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त्वरित समाधान: गाजियाबाद में केवल 20 मिनट में भरे जाएंगे सड़क के गड्ढे, अपनाई जाएगी नई ईकोफिक्स तकनीक

गाजियाबाद में सड़कों की बदहाली से निजात दिलाने के लिए लोक निर्माण विभाग ने एक बड़ा कदम उठाया है। अब शहर की सड़कों पर बने गड्ढों को भरने के लिए पारंपरिक और लंबी प्रक्रिया से राहत मिलने वाली है, जिससे आम जनता को बड़ी सुविधा होगी।

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Ankit Yadav
11 सित 2026, 11:51
त्वरित समाधान: गाजियाबाद में केवल 20 मिनट में भरे जाएंगे सड़क के गड्ढे, अपनाई जाएगी नई ईकोफिक्स तकनीक
गाजियाबाद में सड़कों की स्थिति को सुधारने और जनता को सुगम आवागमन प्रदान करने के उद्देश्य से लोक निर्माण विभाग (PWD) ने एक अभिनव पहल की शुरुआत की है। अक्सर देखा गया है कि बारिश के मौसम या भारी वाहनों की आवाजाही के कारण शहर की सड़कों पर गड्ढे बन जाते हैं, जिन्हें भरने में हफ्तों लग जाते थे और पारंपरिक तरीकों में काफी समय बर्बाद होता था। इसी समस्या का स्थायी और तेज समाधान निकालने के लिए अब प्रशासन द्वारा एक खास तकनीक का चयन किया गया है, जो आने वाले दिनों में सड़क मरम्मत के तरीकों को पूरी तरह से बदल कर रख देगी।

ईकोफिक्स तकनीक से खत्म होगा तारकोल का झंझट

इस नई व्यवस्था के तहत गाजियाबाद पीडब्ल्यूडी प्रशासन 'ईकोफिक्स तकनीक' को अपनाने जा रहा है। इस आधुनिक तकनीक की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि इसके माध्यम से सड़क पर बने किसी भी गड्ढे को महज बीस मिनट के भीतर पूरी तरह से भरकर दुरुस्त किया जा सकता है। पारंपरिक सड़क मरम्मत के दौरान तारकोल को पिघलाने, उसे फैलाने और उसके सूखने का लंबा इंतजार करना पड़ता था, जिसमें यातायात भी घंटों बाधित रहता था। अब इस नई विधि के आ जाने से तारकोल के इस्तेमाल और उससे जुड़ी तमाम परेशानियों से पूरी तरह से मुक्ति मिल जाएगी।

समय की बचत और यातायात व्यवस्था में सुधार

विशेषज्ञों का मानना है कि इस प्रणाली के इस्तेमाल से न केवल सरकारी विभागों का समय बचेगा, बल्कि सड़कों पर लगने वाले लंबे जाम से भी शहरवासियों को निजात मिलेगी। जब गड्ढों की मरम्मत मात्र बीस मिनट में हो जाएगी, तो रास्तों को बंद करने या ट्रैफिक डायवर्ट करने की आवश्यकता भी कम से कम पड़ेगी। उत्तर प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में सड़कों के आधुनिकीकरण की दिशा में यह कदम मील का पत्थर साबित हो सकता है, विशेषकर तब जब लखनऊ और अन्य प्रमुख शहरों में भी इस तरह की आधुनिक तकनीकों पर जोर दिया जा रहा है। आने वाले दिनों में इस तकनीक को धरातल पर उतारने के लिए विभागीय स्तर पर तैयारियां पूरी की जा रही हैं। स्थानीय नागरिकों और वाहन चालकों ने भी इस पहल का स्वागत किया है क्योंकि उन्हें उम्मीद है कि इससे उनकी रोजाना की यात्रा सुरक्षित और आरामदायक बनेगी। विभाग की इस योजना के सफल क्रियान्वयन के बाद, गाजियाबाद की सड़कों का नक्शा सुधरने की पूरी उम्मीद है और गड्ढों के कारण होने वाली दुर्घटनाओं में भी भारी कमी दर्ज की जा सकेगी।
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