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राजनीति

बसपा चुनावी रणनीति: मायावती ने उत्तराखंड और अन्य राज्यों की तैयारियों की समीक्षा की

बसपा प्रमुख मायावती ने रविवार को पार्टी मुख्यालय पर उत्तराखंड विधानसभा चुनाव के लिए संगठनात्मक तैयारियों और मतदाता सूची की अद्यतन स्थिति पर चर्चा की। उन्होंने बूथ स्तर को मजबूत करने के साथ ही उम्मीदवारों के चयन की प्रगति की भी समीक्षा की।

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Ankit Yadav
05 अक्ट 2026, 14:49
बसपा चुनावी रणनीति: मायावती ने उत्तराखंड और अन्य राज्यों की तैयारियों की समीक्षा की

उत्तराखंड चुनावी तैयारियों पर मंथन

बहुजन समाज पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती ने रविवार को पार्टी के मुख्य कार्यालय में उत्तराखंड इकाई के वरिष्ठ पदाधिकारियों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की। इस चर्चा का मुख्य केंद्र उत्तराखंड के आगामी विधानसभा चुनाव की पूर्व तैयारियां रहीं। बैठक के दौरान मतदाता सूचियों में किए गए हालिया संशोधनों और एसआइआर प्रक्रिया के बाद उत्पन्न हुई नई स्थिति का व्यापक विश्लेषण किया गया। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, इस प्रक्रिया के दौरान राज्य की मतदाता सूची से लगभग नौ लाख नाम हटा दिए गए हैं। पार्टी प्रमुख ने पदाधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि मतदाता सूची में सुधार के कार्य को समयबद्ध तरीके से पूरा किया जाए। उन्होंने इस बात पर विशेष जोर दिया कि गरीब, युवा, महिलाएं और समाज के अन्य कमजोर तबके के लोग अपने संवैधानिक मताधिकार से किसी भी स्थिति में वंचित नहीं रहने चाहिए। पात्र मतदाताओं के नाम सूची में दर्ज कराना संगठन की प्राथमिकता होनी चाहिए, ताकि चुनाव के दौरान कोई भी नागरिक अपने मताधिकार के प्रयोग से न चूक सके। उन्होंने पार्टी के संगठनात्मक ढांचे को बूथ स्तर तक सुदृढ़ करने के स्पष्ट दिशा-निर्देश दिए हैं।

प्रत्याशी चयन और संगठनात्मक कार्य

मायावती ने न केवल उत्तराखंड, बल्कि उत्तर प्रदेश और पंजाब के आगामी विधानसभा चुनावों के संदर्भ में भी विस्तृत विचार-विमर्श किया। उन्होंने तीनों राज्यों में पार्टी की चुनावी तैयारियों की समीक्षा की और प्रत्याशियों के चयन की प्रक्रिया में हो रही प्रगति का ब्यौरा मांगा। उन्होंने इस बात को दोहराया कि पार्टी को जिताऊ और दमदार उम्मीदवारों को चुनावी मैदान में उतारने पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए। बसपा प्रमुख ने पार्टी के सभी स्तर के कार्यकर्ताओं और नेताओं को निर्देश दिया कि चुनावी तैयारियों में तेजी लाई जाए और संगठन को सक्रिय किया जाए। बैठक के दौरान उन्होंने भाजपा सरकार की नीतियों पर तीखी आलोचना की और कहा कि वर्तमान सरकार केवल पूंजीपतियों के हितों को सुरक्षित रखने का काम कर रही है। उन्होंने संगठन को पूरी तरह से मिशनरी भावना के साथ कार्य करने के लिए प्रेरित किया। सभी पदाधिकारियों से अपेक्षा की गई है कि वे पार्टी की नीतियों को जन-जन तक पहुंचाएं और संगठन की पकड़ को जमीनी स्तर पर मजबूत करने के लिए पूरी निष्ठा के साथ जुड़ें। चुनाव की रणनीतिक चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए उन्होंने सभी पहलुओं पर बारीकी से काम करने की हिदायत दी है।

कांशीराम पुण्यतिथि कार्यक्रम में बदलाव

बसपा संस्थापक कांशीराम की पुण्यतिथि के उपलक्ष्य में आगामी 9 अक्टूबर को होने वाले कार्यक्रमों की रूपरेखा में इस बार महत्वपूर्ण बदलाव किए गए हैं। मायावती ने बताया कि यूपी-दिल्ली सीमा स्थित बहुजन प्रेरणा केंद्र में वर्तमान में सरकारी स्तर पर रख-रखाव और मरम्मत का कार्य चल रहा है। निर्माण कार्य के चलते वहां लोगों की बड़ी संख्या में मौजूदगी से किसी दुर्घटना की आशंका बनी रहती है, जिसे देखते हुए इस वर्ष वहां कोई भी औपचारिक कार्यक्रम आयोजित नहीं किया जाएगा। इसके स्थान पर सभी मंडलों के पार्टी कार्यकर्ता लखनऊ स्थित कांशीराम स्मारक स्थल पर एकत्रित होंगे और उन्हें श्रद्धासुमन अर्पित करेंगे। इस निर्णय के तहत अन्य राज्यों में भी जोन स्तर पर संगोष्ठियों का आयोजन किया जाएगा ताकि संस्थापक के प्रति सम्मान व्यक्त किया जा सके। मायावती ने कार्यकर्ताओं से आह्वान किया कि वे इस दिवस को पूरी मिशनरी भावना और गरिमा के साथ मनाएं। चुनाव से पूर्व का यह समय संगठन के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है, जिसे ध्यान में रखते हुए पार्टी अपनी गतिविधियों को व्यवस्थित कर रही है। उन्होंने सभी पदाधिकारियों को समय पर कार्यों को पूरा करने की जिम्मेदारी सौंपते हुए कार्यक्रम की सफलता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।

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