वाराणसी में स्नातक और शिक्षक एमएलसी चुनाव के लिए मतदान जारी
उत्तर प्रदेश के महत्वपूर्ण जिले वाराणसी में स्नातक और शिक्षक विधान परिषद यानी एमएलसी चुनाव के लिए मतदान की प्रक्रिया आज आरंभ हो चुकी है। इस निर्वाचन प्रक्रिया के तहत शहर के कुल 21 मतदान केंद्रों पर सुचारू रूप से वोट डाले जा रहे हैं। प्रशासन द्वारा चुनाव को शांतिपूर्ण और निष्पक्ष ढंग से संपन्न कराने के लिए सभी आवश्यक तैयारियां पहले ही पूरी कर ली गई थीं। निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित किया जा रहा है ताकि किसी भी मतदाता को अपने मताधिकार का प्रयोग करने में कोई असुविधा न हो। सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं ताकि सभी मतदान केंद्रों पर कानून-व्यवस्था पूरी तरह नियंत्रण में रहे। सुबह से ही केंद्रों पर मतदाताओं की आवाजाही देखी जा रही है और लोग लंबी कतारों में खड़े होकर अपने प्रतिनिधियों का चुनाव कर रहे हैं। इस पूरी चुनावी गतिविधि पर जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों की पैनी नजर बनी हुई है ताकि हर केंद्र पर स्थिति सामान्य और व्यवस्थित बनी रहे।
एक सौ दो बूथों पर चौहत्तर हजार से अधिक मतदाता करेंगे मतदान
प्राप्त जानकारी के अनुसार इस चुनाव के सुचारू संचालन के लिए वाराणसी क्षेत्र में कुल 102 बूथ बनाए गए हैं। इन सभी निर्धारित बूथों पर मिलाकर चौहत्तर हजार से अधिक लोग अपने मताधिकार का इस्तेमाल करेंगे। स्नातक और शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों के अंतर्गत आने वाले योग्य मतदाता अपने विवेक से अपने जनप्रतिनिधि चुनने के लिए पोलिंग बूथों का रुख कर रहे हैं। निर्वाचन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि सभी 102 बूथों पर मतदान कर्मियों को समय पर तैनात कर दिया गया था और इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों या मतपत्रों की व्यवस्था पूरी तरह चाक-चौबंद है। मतदान केंद्रों के बाहर भी मतदाताओं की सहायता के लिए विशेष काउंटर बनाए गए हैं जहां उन्हें पर्ची और अन्य जानकारियां दी जा रही हैं। विभिन्न राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि और प्रत्याशी भी अपने समर्थकों के साथ मतदान केंद्रों के बाहर स्थिति का जायजा लेते नजर आ रहे हैं। प्रशासन द्वारा यह सुनिश्चित किया गया है कि दिव्यांग और बुजुर्ग मतदाताओं के लिए भी केंद्रों पर विशेष सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं ताकि वे बिना किसी परेशानी के अपने वोट डाल सकें। इस प्रकार भारी संख्या में मतदाता लोकतांत्रिक पर्व में उत्साह के साथ हिस्सा ले रहे हैं।
एमएलसी चुनाव की पृष्ठभूमि और इस लोकतांत्रिक प्रक्रिया का महत्व
भारत की लोकतांत्रिक व्यवस्था में विधान परिषद के चुनाव बेहद महत्वपूर्ण माने जाते हैं जिनमें स्नातक निर्वाचन क्षेत्र और शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के लोग सीधे तौर पर अपने प्रतिनिधि चुनते हैं। स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में वे नागरिक वोट डालते हैं जिन्होंने कम से कम तीन साल पहले अपनी स्नातक की डिग्री पूरी कर ली हो और मतदाता सूची में अपना नाम दर्ज कराया हो। इसी प्रकार शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में मान्यता प्राप्त शिक्षण संस्थानों के शिक्षक और प्राध्यापक अपने बीच से ही विधान परिषद के सदस्य का चुनाव करते हैं। इस तरह के उच्च सदन के चुनाव समाज के प्रबुद्ध वर्ग की आवाज को सीधे विधानसभा और विधान परिषद के पटल तक पहुंचाने का काम करते हैं। वाराणसी में आयोजित हो रहे इस वर्तमान चुनाव से जुड़े सभी आंकड़े जिला निर्वाचन कार्यालय द्वारा पहले ही जारी कर दिए गए थे जिसके तहत 21 केंद्रों और 102 बूथों पर चौहत्तर हजार से ज्यादा मतदाताओं का यह बड़ा आंकड़ा तय किया गया था। चुनाव संपन्न होने के बाद मतपेटियों को सुरक्षित स्ट्रांग रूम में रखा जाएगा और निर्धारित तिथि पर मतगणना पूरी होने के बाद परिणामों की आधिकारिक घोषणा की जाएगी। इस पूरी चुनावी कवायद का उद्देश्य विधायी निकायों में शिक्षित वर्ग का उचित प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करना होता है जिससे नीति निर्माण की प्रक्रिया में उनकी राय को भी उचित स्थान मिल सके।