जो US लगा रहा था एक्स्ट्रा टैरिफ, अब वही पढ़ रहा कसीदे; भारत की तेल आयात नीति पर क्या बोले मार्को रुबियो
फ़्रांस के राष्ट्रपति विदेशी नेताओं पर भड़के, 'इस्लामी और प्रवासी भीड़' के आरोप पर दिया जवाब
‘CJP प्रोटेस्ट के लिए फंडिंग कहां से आती है?’ RSS के Indresh Kumar ने उठाए सवाल
Tiger Shroff Attack Case में बड़ा खुलासा, वारदात से पहले शूटरों ने की थी बंदूक चलाने की प्रैक्टिस, हुआ था म
सऊदी अरब में दो बांग्लादेशियों को मौत की सज़ा दिए जाने से जुड़े वे सवाल जो हैं अनसुलझे
'पहले ही बना दी बैड बॉय की इमेज', नेहा बोरा केस में HC की टिप्पणी पर सरकार की दलील- क्या ये दूध के धुले
PM बोले-कुछ लोग विदेशों में भारत को बदनाम कर रहे: कांग्रेस कब तक अपने फेल प्रोडक्ट की लॉन्चिंग के लिए देश क...
दिल्ली में AAP और कांग्रेस की पार्षद भिड़ीं, MCD सदन में खींचतान के बाद आई हाथापाई की नौबत
SENSEX लोड हो रहा...| NIFTY लोड हो रहा...| GOLD (10g) ₹—| SILVER (10g) ₹—| USD/INR ₹—| CRUDE OIL $—|Uttar Pradesh — लोड हो रहा है|--:--:--| लाइव अपडेट
बड़ा फैसला: झारखंड कैबिनेट ने रांची में स्टेट इनोवेशन पार्क, स्टेट रिसर्च पार्क और स्टेट टेक्नोलॉजी पार्क बनाने की दी मंजूरी
झारखंड सरकार ने राज्य में विज्ञान, तकनीकी विकास और स्टार्टअप संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए एक अहम निर्णय लेते हुए इनोवेशन पॉलिसी 2026 को मंजूरी प्रदान कर दी है, जिसके तहत राजधानी रांची में विभिन्न आधुनिक पार्कों का निर्माण किया जाएगा।
A
Ankit Yadav
26 अग 2026, 17:17
झारखंड सरकार ने राज्य में औद्योगिक विकास, वैज्ञानिक अनुसंधान और तकनीकी नवाचार को नई ऊंचाइयां देने के उद्देश्य से एक बड़ा और दूरदर्शी कदम उठाया है। हाल ही में संपन्न हुई झारखंड कैबिनेट की बैठक में नई इनोवेशन पॉलिसी 2026 पर अपनी मुहर लगा दी गई है। इस नीति के तहत राजधानी रांची में कई अत्याधुनिक परिसरों का विकास किया जाएगा, जिससे युवाओं और उद्यमियों को अपने नए विचारों को धरातल पर उतारने का बेहतरीन अवसर मिलेगा। सरकार के इस कदम से राज्य में रोजगार के नए अवसर पैदा होने की भी पूरी संभावना जताई जा रही है।
रांची में बनेंगे तीन विशेष पार्क
राजधानी रांची में इस नई नीति के तहत तीन प्रमुख और विशिष्ट पार्कों की स्थापना की जाएगी। इनमें स्टेट इनोवेशन पार्क, स्टेट रिसर्च पार्क और स्टेट टेक्नोलॉजी पार्क शामिल हैं। ये तीनों पार्क मिलकर एक ऐसा मजबूत पारिस्थितिकी तंत्र तैयार करेंगे, जहां विज्ञान, शोध और उद्योग जगत के लोग एक साथ मिलकर काम कर सकेंगे। राज्य सरकार का मानना है कि इन सुविधाओं के शुरू होने से स्थानीय प्रतिभाओं को बाहर जाने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी और वे अपने गृह राज्य में ही रहकर तकनीकी और वैज्ञानिक क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य कर सकेंगे।
आधुनिक समय में तकनीक और नवाचार किसी भी क्षेत्र के आर्थिक विकास की रीढ़ माने जाते हैं। झारखंड सरकार इस बात को अच्छी तरह समझती है कि पारंपरिक उद्योगों के साथ-साथ उभरती हुई तकनीकों में भी निवेश करना बेहद आवश्यक है। इसी दिशा में यह नीति मील का पत्थर साबित हो सकती है। इन पार्कों में स्थापित होने वाली विश्वस्तरीय सुविधाओं के माध्यम से आईटी सेक्टर, सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट, बायोटेक्नोलॉजी और अन्य वैज्ञानिक विधाओं से जुड़े स्टार्टअप्स को विशेष सहायता प्रदान की जाएगी। इसके अलावा, राज्य के शैक्षणिक संस्थानों और विश्वविद्यालयों के शोधार्थियों को भी इन पार्कों के जरिए अपने प्रोजेक्ट्स को आगे बढ़ाने में मदद मिलेगी।
विशेषज्ञों और उद्योग जगत की प्रतिक्रिया
विशेषज्ञों का मानना है कि इस प्रकार की नीतियों के क्रियान्वयन से देश-विदेश की बड़ी तकनीकी कंपनियां भी झारखंड की ओर आकर्षित होंगी। जब राज्य में अनुसंधान और तकनीक के लिए अनुकूल माहौल तैयार होगा, तो निवेश स्वतः ही बढ़ेगा। स्थानीय स्तर पर युवाओं को प्रशिक्षित करने और उन्हें उद्योग की आवश्यकताओं के अनुरूप ढालने के लिए इन पार्कों में विभिन्न प्रकार के प्रशिक्षण कार्यक्रम और इनक्यूबेशन सेंटर भी संचालित किए जा सकते हैं। इससे न केवल उद्यमिता को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि राज्य की आर्थिकी को भी मजबूती मिलेगी।
आगामी समय में इस नीति के तहत निर्माण कार्यों को तेजी से आगे बढ़ाने और निर्धारित समयसीमा के भीतर परियोजनाओं को पूरा करने की योजना पर काम चल रहा है। सरकार विभिन्न विभागों के साथ समन्वय स्थापित कर रही है ताकि भूमि आवंटन और अन्य प्रशासनिक प्रक्रियाएं बिना किसी बाधा के पूरी की जा सकें। झारखंड के युवाओं, उद्यमियों और तकनीकी क्षेत्र से जुड़े तमाम हितधारकों के लिए यह निर्णय एक बड़े उपहार के रूप में सामने आया है, और आने वाले वर्षों में इसके सकारात्मक परिणाम देखने को मिलेंगे।