कमिश्नरी कार्यालय में नामांकन प्रक्रिया
सोमवार के दिन उत्तर प्रदेश के प्रमुख जिले में राजनीतिक हलचल काफी तेज नजर आई। स्थानीय प्रशासनिक मुख्यालय के भीतर समाजवादी पार्टी की तरफ से उतारे गए दोनों उम्मीदवारों ने अपने जरूरी कागजात जमा किए। इस निर्वाचन प्रक्रिया के तहत डॉक्टर आकाश अग्रवाल ने शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से अपना दावा पेश किया। वहीं दूसरी तरफ शशांक यादव ने स्नातक निर्वाचन क्षेत्र के लिए आधिकारिक तौर पर पर्चा भरा। दोनों नेताओं ने अपनी राजनीतिक ताकत का प्रदर्शन करते हुए निर्धारित समय के भीतर कमिश्नरी पहुंचकर औपचारिकताएं पूरी कीं। इस महत्वपूर्ण राजनीतिक कदम से स्थानीय राजनीतिक गलियारों में चर्चाएं शुरू हो गई हैं और चुनाव का मैदान पूरी तरह सज चुका है। प्रशासनिक अधिकारियों की निगरानी में यह पूरी प्रक्रिया शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुई। पर्चा दाखिल करने की इस गतिविधि के साथ ही क्षेत्र में राजनीतिक दलों की सक्रियता काफी बढ़ गई है और प्रशासनिक स्तर पर भी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं।
पार्टी कार्यालय से जुलूस और नेताओं की मौजूदगी
औपचारिक रूप से कागजात दाखिल करने से पहले सभी राजनीतिक कार्यकर्ता और नेता पार्टी के स्थानीय दफ्तर पर एकत्रित हुए थे। वहां से सभी लोग एक साथ मिलकर कमिश्नरी की तरफ रवाना हुए ताकि अपनी एकजुटता का संदेश दे सकें। इस पूरी प्रक्रिया के दौरान समाजवादी पार्टी के राज्यसभा सांसद रामजीलाल सुमन भी विशेष रूप से साथ मौजूद रहे। नामांकन की औपचारिकताएं पूरी होने के बाद मीडिया से बातचीत करते हुए सांसद ने दोनों प्रत्याशियों की भारी मतों से जीत का दावा किया। उन्होंने पत्रकारों को बताया कि पार्टी ने इस बार बहुत मजबूत चेहरों को चुनावी मैदान में उतारा है जिससे जीत सुनिश्चित होगी। डॉक्टर आकाश अग्रवाल पहले भी निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में चुनाव जीत चुके हैं और हाल ही में उन्होंने समाजवादी पार्टी की सदस्यता ग्रहण की है। इस प्रकार के वरिष्ठ और अनुभवी चेहरों को शामिल करने से पार्टी का संगठन जमीनी स्तर पर और अधिक मजबूत हुआ है। समर्थकों की भारी भीड़ और पार्टी के दिग्गज नेताओं की मौजूदगी ने इस पूरे राजनीतिक आयोजन को बेहद खास बना दिया।
पूरे चुनावी कार्यक्रम की तिथियां और दायरा
विधान परिषद के इन दोनों महत्वपूर्ण खंड शिक्षक और स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों के अंतर्गत कुल 12 जिले आते हैं जिससे इस चुनाव का दायरा काफी बड़ा हो जाता है। निर्वाचन आयोग द्वारा जारी किए गए आधिकारिक कार्यक्रम के अनुसार पर्चे दाखिल करने की अंतिम तिथि 6 अक्टूबर निर्धारित की गई थी। इसके तुरंत बाद 7 अक्टूबर को प्राप्त हुए सभी नामांकन पत्रों की जांच की जाएगी ताकि उनकी वैधता सुनिश्चित हो सके। इसके पश्चात उम्मीदवारों के पास 9 अक्टूबर तक अपना नाम वापस लेने का पूरा अवसर रहेगा। इस पूरी चुनावी जंग का मुख्य चरण 23 अक्टूबर को तय किया गया है जब मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे और मतदान संपन्न होगा। इसके बाद सभी पक्षों की निगाहें 27 अक्टूबर पर टिकी रहेंगी क्योंकि उस दिन वोटों की गिनती करके परिणामों की घोषणा की जाएगी। इस पूरी समय सारिणी के सामने आने के बाद से सभी उम्मीदवारों ने अपनी प्रचार रणनीतियों को तेज कर दिया है और जनता के बीच संपर्क साधना शुरू कर दिया है।