भारत और सिंगापुर के बीच चौथी मंत्रिस्तरीय गोलमेज वार्ता (ISMR) का आयोजन आज, 20 अगस्त 2026 को सिंगापुर में किया जा रहा है। यह बैठक दोनों देशों के बीच व्यापक रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण मानी जा रही है। इस बैठक में भारत की ओर से वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण, विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर, वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल तथा इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी तथा वाणिज्य एवं उद्योग राज्य मंत्री जितिन प्रसाद हिस्सा ले रहे हैं। बैठक का उद्देश्य अब तक किए गए समझौतों और सहयोगी परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा करना तथा भविष्य में सहयोग के नए क्षेत्रों की पहचान करना है।
भारत और सिंगापुर के बीच यह मंत्रिस्तरीय तंत्र वर्ष 2022 में शुरू हुआ था। पहली बैठक सितंबर 2022 में नई दिल्ली में हुई थी, जबकि दूसरी बैठक अगस्त 2024 में सिंगापुर और तीसरी बैठक अगस्त 2025 में नई दिल्ली में आयोजित की गई थी। पिछली बैठकों में दोनों देशों ने उन्नत विनिर्माण, डिजिटल तकनीक, कनेक्टिविटी, स्वास्थ्य एवं चिकित्सा, कौशल विकास और स्थिरता जैसे छह प्रमुख क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर चर्चा की थी। इन प्रयासों के आधार पर भारत-सिंगापुर व्यापक रणनीतिक साझेदारी के रोडमैप को आगे बढ़ाया गया।
चौथे दौर की बैठक में आर्थिक और व्यापारिक संबंधों को और मजबूत करने पर विशेष ध्यान दिए जाने की उम्मीद है। दोनों देश निवेश, विनिर्माण, डिजिटलाइजेशन, तकनीक, कौशल विकास और नवाचार जैसे क्षेत्रों में सहयोग के नए अवसर तलाश रहे हैं। इसके साथ ही भारत-सिंगापुर बिजनेस राउंडटेबल का चौथा संस्करण भी आयोजित किया जा रहा है, जिसमें दोनों देशों के प्रमुख कारोबारी प्रतिनिधि भाग ले रहे हैं। इसका उद्देश्य निजी क्षेत्र के बीच साझेदारी, निवेश और व्यापार के नए रास्ते खोलना है।
बैठक से पहले भारतीय मंत्रियों ने सिंगापुर के प्रधानमंत्री लॉरेंस वोंग से भी मुलाकात की। इस दौरान दोनों पक्षों ने व्यापक रणनीतिक साझेदारी के रोडमैप की प्रगति की समीक्षा की और आर्थिक सहयोग, डिजिटलाइजेशन, कनेक्टिविटी, कौशल विकास तथा स्थिरता जैसे क्षेत्रों में संबंधों को और मजबूत करने पर चर्चा की। ऐसे में चौथी मंत्रिस्तरीय गोलमेज वार्ता भारत और सिंगापुर के बीच रणनीतिक, आर्थिक और तकनीकी सहयोग को नई गति देने वाली महत्वपूर्ण पहल के रूप में देखी जा रही है।