अखिलेश के दौरे से पूर्व सपा का आक्रामक रुख
समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव की प्रस्तावित अयोध्या यात्रा से ठीक पहले पार्टी के वरिष्ठ नेताओं ने भाजपा और चुनाव आयोग पर तीखे प्रहार किए हैं। अयोध्या में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान पार्टी सांसद अवधेश प्रसाद ने कहा कि आगामी विधानसभा चुनावों की रणनीति और लोकतंत्र की रक्षा के लिए अब पार्टी को सड़क पर उतरना होगा। उन्होंने समाजवादी पार्टी के स्थापना दिवस के अवसर पर कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए स्पष्ट किया कि पार्टी हर मोर्चे पर अपनी आवाज बुलंद करने के लिए तैयार है। राजीव राय ने इस दौरान संकेत दिए कि अखिलेश यादव का अयोध्या दौरा धार्मिक और वैचारिक दोनों दृष्टियों से महत्वपूर्ण है। उन्होंने आरोप लगाया कि पूर्व में जो भी अनैतिक गतिविधियां वहां संचालित हो रही थीं, उन्हें अब पार्टी द्वारा उजागर कर दिया गया है। इन बयानों ने राजनीतिक हलकों में हलचल पैदा कर दी है, क्योंकि पार्टी ने सीधे तौर पर राज्य सरकार और चुनाव आयोग के कामकाज पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर गंभीर सवाल
सपा नेताओं ने खुले तौर पर चुनाव आयोग की स्वतंत्रता और ईमानदारी पर गहरी शंकाएं व्यक्त की हैं। सांसद अवधेश प्रसाद का आरोप है कि वर्तमान में चुनाव आयोग अपनी संवैधानिक जिम्मेदारी निभाने के बजाय सरकार के दबाव में कार्य कर रहा है। उन्होंने तर्क दिया कि पिछले चुनावों के दौरान वोटिंग में व्यापक धांधली हुई थी, जिसकी निष्पक्ष जांच नहीं कराई गई। इसी प्रकार, सांसद राजीव राय ने भी आयोग की कार्यप्रणाली को कठघरे में खड़ा करते हुए कहा कि संस्था अब अपनी पुरानी साख खो चुकी है। सपा नेताओं ने सामूहिक रूप से यह संकल्प लिया है कि वे बाबासाहेब भीमराव अंबेडकर द्वारा प्रदत्त मताधिकार की सुरक्षा के लिए हर संभव संघर्ष करेंगे। इसके तहत प्रदेश के सभी जिलों में विरोध प्रदर्शन किए जाएंगे ताकि जनता को लोकतंत्र के महत्व के प्रति जागरूक किया जा सके। नेताओं का दावा है कि चुनाव आयोग के प्रति उनका यह विरोध प्रदर्शन तब तक जारी रहेगा जब तक संस्था की कार्यप्रणाली में पारदर्शिता सुनिश्चित नहीं हो जाती।
गठबंधन की रणनीति और 2027 चुनाव की तैयारी
समाजवादी पार्टी के दिल्ली स्थित सांसद रामा शंकर राजभर ने आगामी चुनावों में जीत के लिए गठबंधन की राजनीति को महत्वपूर्ण बताया है। उन्होंने कांग्रेस के साथ अपने सहयोग का जिक्र करते हुए कहा कि उनका मुख्य लक्ष्य भारतीय जनता पार्टी को सत्ता से बाहर करना है। राजभर ने स्पष्ट किया कि सीटों की संख्या से अधिक महत्वपूर्ण चुनाव में जीत हासिल करना है, इसलिए कांग्रेस को बड़े दावों के बजाय जमीनी रणनीति पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए। उन्होंने पूर्व के लोकसभा चुनावों का उदाहरण दिया जिसमें गठबंधन की मजबूती ने भाजपा को परास्त किया था। आगामी 2027 के विधानसभा चुनावों के लिए भी इसी तरह की रणनीति अपनाई जाएगी ताकि भाजपा को शिकस्त दी जा सके। पार्टी का मानना है कि इंडी गठबंधन की एकजुटता ही एकमात्र रास्ता है जिसके जरिए वे उत्तर प्रदेश में सत्ता परिवर्तन लाने में सफल होंगे। कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए उन्होंने यह भी दोहराया कि मुलायम सिंह यादव द्वारा स्थापित समाजवादी पार्टी का मूल उद्देश्य हमेशा से संविधान और लोकतंत्र को बचाना रहा है।