राजधानी लखनऊ में शैक्षणिक गतिविधियों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से भारत विकास परिषद द्वारा 'भारत को जानो' प्रतियोगिता का सफल आयोजन किया गया, जिसमें स्थानीय स्तर पर विभिन्न विद्यालयों के छात्र-छात्राओं ने बढ़-चढ़कर अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। इस बौद्धिक मुकाबले में कुल आठ अलग-अलग स्कूलों की टीमों ने हिस्सा लिया और भारत के इतिहास, संस्कृति, भूगोल, और समसामयिक विषयों पर आधारित कठिन प्रश्नों के उत्तर देकर अपनी मेधा का लोहा मनवाया। कार्यक्रम के दौरान सभी प्रतिभागियों का उत्साहवर्धन करने के लिए उनके शिक्षक और अभिभावक भी मौजूद रहे, जिससे प्रतियोगिता का माहौल बेहद ऊर्जावान और प्रतिस्पर्धात्मक बना रहा। निर्णायक मंडल की निगरानी में संपन्न हुए इस चरण के दौरान सभी टीमों के बीच कड़ा मुकाबला देखने को मिला, जहाँ हर एक विद्यालय के विद्यार्थियों ने अपनी तैयारी और ज्ञान का बेहतरीन नमूना पेश किया। अंत में बेहतर प्रदर्शन करने वाली विजेता टीमों को सम्मानित भी किया गया, जिससे छात्रों का मनोबल और अधिक ऊँचा हुआ।
भारत विकास परिषद द्वारा आयोजित की जाने वाली यह प्रतियोगिता देश भर में युवा पीढ़ी के भीतर राष्ट्रीय चेतना और सांस्कृतिक समझ को विकसित करने का एक बेहद महत्वपूर्ण माध्यम मानी जाती है। संगठन का मुख्य उद्देश्य स्कूली बच्चों को केवल किताबी ज्ञान तक सीमित न रखकर उनके देश की महान विरासत, परंपराओं और ऐतिहासिक घटनाओं से गहराई से परिचित कराना है ताकि वे एक जिम्मेदार नागरिक के रूप में विकसित हो सकें। इस तरह के आयोजनों के माध्यम से न केवल विद्यार्थियों की बौद्धिक क्षमता का परीक्षण होता है बल्कि उनमें सामूहिक भागीदारी, अनुशासन और स्वस्थ प्रतिस्पर्धा की भावना भी पैदा होती है। लखनऊ शहर में पिछले कई वर्षों से इस प्रकार की प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जा रहा है, जिससे स्थानीय स्तर पर शैक्षणिक संस्थानों और विद्यार्थियों के बीच एक सकारात्मक बौद्धिक वातावरण का निर्माण हुआ है। विभिन्न स्कूलों के प्रबंधन भी इस तरह की प्रतियोगिताओं को लेकर काफी उत्साहित रहते हैं क्योंकि इससे उनके छात्रों को एक बड़ा मंच और बहुमूल्य अनुभव प्राप्त होता है।
इस प्रतियोगिता के सफलतापूर्वक संपन्न होने के बाद अब विजेता टीमों के सामने अगले चरणों में और अधिक बेहतर प्रदर्शन करने की चुनौती होगी, जो उन्हें राज्य और राष्ट्रीय स्तर के मंचों तक पहुँचा सकती है। शिक्षाविदों और आयोजकों का मानना है कि इस प्रकार के बौद्धिक मंच छात्रों के सर्वांगीण विकास में मील का पत्थर साबित होते हैं और उन्हें भविष्य की बड़ी परीक्षाओं के लिए मानसिक रूप से तैयार करते हैं। आने वाले दिनों में परिषद द्वारा इस प्रतियोगिता के अगले दौर की रूपरेखा तैयार की जाएगी, जिसमें लखनऊ के विजेता छात्र अपने ज्ञान का परचम और ऊंचे स्तर पर लहराने का प्रयास करेंगे। इस आयोजन की सफलता ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि यदि युवाओं को सही दिशा और मंच मिले, तो वे अपने देश के इतिहास और संस्कृति को आत्मसात करने में कभी पीछे नहीं रहते हैं और पूरी तन्मयता के साथ अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करते हैं।