कंटाप
NEWS
शुक्रवार, 23 अक्तूबर 2026
Follow Us
ब्रेकिंग
जो US लगा रहा था एक्स्ट्रा टैरिफ, अब वही पढ़ रहा कसीदे; भारत की तेल आयात नीति पर क्या बोले मार्को रुबियो      ‘उतनी तो श्रीहरिकोटा से लॉन्चिंग नहीं होती जितनी...', PM मोदी ने कांग्रेस पर कसा जोरदार तंज; जानें और क्या      फ़्रांस के राष्ट्रपति विदेशी नेताओं पर भड़के, 'इस्लामी और प्रवासी भीड़' के आरोप पर दिया जवाब      असम सरकार का बड़ा फैसला, रिटायरमेंट से 1 साल पहले शुरू होगी पेंशन की प्रक्रिया      टाइगर श्रॉफ फायरिंग केस: कोर्ट में फूट-फूटकर रोई राधा, अब पुलिस उगलवाएगी राज      सऊदी अरब में दो बांग्लादेशियों को मौत की सज़ा दिए जाने से जुड़े वे सवाल जो हैं अनसुलझे      कौन हैं निर्मला सीतारमण के पति परकला प्रभाकर जो प्रकाश राज और अभिजीत दिपके साथ CJP का प्रदर्शन में शामिल होंगे      ‘भारत हम सभी के लिए उम्मीद की किरण’, पोलैंड के प्रधानमंत्री ने की PM मोदी की जमकर तारीफ     
SENSEX लोड हो रहा... | NIFTY लोड हो रहा... | GOLD (10g) ₹— | SILVER (10g) ₹— | USD/INR ₹— | CRUDE OIL $— | Uttar Pradesh — लोड हो रहा है | --:--:-- | लाइव अपडेट
@NewsKantap:
मौसम

भयंकर तबाही: अठारह घंटे तक बाढ़ के पानी में फंसे रहे भाजपा विधायक

हाल ही में आई भारी बाढ़ के दौरान एक भारतीय जनता पार्टी के विधायक को गंभीर संकट का सामना करना पड़ा। वह लगभग अठारह घंटों तक जलभराव के बीच फंसे रहे और बाद में उन्होंने इस आपदा के लिए बड़े पैमाने पर अतिक्रमण और नए पुलों के निर्माण में तकनीकी खामियों को मुख्य कारण ठहराया।

A
Ankit Yadav
23 अग 2026, 15:55
भयंकर तबाही: अठारह घंटे तक बाढ़ के पानी में फंसे रहे भाजपा विधायक
देश के कई हिस्सों में मानसूनी बारिश और जलप्रलय ने जनजीवन को पूरी तरह से अस्त-व्यस्त कर दिया है। इसी आपदा के बीच एक जनप्रतिनिधि को भी अपनी जान बचाने के लिए कड़ा संघर्ष करना पड़ा। प्राप्त जानकारी के अनुसार, एक स्थानीय भाजपा विधायक भारी बाढ़ के कारण लगभग अठारह घंटे तक पानी के बीच एक सुरक्षित स्थान पर फंसे रहने को मजबूर हुए। इस दौरान बचाव और राहत कार्यों की स्थिति का जायजा लेते हुए उन्होंने खुद इस भयानक परिस्थिति का सामना किया, जिससे स्थानीय स्तर पर प्रशासनिक तैयारियों और बुनियादी ढांचे की पोल खुल गई है।

अतिक्रमण और पुलों की बनावट पर गंभीर सवाल

लंबी मशक्कत और सुरक्षित बाहर आने के बाद, विधायक ने इस भीषण तबाही के लिए सीधे तौर पर प्रशासनिक लापरवाही और मानवीय गलतियों को जिम्मेदार ठहराया है। उनका स्पष्ट रूप से कहना था कि जल निकासी के रास्तों पर अवैध कब्जे यानी अतिक्रमण और हाल ही में बनाए गए नए पुलों की दोषपूर्ण संरचना इस तबाही की मुख्य वजह बनी है। जब पानी का बहाव तेज हुआ, तो इन नए पुलों के डिजाइन में मौजूद खामियों और जलमार्गों में अतिक्रमण के कारण पानी सही से निकल नहीं पाया, जिसके परिणामस्वरूप आसपास के रिहायशी इलाकों और सड़कों पर भारी जलभराव हो गया और स्थिति नियंत्रण से बाहर हो गई। विशेषज्ञों का भी मानना है कि आधुनिक विकास और निर्माण कार्यों के दौरान प्राकृतिक जल स्रोतों और बहाव क्षेत्रों की अनदेखी करना अक्सर इस तरह की आपदाओं को बुलावा देता है। जब नदियां और नाले अतिक्रमण की चपेट में आ जाते हैं, तो थोड़ी सी भी अधिक बारिश होने पर पानी ओवरफ्लो होकर आबादी वाले क्षेत्रों में घुस जाता है। नए पुलों के निर्माण में यदि वाटर-वे यानी जल प्रवाह की क्षमता का सही आकलन न किया जाए, तो वे पुल खुद पानी के रास्ते में एक दीवार बन जाते हैं, जिससे बाढ़ का खतरा कई गुना बढ़ जाता है। इस घटना ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि शहरी और ग्रामीण नियोजन में पर्यावरण और प्राकृतिक जल चक्र का ध्यान रखना कितना अनिवार्य है।

आगे की प्रशासनिक कार्रवाई और राजनीतिक प्रतिक्रिया

इस घटना के सामने आने के बाद राजनीतिक गलियारों में भी हलचल तेज हो गई है और विपक्षी दलों के साथ-साथ स्थानीय नागरिक भी प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठा रहे हैं। यह स्थिति इसलिए भी ज्यादा महत्वपूर्ण हो जाती है क्योंकि जब एक सत्ताधारी दल का विधायक खुद इतने लंबे समय तक बाढ़ में फंसा रह सकता है, तो आम जनता की सुरक्षा का अंदाजा आसानी से लगाया जा सकता है। स्थानीय प्रशासन अब इस मामले में सक्रिय होता नजर आ रहा है और अनियोजित निर्माण तथा अवैध कब्जों के खिलाफ सख्त कदम उठाने की बात कही जा रही है। उम्मीद की जा रही है कि आने वाले दिनों में उन सभी नए पुलों और जलमार्गों की तकनीकी जांच कराई जाएगी जिनकी वजह से इस तरह की गंभीर जलभराव की स्थिति उत्पन्न हुई थी, ताकि भविष्य में ऐसी आपदाओं से बचा जा सके।
कंटाप
NEWS
होम 🇮🇳 देश 🗺️ राज्य 🌍 विदेश 🏛️ राजनीति 💼 व्यापार 🏏 खेल 🎬 मनोरंजन 💻 टेक्नोलॉजी 🏥 स्वास्थ्य 📚 शिक्षा 🕉️ धर्म वीडियो राशिफल खोज