सड़क निर्माण कार्य के कारण यातायात पर बड़ा प्रतिबंध स्थानीय प्रशासनिक और यातायात अधिकारियों द्वारा दी गई आधिकारिक जानकारी के अनुसार पटना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले मसौढ़ी मोड़ से लेकर जीरो माइल तक के महत्वपूर्ण मार्ग पर अगले 45 दिनों की लंबी अवधि के लिए चार पहिया और अन्य भारी तथा हल्के वाहनों के संचालन पर रोक लगा दी गई है। यह निर्णय इस मार्ग पर चल रहे आवश्यक निर्माण कार्यों, मरम्मत और सड़क चौड़ीकरण की परियोजनाओं को समय पर पूरा करने के लिए लिया गया है ताकि काम के दौरान किसी प्रकार की दुर्घटना न हो और श्रमिकों को सुरक्षित माहौल मिल सके। इस प्रतिबंध के दायरे में आने वाले इस व्यस्त हिस्से पर रोजाना हजारों वाहन गुजरते हैं, जिन्हें अब पूरी तरह प्रतिबंधित कर दिया गया है। निर्माण एजेंसी और स्थानीय पुलिस प्रशासन ने मिलकर यह सुनिश्चित किया है कि तय अवधि के दौरान आम जनता को कम से कम असुविधा हो और तय समय सीमा के भीतर ही सारे इंजीनियरिंग कार्य सफलतापूर्वक संपन्न किए जा सकें।
बुनियादी ढांचे के विकास और वैकल्पिक मार्गों की अनिवार्यता किसी भी बड़े शहरी इलाके में जब इस तरह के दीर्घकालिक निर्माण कार्य शुरू किए जाते हैं, तो उसका सीधा असर दैनिक यात्रियों, कार्यालय जाने वाले कर्मचारियों और मालवाहक गाड़ियों के आवागमन पर पड़ता है। बिहार की राजधानी पटना के इस व्यस्त हिस्से में बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए यह कदम उठाना बेहद जरूरी हो गया था क्योंकि पुरानी सड़कों पर लगातार बढ़ते दबाव के कारण यातायात जाम और सड़क हादसों की शिकायतें लगातार मिल रही थीं। ऐसे बड़े प्रोजेक्ट्स को अमलीजामा पहनाने के लिए आवश्यक है कि कुछ समय के लिए वाहनों के पारंपरिक और सीधे रास्तों को बंद कर दिया जाए ताकि तकनीकी दल बिना किसी बाधा के भारी मशीनों के साथ काम कर सकें। प्रशासन ने इस बात पर जोर दिया है कि विकास कार्यों के दौरान सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन किया जाना चाहिए। नागरिकों से भी अपील की गई है कि वे इस जनहित के कार्य में सहयोग करें और पारंपरिक रास्ते के बजाय सुझाए गए वैकल्पिक मार्गों का ही उपयोग करें ताकि शहर की समग्र परिवहन व्यवस्था सुचारू रूप से चलती रहे।
यात्रियों के लिए वैकल्पिक व्यवस्था और आगामी दिनों का असर मसौढ़ी मोड़ से जीरो माइल के बीच वाहनों के संचालन पर रोक लगने के बाद यातायात पुलिस विभाग ने ड्राइवरों और वाहन चालकों के लिए कई वैकल्पिक मार्गों की रूपरेखा तैयार की है, ताकि उन्हें अपने गंतव्य तक पहुंचने में अधिक परेशानियों का सामना न करना पड़े। स्थानीय प्रशासन ने विभिन्न चौराहों पर संकेत बोर्ड और पुलिस बल की तैनाती कर दी है ताकि लोगों को समय रहते नए रास्तों की जानकारी मिल सके और वे जाम में फंसने से बच सकें। हालांकि शुरुआती कुछ दिनों में इस बदलाव के कारण लोगों को थोड़ी असुविधा और अतिरिक्त समय का सामना करना पड़ सकता है, लेकिन लंबी अवधि में यह बदलाव इस पूरे क्षेत्र के यातायात को पूरी तरह से सुगम और सुरक्षित बना देगा। व्यापारिक संगठनों, स्थानीय निवासियों और दैनिक यात्रियों ने प्रशासन से यह भी अनुरोध किया है कि तय किए गए 45 दिनों की अवधि के भीतर ही सभी निर्माण कार्य पूरी गुणवत्ता के साथ समाप्त कर लिए जाएं ताकि लोगों को जल्द से जल्द राहत मिल सके और इस महत्वपूर्ण मार्ग पर पहले की तरह सामान्य आवाजाही फिर से शुरू हो सके।