कंटाप
NEWS
शुक्रवार, 11 सितंबर 2026
Follow Us
ब्रेकिंग
शी जिनपिंग के दौरे की चीन पुष्टि क्यों नहीं कर रहा, क्या भारत ने अपनी अहम मांग छोड़ दी      भारत-रूस के बीच Su-57 फाइटर जेट डील संभव: पुतिन BRICS समिट के लिए दिल्ली पहुंचे; 2016 की गोवा समिट में S-40...      अपना ही 'उसूल' भूलीं मायावती, BSP में बढ़ी बहनजी की वंशबेल; अब छोटे भतीजे को भी कराई एंट्री      हूती विद्रोहियों ने रेड सी में मोखा पोर्ट पर किया क़ब्ज़ा- रिपोर्ट, सऊदी अरब के लिए बड़ा झटका      BRICS Summit: भारत आएंगे पेजेश्कियन तो एयरस्पेस में कितना खतरा? रूस-चीन से ज्यादा ईरान के प्लेन पर नजर      500 छात्र लापता, 31 टीचरों का नहीं मिल रहा सुराग... नेपाल बाढ़ के बाद स्कूलों में पसरा सन्नाटा      BRICS समिट पर कांग्रेस में मतभेद: चिदंबरम ने पूछा- देश को क्या मिला; थरूर बोले- 11 देश के नेताओं को एक मंच ...      चलती मुंबई लोकल से गिरी महिला, खचाखच भरी ट्रेन का वीडियो देख सुरक्षा उठे पर सवाल     
SENSEX लोड हो रहा... | NIFTY लोड हो रहा... | GOLD (10g) ₹ | SILVER (10g) ₹ | USD/INR ₹ | CRUDE OIL $ | Uttar Pradesh — लोड हो रहा है | --:--:-- | लाइव अपडेट
@NewsKantap:
लोकल

सीमा सुरक्षा: भारत-नेपाल सीमा पर वन अपराध रोकने के लिए संयुक्त गश्त और व्हाट्सएप ग्रुप का हुआ शुभारंभ

भारत और नेपाल की सीमा पर बढ़ते वन अपराधों पर लगाम कसने के लिए वन विभाग ने एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। बहराइच जिले में सुरक्षा और निगरानी को मजबूत करने के उद्देश्य से संयुक्त गश्त के साथ-साथ विशेष व्हाट्सएप ग्रुप और हॉटलाइन को सक्रिय किया गया है, ताकि दोनों तरफ के अधिकारी तुरंत सूचनाओं का आदान-प्रदान कर सकें।

A
Ankit Yadav
11 सित 2026, 11:24
सीमा सुरक्षा: भारत-नेपाल सीमा पर वन अपराध रोकने के लिए संयुक्त गश्त और व्हाट्सएप ग्रुप का हुआ शुभारंभ
उत्तर प्रदेश के सुदूर और संवेदनशील इलाकों में शुमार बहराइच जिले से सटी भारत-नेपाल सीमा पर वन्य जीवों की तस्करी और अवैध कटान जैसी घटनाओं को रोकने के लिए प्रशासन अब पूरी तरह से सतर्क हो गया है। हाल ही में उठाए गए इन नए कदमों के तहत दोनों देशों के सीमावर्ती क्षेत्रों में सुरक्षा एजेंसियों और वन कर्मियों द्वारा साझा गश्त अभियान शुरू किया गया है। इसका मुख्य उद्देश्य अवैध गतिविधियों पर पैनी नजर रखना और अपराधियों के मंसूबों को नाकाम करना है, जिससे बहुमूल्य प्राकृतिक संसाधनों और वन्यजीवों की रक्षा की जा सके।

व्हाट्सएप ग्रुप और हॉटलाइन से बढ़ी सतर्कता

पारंपरिक गश्त के अलावा इस बार आधुनिक संचार माध्यमों का भी भरपूर उपयोग किया जा रहा है। अधिकारियों के बीच आपसी तालमेल को और अधिक बेहतर बनाने के लिए एक विशेष संयुक्त व्हाट्सएप ग्रुप का निर्माण किया गया है, जिसके माध्यम से किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी पलक झपकते ही संबंधित अधिकारियों तक पहुंचाई जा सकती है। इसके साथ ही एक समर्पित हॉटलाइन सेवा भी शुरू की गई है, जो आपातकालीन परिस्थितियों में बेहद कारगर साबित होगी। इस तकनीकी पहल से सूचना तंत्र इतना मजबूत हो गया है कि किसी भी प्रकार की गड़बड़ी की भनक लगते ही त्वरित कार्रवाई करना संभव हो सकेगा। क्षेत्रीय जानकारों और लखनऊ स्थित मुख्यालय के रणनीतिकारों का मानना है कि उत्तर प्रदेश के इन सीमाई जिलों में वन सुरक्षा के मोर्चे पर यह रणनीति मील का पत्थर साबित हो सकती है। भारत और नेपाल के बीच की खुली सीमा का कई बार असामाजिक तत्व गलत फायदा उठाने की कोशिश करते हैं, लेकिन इस तरह के संयुक्त और आधुनिक प्रयासों से ऐसे अपराधियों में खौफ पैदा होगा। स्थानीय प्रशासन और वन अधिकारियों के बीच समन्वय बढ़ने से न केवल जंगलों की सुरक्षा सुनिश्चित होगी, बल्कि सीमावर्ती इलाकों में शांति और कानून व्यवस्था बनाए रखने में भी काफी मदद मिलेगी। आगामी दिनों में इस संयुक्त रणनीति के परिणामों की समीक्षा किए जाने की भी संभावना है, ताकि जरूरत पड़ने पर सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक पुख्ता किया जा सके। स्थानीय नागरिकों और पर्यावरण प्रेमियों ने भी इस पहल का स्वागत किया है और उम्मीद जताई है कि इससे जंगलों की अवैध कटान और वन्यजीवों की तस्करी पर पूरी तरह से लगाम लग सकेगी। वन विभाग के उच्च अधिकारी लगातार इस पूरी प्रक्रिया की मॉनिटरिंग कर रहे हैं ताकि किसी भी प्रकार की ढिलाई न बरती जाए और नेपाल से सटे संवेदनशील इलाकों में शांति कायम रहे।
कंटाप
NEWS
होम 🇮🇳 देश 🗺️ राज्य 🌍 विदेश 🏛️ राजनीति 💼 व्यापार 🏏 खेल 🎬 मनोरंजन 💻 टेक्नोलॉजी 🏥 स्वास्थ्य 📚 शिक्षा 🕉️ धर्म वीडियो राशिफल खोज