कंटाप
NEWS
शुक्रवार, 28 अगस्त 2026
Follow Us
ब्रेकिंग
नेपाल में बाढ़ : चीन पर उठ रहे सवालों पर क्या कह रहा है अंतरराष्ट्रीय मीडिया      Raksha Bandhan 2026 Shubh Muhurat LIVE: खत्म हुआ राहुकाल! फिर शुरू हुआ राखी का शुभ मुहूर्त, जानिए कब तक बां      अभिजीत दीपके ने अरविंद केजरीवाल को पछाड़ दिया! सर्वे में CJP चीफ ने चौंकाया      मुस्कान मर्डर केस में सामने आया CCTV वीडियो, हत्या के बाद भागता दिखा आरोपी इमरान      जोहरान ममदानी को RSS का करारा जवाब, X अकाउंट भी बहाल, मोहन भागवत की अमेरिका यात्रा पर बड़ा अपडेट      पाकिस्तान ने फंसाया एक और ‘मुर्गा’, सऊदी अरब-तुर्की के बाद इस देश के साथ मिलिट्री डील, बदले में क्या मिलेगा...      रिजिजू ने दिए संसद का विशेष सत्र बुलाने के संकेत, परिसीमन बिल पर टिकीं निगाहें; विपक्ष में हलचल      दिल्ली में ISI के जासूसी नेटवर्क का पर्दाफाश... स्पेशल सेल ने पति-पत्नी को किया गिरफ्तार, पाकिस्तान भेजते थे भारतीय SIM कार्ड     
SENSEX लोड हो रहा... | NIFTY लोड हो रहा... | GOLD (10g) ₹ | SILVER (10g) ₹ | USD/INR ₹ | CRUDE OIL $ | Uttar Pradesh — लोड हो रहा है | --:--:-- | लाइव अपडेट
@NewsKantap:
राजनीति

बड़ा दावा: सोनम वांगचुक के अनुसार मौजूदा हालातों में वर्ष 2047 तक विकसित राष्ट्र नहीं बन पाएगा भारत

प्रसिद्ध पर्यावरणविद् और शिक्षा सुधारक सोनम वांगचुक ने देश के भविष्य को लेकर एक बड़ा बयान दिया है। उनका कहना है कि यदि वर्तमान परिस्थितियां ऐसी ही बनी रहीं, तो भारत वर्ष 2047 तक विकसित राष्ट्र बनने का अपना लक्ष्य हासिल नहीं कर पाएगा।

X
Kantap News डेस्क
14 अग 2026, 11:06
बड़ा दावा: सोनम वांगचुक के अनुसार मौजूदा हालातों में वर्ष 2047 तक विकसित राष्ट्र नहीं बन पाएगा भारत
पर्यावरणविद् सोनम वांगचुक ने देश की मौजूदा व्यवस्था और नीतियों पर चिंता व्यक्त करते हुए एक नया बयान जारी किया है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि यदि देश के हालात इसी प्रकार चलते रहे, तो वर्ष 2047 तक भारत के एक विकसित राष्ट्र के रूप में उभरने की कल्पना साकार नहीं हो सकेगी। उनके इस बयान ने राजनीतिक और सामाजिक हलकों में एक नई बहस को जन्म दे दिया है।

सुधारों की सख्त जरूरत

वांगचुक का यह आकलन देश की वर्तमान दिशा और प्राथमिकताओं पर कई गंभीर सवाल खड़े करता है। उन्होंने संकेत दिया है कि शासन प्रणाली, पर्यावरणीय सुरक्षा और संसाधनों के सही इस्तेमाल के मोर्चे पर अभी बहुत कुछ बदला जाना बाकी है। जब तक जमीनी स्तर पर व्यापक सुधार नहीं किए जाते, तब तक भविष्य के बड़े लक्ष्यों को प्राप्त करना कठिन बना रहेगा। देशभर में उनके इस बयान को लेकर विभिन्न प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि वांगचुक की यह चेतावनी नीति निर्माताओं के लिए एक चेतावनी है, ताकि वे देश की विकास योजनाओं की समीक्षा कर सकें और उन्हें अधिक प्रभावी बना सकें।
कंटाप
NEWS
होम 🇮🇳 देश 🗺️ राज्य 🌍 विदेश 🏛️ राजनीति 💼 व्यापार 🏏 खेल 🎬 मनोरंजन 💻 टेक्नोलॉजी 🏥 स्वास्थ्य 📚 शिक्षा 🕉️ धर्म वीडियो राशिफल खोज