुख्य जिम्मा स्थानीय नगर निगम और संबंधित स्थानीय निकायों का होता है जिनका उद्देश्य नागरिकों को स्वच्छ और स्वस्थ वातावरण प्रदान करना होता है। सामान्य प्रक्रिया के तहत जब भी नालियों की सफाई की जाती है तो निकाले गए गाद और मलबे को तुरंत ढ ढक्कन वाले वाहनों या ट्रैक्टरों में लादकर शहर से दूर निर्धारित डंपिंग ग्राउंड तक पहुंचाया जाना अनिवार्य होता है ताकि आम जनता को कोई असुविधा न हो। परंतु जमीनी स्तर पर कई बार ठेकेदारों या सफाई कर्मियों की लापरवाही के चलते इन नियमों की पूरी तरह से अनदेखी कर दी जाती है जिसके परिणामस्वरूप मलबा सड़कों पर ही सूखने के लिए छोड़ दिया जाता है। इस प्रकार की अव्यवस्था न केवल प्रशासनिक लापरवाही को दर्शाती है बल्कि यह भी साबित करती है कि स्वच्छता अभियानों की निगरानी करने वाले अधिकारी अपने दायित्वों का सही ढंग से निर्वहन नहीं कर रहे हैं। जब समय पर कचरे का उठान नहीं होता है तो इससे न केवल सड़कों की सुंदरता नष्ट होती है बल्कि यातायात व्यवस्था भी चरमरा जाती है और नागरिकों के टैक्स के पैसों से चलने वाली व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े होने लगते हैं।
नागरिकों का रोष और तत्काल प्रशासनिक कार्रवाई की मांग दीवान बाजार के निवासियों और व्यापारियों में इस बात को लेकर तीव्र आक्रोश व्याप्त है कि बार-बार शिकायतों के बावजूद जिम्मेदार अधिकारियों द्वारा इस गंभीर समस्या की ओर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है। स्थानीय लोगों ने जिला प्रशासन और नगर निगम के उच्च अधिकारियों से यह पुरजोर मांग की है कि इस रास्ते पर पिछले दो दिनों से पड़े हुए इस सड़े हुए मलबे को तुरंत प्रभाव से हटवाया जाए ताकि लोगों को राहत मिल सके। इसके साथ ही नागरिकों ने यह भी मांग की है कि भविष्य में इस प्रकार की लापरवाही बरतने वाले सफाई कर्मियों और संबंधित ठेकेदारों के खिलाफ सख्त विभागीय कार्रवाई की जानी चाहिए ताकि आगे से कोई भी कर्मचारी इस तरह जनता के बीच गंदगी न फैलाए। यदि समय रहते इस मलबे का उठान नहीं किया गया तो स्थानीय लोग सड़कों पर उतरकर विरोध प्रदर्शन करने के लिए विवश हो सकते हैं, जिससे प्रशासनिक अधिकारियों की मुश्किलें और अधिक बढ़ सकती हैं। इस प्रकार की घटनाओं से यह स्पष्ट होता है कि शहर की बुनियादी सुविधाओं को दुरुस्त रखने के लिए केवल योजनाएं बनाने से काम नहीं चलेगा बल्कि जमीनी स्तर पर कड़े प्रशासनिक नियंत्रण और नियमित मॉनिटरिंग की अत्यंत आवश्यकता है।