कंटाप
NEWS
शुक्रवार, 23 अक्तूबर 2026
Follow Us
ब्रेकिंग
'अरुणाचल बॉर्डर पर भारत और चीन आमने-सामने बने हुए हैं', आईटीबीपी डीजी के बयान पर सियासत गरमाई      Cyclone Alert: आ रहा चक्रवाती तूफान! इन राज्यों में होगी मूसलाधार बारिश; चेतावनी जारी      LIVE: AISA अध्यक्ष नेहा बोरा की याचिका पर दिल्ली हाईकोर्ट आज सुनाएगा फैसला      अमिताभ बच्चन का बंगला उड़ाने की धमकी: दिलजीत दोसांझ को जान से मारने का ई-मेल; 5 दिन पहले टाइगर श्रॉफ पर हुई...      गोल्डी ने कहा था- घर गिरा दो, वापस नहीं आऊंगा: लॉरेंस के साथ गैंगस्टर बना, अमेरिका को तलाश; पंजाब में घर खा...      न टैंक, न मिसाइल, फिर भी यूरोप के 13 देशों में बजा भारत के हथियारों का डंका, 1600% उछला एक्सपोर्ट      MLC Election Live: यूपी में मतदान सुस्त, पटना मे अनंत सिंह के समर्थकों ने की आतिशबाजी, 4 राज्यों में मतदान      'राहुल का ट्रैक रिकॉर्ड खुद कांग्रेस के लिए समस्या...', कांग्रेस पर बरसे सुधांशु त्रिवेदी     
SENSEX लोड हो रहा... | NIFTY लोड हो रहा... | GOLD (10g) ₹— | SILVER (10g) ₹— | USD/INR ₹— | CRUDE OIL $— | Uttar Pradesh — लोड हो रहा है | --:--:-- | लाइव अपडेट
@NewsKantap:
लोकल

सांस्कृतिक महाकुंभ: गोरखपुर में 19 और 20 दिसंबर को सजेगा अंतर्राष्ट्रीय भोजपुरी महोत्सव, 'भाई' सामान्य परिषद ने की रूपरेखा तैयार

उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले में आगामी 19 और 20 दिसंबर को अंतर्राष्ट्रीय भोजपुरी महोत्सव का भव्य आयोजन किया जाएगा, जिसकी तैयारियों को लेकर 'भाई' सामान्य परिषद ने आधिकारिक बैठक कर रूपरेखा तैयार कर ली है।

A
Ankit Yadav
20 सित 2026, 11:45
सांस्कृतिक महाकुंभ: गोरखपुर में 19 और 20 दिसंबर को सजेगा अंतर्राष्ट्रीय भोजपुरी महोत्सव, 'भाई' सामान्य परिषद ने की रूपरेखा तैयार

गोरखपुर की सांस्कृतिक जमीन पर एक बार फिर से भोजपुरी भाषा, कला और साहित्य का महाकुंभ सजने जा रहा है, जहाँ आने वाले 19 और 20 दिसंबर को अंतर्राष्ट्रीय भोजपुरी महोत्सव का आयोजन तय किया गया है। इस दो दिवसीय प्रतिष्ठित कार्यक्रम को सफल और भव्य बनाने के लिए 'भाई' सामान्य परिषद ने अपनी कमर कस ली है और हाल ही में हुई एक अहम बैठक के दौरान तमाम तैयारियों और कार्यक्रमों की रूपरेखा को अंतिम रूप दे दिया गया है। इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य वैश्विक स्तर पर भोजपुरी संस्कृति, लोक गीत, संगीत और पारंपरिक मूल्यों को एक नया मंच प्रदान करना है, ताकि देश-विदेश से आने वाले कलाकारों और साहित्य प्रेमियों को अपनी कला के प्रदर्शन का बेहतरीन अवसर मिल सके। परिषद के पदाधिकारियों का मानना है कि इस तरह के बड़े आयोजनों से न केवल क्षेत्रीय संस्कृति को बढ़ावा मिलता है बल्कि नई पीढ़ी को भी अपनी जड़ों और मातृभाषा से जुड़ने की प्रेरणा मिलती है।

इस महोत्सव के ऐतिहासिक आयोजन के पीछे भोजपुरी भाषा के संवर्धन और संरक्षण का एक लंबा इतिहास और संघर्ष जुड़ा हुआ है, जिसे अंतर्राष्ट्रीय फलक पर स्थापित करने के लिए विभिन्न सामाजिक और सांस्कृतिक संगठन लंबे समय से सक्रिय रहे हैं। 'भाई' सामान्य परिषद जैसी संस्थाएं इस दिशा में लगातार प्रयास कर रही हैं ताकि भोजपुरी को संविधान की आठवीं अनुसूची में और अधिक मजबूती मिलने के साथ-साथ वैश्विक स्तर पर एक स्वतंत्र और सम्मानित पहचान दिलाई जा सके। गोरखपुर को पूर्वी उत्तर प्रदेश का सांस्कृतिक और साहित्यिक केंद्र माना जाता है, जहाँ से भोजपुरी के कई दिग्गज साहित्यकार, नाटककार और लोक कलाकार निकल चुके हैं। ऐसे में, इस शहर में अंतर्राष्ट्रीय स्तर के इस महोत्सव का होना इस बात का प्रमाण है कि क्षेत्रीय संस्कृति अब स्थानीय सीमाओं को लांघकर वैश्विक मंच पर अपनी एक मजबूत और अमिट छाप छोड़ने के लिए पूरी तरह से तैयार है।

आगामी दिसंबर महीने में होने वाले इस दो दिवसीय आयोजन से गोरखपुर और आसपास के पूरे अंचल में भारी उत्साह का माहौल देखा जा रहा है, और स्थानीय प्रशासन के साथ-साथ सांस्कृतिक कमेटियां भी इसे ऐतिहासिक बनाने में जुट गई हैं। कार्यक्रम के दौरान देश के विभिन्न राज्यों के अलावा विदेशों से भी भोजपुरी भाषी विद्वानों, कलाकारों, लेखकों और फिल्म जगत से जुड़ी जानी-मानी हस्तियों के शामिल होने की पूरी संभावना जताई जा रही है। आयोजन समिति का यह भी प्रयास है कि इस महोत्सव के माध्यम से पारंपरिक लोक कलाओं जैसे बिरहा, चैती, विदेशिया औरजरी के साथ-साथ आधुनिक भोजपुरी संगीत और सिनेमा के सकारात्मक पहलुओं को भी प्रमुखता से प्रदर्शित किया जाए। उम्मीद की जा रही है कि यह महोत्सव गोरखपुर के सांस्कृतिक इतिहास में एक नया मील का पत्थर साबित होगा और भोजपुरी भाषा के वैश्विक विस्तार में एक मील का पत्थर सिद्ध होगा।

कंटाप
NEWS
होम 🇮🇳 देश 🗺️ राज्य 🌍 विदेश 🏛️ राजनीति 💼 व्यापार 🏏 खेल 🎬 मनोरंजन 💻 टेक्नोलॉजी 🏥 स्वास्थ्य 📚 शिक्षा 🕉️ धर्म वीडियो राशिफल खोज