Lucknow Desk : आज बुधवार को राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की 157वीं जयंती है। इस अवसर पर गोमतीनगर विस्तार स्थित उत्तर प्रदेश पुलिस मुख्यालय में विशेष कार्यक्रम का आयोजन हुआ। जिसमे पुलिस महानिदेशक राजीव कृष्ण ने महात्मा गांधी की फोटो पर माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धांजलि दी। इसके बाद वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने भी बापू के चित्र पर पुष्प अर्पित किए। समारोह में 10वीं वाहिनी पीएसी बाराबंकी में तैनात रेडियो निरीक्षक विजय शंकर अग्निहोत्री और उनकी टीम ने रामधुन प्रस्तुत की। इस दौरान ‘वैष्णव जन तो तेने कहिए’ और ‘रघुपति राघव राजा राम’ जैसे गांधी जी के प्रिय भजनों का भी गायन किया गया।
कार्यक्रम में लखनऊ विश्वविद्यालय के हिंदी विभाग के प्रोफेसर डॉ. योगेंद्र प्रताप सिंह ने गांधी जी के विचारों और उनके सिद्धांतों पर अपने विचार रखे। उन्होंने कहा कि सत्य, संयम, न्याय और निःस्वार्थ सेवा जैसे मूल्य पुलिस की जिम्मेदारियों से भी जुड़े हैं। पुलिसकर्मी यदि इन मूल्यों को ध्यान में रखकर अपने कर्तव्यों का पालन करते हैं तो गांधी जी के विचारों को व्यवहार में उतार सकते हैं। डॉ. सिंह ने गांधी जी के जीवन से जुड़ी डरबन की 1897 की घटना और 1922 के चौरी-चौरा कांड का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि गांधी जी का संघर्ष अन्याय के खिलाफ था।
उन्होंने अहिंसा को कमजोरी नहीं, बल्कि आत्मसंयम और आंतरिक शक्ति का प्रतीक बताया। उन्होंने सोहनलाल द्विवेदी की कविता की पंक्तियों के माध्यम से महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि दी। साथ ही उत्तर प्रदेश पुलिस की कार्यशैली और बड़े आयोजनों के प्रबंधन की भी सराहना की। कार्यक्रम के अंत में पुलिस महानिदेशक राजीव कृष्ण ने डॉ. योगेंद्र प्रताप सिंह को शॉल भेंट कर सम्मानित किया। वहीं पुलिस मुख्यालय में कार्यरत चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों को भी उपहार देकर सम्मानित किया गया।