राज्यभर में चलेगा विशेष कार्यक्रम
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने घोषणा की है कि भारतीय जनता पार्टी राज्य भर में बाइस अक्टूबर से तीस नवंबर के बीच एक विशेष जनहित और वैचारिक मुहिम का संचालन करेगी। इस संपूर्ण योजना के अंतर्गत प्रदेश के सभी तेरह जिलों में जनसंवाद आयोजनों के साथ साथ पदयात्राएं भी निकाली जाएंगी। इस पूरी कवायद का मुख्य उद्देश्य लोगों के बीच लोकतांत्रिक मूल्यों को मजबूत करना और केंद्र तथा राज्य प्रशासन की तमाम जनकल्याणकारी योजनाओं का प्रसार करना है। यह अभियान कुल दो चरणों में बंटा हुआ रहेगा जिसका प्रारंभिक चरण बाइस अक्टूबर से पांच नवंबर तक तय किया गया है। इसके बाद दूसरा और अंतिम चरण ग्यारह नवंबर से शुरू होकर महीने की तीस तारीख तक चलाया जाएगा। सरकार की इस कार्ययोजना के माध्यम से पार्टी के कार्यकर्ता सीधे तौर पर आम नागरिकों के बीच पहुंचकर अपनी बात रखेंगे और शासन की विभिन्न विकासपरक पहलों के बारे में विस्तार से चर्चा करेंगे ताकि आम जनता को योजनाओं का पूरा लाभ मिल सके।
विपक्ष की भूमिका पर तीखा प्रहार
पत्रकारों से संवाद के दौरान मुख्यमंत्री ने मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस पर जमकर निशाना साधा और उसकी कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े किए। उनका कहना था कि चुनाव में पराजय मिलने पर संवैधानिक संस्थाओं पर अंगुली उठाना और चुनाव आयोग की कार्यकुशलता पर संदेह जताना एक दोहरे रवैये को उजागर करता है। उन्होंने यह भी जोड़ा कि लोकतंत्र के भीतर जनता का फैसला हमेशा सर्वोपरि होता है जिसे हर राजनीतिक दल को स्वीकार करना चाहिए। विरोध दर्ज कराने का अधिकार हर किसी को है लेकिन इसके आड़ में किसी भी प्रकार की हिंसा या संवैधानिक गरिमा को आहत करना कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। कांग्रेस पार्टी की न्याय यात्रा का जिक्र करते हुए उन्होंने स्पष्ट किया कि विपक्ष को बिना किसी ठोस प्रमाण या तथ्यों के केवल हवा में आरोप लगाने से बचना चाहिए। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि जनता पहले भी इस प्रकार के आयोजनों के परिणाम भली-भांति देख चुकी है और इस बार भी नागरिक किसी प्रकार के बहकावे में आने वाले नहीं हैं। सरकार पूरी तरह से स्पष्टता और निष्पक्षता के साथ आगे बढ़ रही है और किसी को भी अनर्गल बयानों के जरिए भ्रम फैलाने की अनुमति नहीं दी जाएगी।
पदों और यात्राओं की विस्तृत रूपरेखा
अभियान के पहले चरण के तहत होने वाले प्रमुख आयोजनों की तारीखों और स्थानों की घोषणा भी कर दी गई है। इकतीस अक्टूबर को श्रीनगर गढ़वाल में पदयात्रा निकाली जाएगी जबकि दो नवंबर को राजधानी देहरादून में विशाल कार्यक्रम का आयोजन तय है। इसके अगले दिन यानी तीन नवंबर को ऊधम सिंह नगर जिले के रुद्रपुर में भी इसी प्रकार की पदयात्रा का संचालन किया जाएगा। विशेष तौर पर देहरादून में होने वाले इस आयोजन में दस हजार से अधिक नागरिकों के भाग लेने की पूरी संभावना जताई गई है। इसके अतिरिक्त पार्टी के एक नेता से जुड़े हालिया वायरल ऑडियो प्रकरण पर भी प्रतिक्रिया देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच अत्यंत आवश्यक है ताकि सच्चाई सभी के सामने आ सके। उन्होंने दोहराया कि सरकार हर स्थिति में न्याय के साथ खड़ी है और किसी भी निर्दोष के साथ अन्याय नहीं होने दिया जाएगा। देश प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कुशल नेतृत्व में निरंतर विकास और राजनीतिक स्थिरता के मार्ग पर आगे बढ़ रहा है जहां युवाओं की ऊर्जा का उपयोग राष्ट्र निर्माण और नवाचार में किया जाना चाहिए।