Lucknow Desk : सोमवार को उत्तर प्रदेश के बलिया में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने जोरदार प्रदर्शन किया। जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष उमाशंकर पाठक के नेतृत्व में कार्यकर्ता सड़क पर उतरे और नारेबाजी करते हुए अपना विरोध दर्ज कराया। प्रदर्शन के दौरान मुख्य चुनाव आयुक्त का प्रतीकात्मक पुतला भी फूंका गया। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने और उनके खिलाफ कार्रवाई की मांग की। पार्टी नेताओं का कहना है कि चुनाव आयोग जैसी संस्था का काम पूरी तरह निष्पक्ष और स्वतंत्र तरीके से होना चाहिए। प्रदर्शन को संबोधित करते हुए पूर्व विधायक सुधीर राय ने मुख्य चुनाव आयुक्त पर कई आरोप लगाए।
उन्होंने दावा किया कि चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर विपक्ष की ओर से लगातार सवाल उठाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में चुनाव की प्रक्रिया पर लोगों का भरोसा बनाए रखना जरूरी है। SIR को लेकर कांग्रेस का विरोधजिला कांग्रेस अध्यक्ष उमाशंकर पाठक ने SIR यानी विशेष गहन पुनरीक्षण को लेकर भी अपनी आपत्ति जताई। उन्होंने आरोप लगाया कि मतदाता सूची में नाम हटाने और जोड़ने की प्रक्रिया में पारदर्शिता की कमी है। कांग्रेस का दावा है कि इस प्रक्रिया से विपक्ष से जुड़े मतदाताओं के नाम प्रभावित हो रहे हैं। पाठक ने कहा कि किसी भी योग्य नागरिक का नाम वोटर लिस्ट से नहीं हटना चाहिए।
उन्होंने मतदाता सूची में बदलाव की प्रक्रिया को साफ और निष्पक्ष रखने की मांग की। लोकतंत्र और वोट के अधिकार की बातकांग्रेस नेताओं ने अपने संबोधन में पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी और पूर्व मुख्य चुनाव आयुक्त टी.एन. शेषन का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि मजबूत लोकतंत्र के लिए चुनाव व्यवस्था का निष्पक्ष होना बेहद जरूरी है। कांग्रेस ने साफ किया कि मतदाता सूची और चुनाव प्रक्रिया से जुड़े इन मुद्दों को लेकर वह आगे भी अपनी आवाज उठाती रहेगी। प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने संविधान, लोकतंत्र और लोगों के मतदान के अधिकार की रक्षा करने की बात कही।