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व्यापारिक महाकुंभ: ग्रेटर नोएडा में 25 सितंबर से सजेगा यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो, जापान और रूस समेत 5 देश बने पार्टनर कंट्री
उत्तर प्रदेश की आर्थिक राजधानी लखनऊ से लेकर राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र तक उद्योग जगत में सुगबुगाहट तेज हो गई है। ग्रेटर नोएडा में आगामी 25 सितंबर से आयोजित होने जा रहे भव्य यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो को लेकर तैयारियां अपने अंतिम चरण में पहुंच चुकी हैं।
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Ankit Yadav
11 सित 2026, 14:13
उत्तर प्रदेश के औद्योगिक विकास को वैश्विक फलक पर एक नई पहचान देने के लिए ऐतिहासिक आयोजन की तैयारियां जोर-शोर से चल रही हैं। राज्य की राजधानी लखनऊ में बैठे नीति निर्माताओं और प्रशासनिक अधिकारियों की निगरानी में इस विशाल आयोजन के सभी पहलुओं को अंतिम रूप दिया जा रहा है। ग्रेटर नोएडा के विशाल प्रदर्शनी स्थल पर आगामी 25 सितंबर से शुरू होने वाले इस अंतरराष्ट्रीय व्यापार मेले में दुनिया भर के निवेशकों और खरीदारों की निगाहें टिकी हुई हैं। इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य प्रदेश के स्थानीय उत्पादों, पारंपरिक शिल्पों और आधुनिक उद्योगों को एक साझा मंच प्रदान करना है, जिससे निर्यात को बड़े पैमाने पर बढ़ावा मिल सके।
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बढ़ेगी भागीदारी
विभिन्न देशों की सक्रिय भागीदारी इस बार इस व्यापारिक महाकुंभ का मुख्य आकर्षण रहने वाली है। आयोजन समिति से मिली जानकारी के अनुसार, इस बार जापान और रूस सहित कुल पांच प्रमुख देशों को पार्टनर कंट्री के रूप में शामिल किया गया है। इन देशों की भागीदारी से न केवल द्विपक्षीय व्यापारिक रिश्तों को मजबूती मिलेगी, बल्कि राज्य के मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर को भी नई तकनीकों और वैश्विक बाजारों तक सीधी पहुंच का अवसर प्राप्त होगा। लखनऊ के उद्योग विभाग के अधिकारियों का मानना है कि ऐसे आयोजनों से उत्तर प्रदेश देश के सबसे बड़े मैन्युफैक्चरिंग और एक्सपोर्ट हब के रूप में तेजी से उभर रहा है, जिससे रोजगार के नए अवसर भी सृजित हो रहे हैं।
विभिन्न जनपदों के पारंपरिक उत्पादों को ओडीओपी (एक जिला, एक उत्पाद) योजना के तहत इस मंच पर विशेष रूप से प्रदर्शित किया जाएगा। छोटे और मध्यम उद्यमों यानी एमएसएमई सेक्टर से जुड़े उद्यमियों के लिए यह अपनी क्षमता दिखाने का एक स्वर्णिम अवसर साबित होगा। राज्य सरकार की मंशा है कि इस आयोजन के माध्यम से वैश्विक निवेशकों को उत्तर प्रदेश में उद्योग लगाने के लिए आकर्षित किया जाए और प्रदेश की कानून-व्यवस्था तथा बेहतर बुनियादी ढांचे का सकारात्मक संदेश पूरी दुनिया में प्रसारित किया जाए।
भव्य आयोजनों की रूपरेखा
मेले के दौरान विभिन्न सत्रों, सेमिनारों और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का भी आयोजन किया जाएगा, जिसमें देश-विदेश के उद्योगपति, व्यापार विशेषज्ञ और नीति निर्माता हिस्सा लेंगे। सुरक्षा, परिवहन और आवास की व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने के लिए स्थानीय प्रशासन ने कमर कस ली है ताकि आने वाले विदेशी मेहमानों और घरेलू आगंतुकों को किसी भी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े। पिछले संस्करणों कीार इस बार भी रिकॉर्ड संख्या में लोगों के आने की संभावना जताई जा रही है, जिससे स्थानीय व्यापार और आतिथ्य सत्कार उद्योग को भी एक नई गति मिलेगी।