रोहतक जिला उपायुक्त की ओर से शुभकामना संदेश विश्व पर्यटन दिवस के पावन अवसर पर रोहतक के जिला उपायुक्त ने प्रशासनिक स्तर पर अपनी ओर से शुभकामनाएं प्रसारित की हैं। उन्होंने अपने संदेश में इस बात पर विशेष बल दिया कि हमारे देश और विशेष तौर पर हरियाणा की मिट्टी में ऐतिहासिक और सांस्कृतिक धरोहरों का एक समृद्ध खजाना छिपा हुआ है जिसे सहेजना हम सबका सामूहिक दायित्व बनता है। डीसी कार्यालय की ओर से जारी इस संदेश में जिले के सभी निवासियों को प्रेरित किया गया कि वे अपने आसपास के ऐतिहासिक स्थलों और पर्यटक आकर्षणों के बारे में जानें तथा वहां की यात्रा करें ताकि स्थानीय संस्कृति को बढ़ावा मिल सके। प्रशासनिक अधिकारियों का मानना है कि इस तरह के विशेष दिवसों पर जब जनता को जागरूक किया जाता है, तो न केवल पर्यटन को गति मिलती है बल्कि समाज में अपनी विरासत के प्रति एक नया गौरव भाव भी जागृत होता है, जो हर नागरिक के लिए अत्यंत आवश्यक है।
क्षेत्रीय पर्यटन विकास और सांस्कृतिक धरोहरों का महत्व पर्यटन केवल सैर-सपाटा या मनोरंजन का साधन नहीं है, बल्कि यह किसी भी क्षेत्र की अर्थव्यवस्था, हस्तशिल्प और रोजगार सृजन का एक बहुत बड़ा मजबूत आधार होता है। रोहतक और इसके आसपास के इलाकों में कई ऐसी ऐतिहासिक जगहें, धार्मिक स्थल और सांस्कृतिक केंद्र मौजूद हैं जो पर्यटकों को अपनी ओर आकर्षित करने की पूरी क्षमता रखते हैं। जब सरकार और प्रशासन मिलकर पर्यटन को बढ़ावा देने की दिशा में कदम उठाते हैं, तो स्थानीय स्तर पर छोटे व्यवसायियों, होटल संचालकों, हस्तशिल्प कलाकारों और परिवहन चालकों को सीधा लाभ पहुंचता है। इस तरह के आयोजनों और शुभकामना संदेशों के माध्यम से लोगों को यह याद दिलाया जाता है कि वे अपने क्षेत्र की ऐतिहासिक पहचान को पहचानें और आने वाली पीढ़ियों के लिए इसे सुरक्षित रखें। सांस्कृतिक पर्यटन के विस्तार से न केवल बाहरी लोग यहां आते हैं बल्कि स्थानीय युवाओं को भी अपनी जड़ों से जुड़ने का एक बेहतरीन और सार्थक अवसर प्राप्त होता है।
भविष्य की संभावनाएं और नागरिकों की सहभागिता आने वाले समय में रोहतक जिले को एक प्रमुख सांस्कृतिक और पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करने के लिए कई योजनाओं पर काम किए जाने की उम्मीद है। जिला प्रशासन और पर्यटन विभाग मिलकर ऐसी कार्ययोजनाएं तैयार कर रहे हैं जिनसे पर्यटकों को आधुनिक सुविधाएं मिल सकें और वे यहां के ऐतिहासिक महत्व को आसानी से समझ सकें। हालांकि किसी भी पर्यटन स्थल की असली सफलता वहां के नागरिकों के सहयोग और आतिथ्य भाव पर निर्भर करती है, इसलिए हर आम नागरिक को इसमें अपनी सक्रिय भागीदारी निभानी होगी। जब स्थानीय लोग अपने मेहमानों का स्वागत करते हैं और स्वच्छता तथा सुरक्षा का पूरा ध्यान रखते हैं, तो उस क्षेत्र की छवि राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर और अधिक मजबूत होती है। इस प्रकार की पहलों से न केवल रोहतक का नाम पर्यटन मानचित्र पर और ऊंचे स्थान पर पहुंचेगा, बल्कि यहां के समग्र विकास को भी एक नई और सकारात्मक दिशा मिलेगी।