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चुनावी बाजार गर्म: जयपुर में टिकट वितरण के बाद प्रचार सामग्री की मांग तेज
राजस्थान की राजधानी जयपुर में राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है। विभिन्न दलों द्वारा उम्मीदवारों के टिकट तय किए जाने के बाद अब बाजारों में चुनावी प्रचार सामग्री की दुकानें सजने लगी हैं और झंडों से लेकर टोपियों तक की भारी मांग देखी जा रही है।
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Ankit Yadav
02 सित 2026, 14:02
राजस्थान में चुनावी सुगबुगाहट के बीच राजनीतिक दलों की गतिविधियां लगातार बढ़ती जा रही हैं। जैसे-जैसे विभिन्न निर्वाचन क्षेत्रों के लिए उम्मीदवारों के नामों की घोषणा का दौर आगे बढ़ रहा है, वैसे-वैसे चुनावी बाजार भी पूरी तरह से अपनी रफ्तार पकड़ने लगा है। राजधानी जयपुर के प्रमुख बाजारों में राजनीतिक दलों के चुनाव प्रचार से जुड़ी वस्तुओं की दुकानें सजकर तैयार हो चुकी हैं और दुकानदारों के पास खरीदारों का तांता लगना शुरू हो गया है। इस दौरान राजनीतिक दलों के कार्यकर्ताओं और समर्थकों में अपने प्रत्याशियों के पक्ष में माहौल बनाने के लिए प्रचार सामग्री की खरीदारी को लेकर भारी उत्साह नजर आ रहा है।
झंडे, बैनर और टोपियों की जबरदस्त मांग
जयपुर के स्थानीय बाजारों में इस समय तरह-तरह की प्रचार सामग्री आकर्षण का केंद्र बनी हुई है। दुकानों पर राजनीतिक दलों के चुनाव चिन्हों वाले झंडे, बड़े-बड़े बैनर, स्टिकर, दुपट्टे और विशेष टोपियां प्रचुर मात्रा में उपलब्ध कराई गई हैं। दुकानदारों का कहना है कि जैसे-जैसे मतदान की तारीखें नजदीक आ रही हैं और उम्मीदवारों के टिकट फाइनल हो रहे हैं, वैसे-वैसे इन चीजों की मांग में भारी उछाल दर्ज किया जा रहा है। विशेषकर युवा कार्यकर्ताओं और सोशल मीडिया पर सक्रिय रहने वाले समर्थकों के बीच रंग-बिरंगी टोपियों और पार्टी के रंगों वाले साफे और दुपट्टों की खासी मांग बनी हुई है, जिससे व्यापारियों के चेहरों पर भी रौनक लौट आई है।
प्रचार सामग्री बेचने वाले व्यापारियों का मानना है कि इस बार चुनाव का यह सीजन उनके कारोबार के लिए काफी मुनाफे वाला साबित हो सकता है। थोक और खुदरा दोनों ही स्तरों पर विभिन्न राजनीतिक दलों के स्थानीय दफ्तरों से बड़े ऑर्डर मिलने शुरू हो चुके हैं। प्रत्याशी घोषित होने के तुरंत बाद से ही रैलियों, जनसंपर्क अभियानों और रोड शो के लिए जरूरी सामग्री की आपूर्ति के वास्ते व्यापारी दिन-रात काम कर रहे हैं। झंडों और बैनरों की छपाई का काम जोरों पर है और हर पार्टी अपने प्रतिद्वंद्वी से आगे निकलने के लिए अनोखे और आकर्षक डिजाइन तैयार करवा रही है ताकि मतदाताओं का ध्यान आसानी से खींचा जा सके।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि प्रचार सामग्री की यह तेजी इस बात का स्पष्ट संकेत है कि आने वाले दिनों में चुनावी मुकाबला बेहद रोमांचक और कड़ा होने वाला है। प्रत्याशी अपने चुनाव प्रचार में किसी भी प्रकार की कोई कमी नहीं छोड़ना चाहते हैं, जिसके कारण हरसंभव माध्यम से मतदाताओं तक अपनी पहुंच बनाने के प्रयास किए जा रहे हैं। जैसे-जैसे चुनाव प्रचार का यह दौर अपने चरम पर पहुंचेगा, जयपुर के इन बाजारों में राजनीतिक चहल-पहल और अधिक बढ़ने की पूरी संभावना है, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी एक नया बल मिल रहा है।