लखनऊ में दो सौ से अधिक आशा कार्यकर्त्रियों का सम्मान उत्तर प्रदेश के सबसे प्रमुख महानगर लखनऊ में स्वास्थ्य व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए निरंतर अपनी सेवाएं देने वाली महिला कर्मियों के लिए एक विशेष आयोजन संपन्न हुआ। इस गरिमामयी समारोह के दौरान दो सौ से अधिक आशा कार्यकर्त्रियों को उनके उत्कृष्ट कार्यों के लिए मंच पर सम्मानित किया गया। इस कार्यक्रम में मुख्य रूप से उन महिलाओं को सराहा गया जिन्होंने ग्रामीण और शहरी दोनों ही क्षेत्रों में स्वास्थ्य योजनाओं को आम जनता तक पहुंचाने का काम किया है। इस दौरान स्थानीय स्तर के कई अधिकारी और स्वास्थ्य विभाग से जुड़े लोग मौजूद रहे जिन्होंने इन महिला कर्मियों की पीठ थपथपाई और उनके समर्पण भाव की सराहना की। इस तरह के आयोजनों से जमीनी स्तर पर काम करने वाली महिलाओं का मनोबल काफी ऊंचा होता है और उन्हें अपने दैनिक कार्यों को और अधिक ऊर्जा के साथ पूरा करने की प्रेरणा मिलती है। इस आयोजन में शामिल होने वाली सभी कार्यकर्त्रियों के चेहरों पर एक अलग ही खुशी और गर्व का भाव साफ तौर पर दिखाई दे रहा था।
स्वास्थ्य व्यवस्था में जमीनी कार्यकर्ताओं की भूमिका और महत्व भारतीय स्वास्थ्य प्रणाली में आशा कार्यकर्त्रियों की भूमिका किसी भी अन्य पद जितनी ही महत्वपूर्ण और अनिवार्य मानी जाती है। ये महिलाएं अस्पताल और आम जनता के बीच एक मजबूत सेतु का काम करती हैं जो गर्भवती महिलाओं के पंजीकरण से लेकर नवजात शिशुओं के टीकाकरण तक की हर जरूरी जानकारी घर-घर तक पहुंचाती हैं। चाहे महामारी का कठिन दौर हो या फिर कोई अन्य राष्ट्रीय स्वास्थ्य अभियान, ये कार्यकर्त्री हमेशा सबसे आगे रहकर अपनी जान जोखिम में डालकर भी लोगों की सेवा करती हैं। लखनऊ जैसे बड़े प्रशासनिक केंद्र में इस तरह का सम्मान समारोह आयोजित होने से इन महिला कर्मियों के श्रम को उचित मान्यता मिलती है। आमतौर पर पर्दे के पीछे रहकर बिना किसी बड़े प्रशासनिक पद के ये महिलाएं समाज के स्वास्थ्य सूचकांक को सुधारने में अपना अमूल्य योगदान देती हैं। सरकार और विभिन्न सामाजिक संगठन भी यह अच्छी तरह समझते हैं कि जब तक जमीनी स्तर की इन कार्यकर्ताओं को उचित प्रोत्साहन और सम्मान नहीं मिलेगा, तब तक किसी भी स्वास्थ्य योजना को पूरी तरह से सफल बनाना संभव नहीं हो सकता है।
सम्मान के बाद भविष्य की योजनाओं और सुधारों पर चर्चा इस प्रकार के आयोजनों के संपन्न होने के बाद प्रशासनिक स्तर पर महिला स्वास्थ्य कर्मियों की कार्यप्रणाली को और अधिक सुगम बनाने की दिशा में चर्चाएं तेज हो जाती हैं। आने वाले दिनों में यह उम्मीद की जा रही है कि इन कार्यकर्त्रियों को अपने कार्यों को और बेहतर ढंग से अंजाम देने के लिए आधुनिक तकनीकी उपकरण और अन्य संसाधन आसानी से उपलब्ध कराए जाएंगे। समाज में इनके बढ़ते योगदान को देखते हुए यह बेहद जरूरी हो गया है कि इनकी कार्य स्थितियों में निरंतर सुधार किया जाए और इनकी समस्याओं का समय पर समाधान निकाला जाए। इस भव्य सम्मान समारोह के बाद लखनऊ जिले की अन्य स्वास्थ्य इकाइयों में भी इसी तरह के कार्यक्रम आयोजित किए जाने की सुगबुगाहट शुरू हो गई है ताकि अधिक से अधिक महिलाओं का उत्साहवर्धन किया जा सके। जानकारों का मानना है कि यदि जमीनी स्तर के इन स्वास्थ्य योद्धाओं का इसी प्रकार मनोबल बढ़ाया जाता रहा, तो राज्य में मातृ मृत्यु दर और शिशु मृत्यु दर जैसे गंभीर मामलों में और भी अधिक तेजी से सुधार देखने को मिलेगा।