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ड्राई डे घोषित: जयपुर में निकाय चुनाव के दौरान 48 घंटे शराब बिक्री पर पूर्ण प्रतिबंध
राजस्थान की राजधानी जयपुर में होने वाले आगामी निकाय चुनावों को लेकर प्रशासन पूरी तरह से मुस्तैद हो गया है और चुनाव प्रक्रिया को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए बड़े फैसले लिए जा रहे हैं। इसी क्रम में मतदान की प्रक्रिया और उसके आसपास के समय को ध्यान में रखते हुए कड़े कदम उठाए गए हैं, ताकि किसी भी प्रकार की गड़बड़ी या असामाजिक गतिविधियों को रोका जा सके।
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Ankit Yadav
02 सित 2026, 16:03
राजस्थान के जयपुर में आगामी स्थानीय निकाय चुनावों को लेकर प्रशासनिक तैयारियां अपने अंतिम चरण में हैं। चुनाव आयोग और जिला प्रशासन का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि पूरी चुनावी प्रक्रिया शांतिपूर्ण, निष्पक्ष और भयमुक्त माहौल में संपन्न हो सके। इसके मद्देनजर कानून और व्यवस्था की स्थिति को बनाए रखने के लिए कई प्रकार के प्रतिबंध लगाए जाते हैं, जिनमें सार्वजनिक शांति और सुरक्षा सर्वोपरि होती है। इसी कड़ी में स्थानीय प्रशासन ने महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए मतदान के क्षेत्रों में मदिरा की बिक्री पर पूर्ण रूप से रोक लगाने के आदेश जारी कर दिए हैं, जिसका कड़ाई से पालन कराया जाएगा।
अड़तालीस घंटे का सख्त ड्राई डे
आधिकारिक घोषणा के अनुसार जयपुर में निकाय चुनाव के दौरान कुल 48 घंटों के लिए ड्राई डे प्रभावी रहेगा। इस समयावधि के दौरान सभी प्रकार की शराब की दुकानें, बार, होटल और क्लब पूरी तरह से बंद रहेंगे ताकि किसी भी तरह की अवैध गतिविधियों या मतदाताओं को प्रभावित करने वाले प्रयासों पर अंकुश लगाया जा सके। चुनाव आचार संहिता और सुरक्षा नियमों के तहत यह अवधि मतदान समाप्त होने से पहले के निर्धारित घंटों से शुरू होकर मतगणना या पूरी प्रक्रिया के मुकम्मल होने तक लागू रहती है। प्रशासनिक अधिकारियों का मानना है कि इस प्रकार के प्रतिबंधों से असामाजिक तत्वों पर नकेल कसने में मदद मिलती है और चुनाव का माहौल सौहार्दपूर्ण बना रहता है।
स्थानीय आबकारी विभाग और पुलिस प्रशासन को यह सख्त निर्देश दिए गए हैं कि वे इन नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ त्वरित और कठोर कार्रवाई करें। नियमों का अनुपालन सुनिश्चित करने के लिए शहरभर में विशेष टीमों का गठन किया गया है जो लगातार निगरानी रखेंगी। यदि कोई भी विक्रेता या प्रतिष्ठान इस दौरान मदिरा बेचते हुए पाया जाता है, तो उसके खिलाफ आबकारी अधिनियम और चुनावी कानूनों के तहत भारी जुर्माने और लाइसेंस निरस्तीकरण जैसी गंभीर कार्रवाई की जाएगी।
जनता और दुकानदारों से सहयोग की अपील
प्रशासन ने शहर के सभी दुकानदारों, व्यापारियों और आम नागरिकों से अपील की है कि वे इस नियम का पूर्ण पालन करें और चुनाव प्रक्रिया को शांतिपूर्ण ढंग से पूरा कराने में अपना सहयोग दें। लोकतंत्र के इस महापर्व में कानून व्यवस्था बनाए रखना केवल पुलिस या प्रशासन की ही नहीं, बल्कि हर नागरिक की जिम्मेदारी है। राजनीतिक दलों और प्रत्याशियों को भी निर्देशित किया गया है कि वे आचार संहिता का पूरी तरह सम्मान करें। इस प्रकार के प्रशासनिक कदमों से न केवल मतदान का प्रतिशत बेहतर होने की उम्मीद रहती है, बल्कि एक सुरक्षित वातावरण में लोग अपने मताधिकार का प्रयोग भी कर पाते हैं।