Lucknow Desk : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेशवासियों को गणेश चतुर्थी और भगवान विश्वकर्मा पूजा की कोटि-कोटि मंगलकामनाएं दी हैं। उन्होंने कहा कि गणेशोत्सव केवल धार्मिक आस्था का पर्व नहीं, बल्कि सामाजिक एकता, पर्यावरण संरक्षण और राष्ट्र के प्रति संकल्प को मजबूत करने का अवसर भी है। वहीं, विश्वकर्मा पूजा प्रदेश के विकास और आत्मनिर्भरता के संकल्प को आगे बढ़ाने का महत्वपूर्ण दिन है। मुख्यमंत्री ने भगवान गणेश के जीवन-दर्शन का उल्लेख करते हुए कहा कि यह पर्व हमें प्रकृति के प्रति संवेदनशील रहने और पर्यावरण का संतुलन बनाए रखने की प्रेरणा देता है। गणेश पूजा में उपयोग होने वाले एकविंशति पत्र यानी 21 प्रकार के पत्ते औषधीय पौधों के संरक्षण और प्राकृतिक संसाधनों के महत्व का संदेश देते हैं।
उन्होंने लोगों से पर्यावरण के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाने की अपील की। सीएम योगी ने कहा कि लोकमान्य बाल गंगाधर तिलक ने गणेशोत्सव को घरों तक सीमित आस्था से निकालकर सामाजिक एकता और जनशक्ति के माध्यम से राष्ट्र निर्माण का पर्व बनाया। आज भी यह उत्सव समाज को जोड़ने और देश के प्रति जिम्मेदारी का भाव मजबूत करने का काम कर सकता है। मुख्यमंत्री ने बताया कि 17 सितंबर को भगवान विश्वकर्मा की पूजा के साथ विकसित उत्तर प्रदेश के निर्माण का संकल्प और मजबूत होगा।
उन्होंने कहा कि प्रदेश में बन रहे एक्सप्रेसवे, एयरपोर्ट और औद्योगिक क्षेत्र नए यूपी की बढ़ती क्षमता का प्रमाण हैं। सरकार कारीगरों, शिल्पकारों और युवाओं को कौशल प्रशिक्षण, आधुनिक उपकरण, वित्तीय सहायता और बाजार से जोड़ने का काम कर रही है। मुख्यमंत्री ने लोगों से ‘वोकल फॉर लोकल’ को केवल विचार नहीं, बल्कि अपने व्यवहार का हिस्सा बनाने की अपील की। उन्होंने कहा कि स्थानीय उत्पादों को सम्मान और बाजार मिलने से कारीगरों को काम, युवाओं को रोजगार और प्रदेश की अर्थव्यवस्था को गति मिलेगी। प्रकृति के प्रति संवेदनशीलता और स्थानीय सामर्थ्य पर विश्वास के साथ ही आत्मनिर्भर उत्तर प्रदेश का सपना साकार किया जा सकता है।