कंटाप
NEWS
शुक्रवार, 28 अगस्त 2026
Follow Us
ब्रेकिंग
नेपाल में बाढ़ : चीन पर उठ रहे सवालों पर क्या कह रहा है अंतरराष्ट्रीय मीडिया      Raksha Bandhan 2026 Shubh Muhurat LIVE: खत्म हुआ राहुकाल! फिर शुरू हुआ राखी का शुभ मुहूर्त, जानिए कब तक बां      अभिजीत दीपके ने अरविंद केजरीवाल को पछाड़ दिया! सर्वे में CJP चीफ ने चौंकाया      मुस्कान मर्डर केस में सामने आया CCTV वीडियो, हत्या के बाद भागता दिखा आरोपी इमरान      जोहरान ममदानी को RSS का करारा जवाब, X अकाउंट भी बहाल, मोहन भागवत की अमेरिका यात्रा पर बड़ा अपडेट      पाकिस्तान ने फंसाया एक और ‘मुर्गा’, सऊदी अरब-तुर्की के बाद इस देश के साथ मिलिट्री डील, बदले में क्या मिलेगा...      रिजिजू ने दिए संसद का विशेष सत्र बुलाने के संकेत, परिसीमन बिल पर टिकीं निगाहें; विपक्ष में हलचल      दिल्ली में ISI के जासूसी नेटवर्क का पर्दाफाश... स्पेशल सेल ने पति-पत्नी को किया गिरफ्तार, पाकिस्तान भेजते थे भारतीय SIM कार्ड     
SENSEX लोड हो रहा... | NIFTY लोड हो रहा... | GOLD (10g) ₹ | SILVER (10g) ₹ | USD/INR ₹ | CRUDE OIL $ | Uttar Pradesh — लोड हो रहा है | --:--:-- | लाइव अपडेट
@NewsKantap:
राजनीति

हाथी संरक्षण पर गर्व: विश्व हाथी दिवस पर प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, दुनिया के साठ प्रतिशत से अधिक जंगली एशियाई हाथी भारत में होना गर्व की बात

विश्व हाथी दिवस के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश की प्राकृतिक विरासत की सराहना करते हुए कहा कि वैश्विक स्तर पर हाथियों के संरक्षण में भारत की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है।

X
Kantap News डेस्क
13 अग 2026, 11:56
हाथी संरक्षण पर गर्व: विश्व हाथी दिवस पर प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, दुनिया के साठ प्रतिशत से अधिक जंगली एशियाई हाथी भारत में होना गर्व की बात
विश्व हाथी दिवस के पावन अवसर पर देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों को बधाई देते हुए एक बहुत ही गौरवशाली तथ्य साझा किया है। अपने आधिकारिक संदेश में उन्होंने इस बात पर विशेष प्रसन्नता व्यक्त की कि वैश्विक स्तर पर पाए जाने वाले कुल जंगली एशियाई हाथियों में से साठ प्रतिशत से अधिक अकेले भारत में निवास करते हैं। प्रधानमंत्री ने इसे देश की समृद्ध जैव विविधता, सांस्कृतिक जुड़ाव और वन्यजीवों के प्रति पारंपरिक संवेदनशीलता का एक जीवंत प्रमाण बताया। उन्होंने देश के वन विभाग के कर्मचारियों, वन्यजीव प्रेमियों और उन तमाम स्थानीय समुदायों की भी मुक्त कंठ से प्रशंसा की जो पीढ़ियों से जंगलों और हाथियों के सुरक्षित सह-अस्तित्व को बनाए रखने में अपना बहुमूल्य योगदान देते आ रहे हैं।

government initiatives and corridor protection

अपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने सरकार द्वारा उठाए गए विभिन्न कदमों का उल्लेख किया, जिनके तहत देश भर में सुरक्षित हाथी गलियारों (Elephant Corridors) का निर्माण किया गया है और उनके प्राकृतिक आवासों पर मंडराते खतरों को प्रभावी ढंग से कम किया गया है। वन्यजीव संरक्षण कानूनों को और अधिक मजबूत करने के साथ-साथ वन क्षेत्रों के आसपास रहने वाले लोगों के लिए भी विभिन्न कल्याणकारी योजनाएं चलाई जा रही हैं ताकि मानव-हाथी संघर्ष को न्यूनतम स्तर पर लाया जा सके। उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि प्रकृति के साथ तालमेल बिठाकर विकास करना ही हमारी प्राचीन संस्कृति का मूल मंत्र रहा है, और आज पूरी दुनिया इस दिशा में भारत के मॉडल का अनुसरण कर रही है।

call for collective responsibility

कार्यक्रम के अंत में प्रधानमंत्री ने देश के युवाओं और नागरिकों से आह्वान किया कि वे वन्यजीव संरक्षण के इस महान अभियान में अपनी सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि हाथियों का संरक्षण केवल एक प्रशासनिक दायित्व नहीं है, बल्कि यह हमारी भावी पीढ़ियों के लिए एक प्राकृतिक धरोहर को सुरक्षित रखने का पवित्र कर्तव्य है। सरकार और देशवासियों के इस संयुक्त प्रयासों के परिणामस्वरुप आने वाले वर्षों में भारतीय जंगलों में हाथियों की संख्या और उनकी सुरक्षा व्यवस्था में और अधिक सुधार देखने को मिलेगा, जिससे पूरी दुनिया में देश का मान बढ़ेगा।
कंटाप
NEWS
होम 🇮🇳 देश 🗺️ राज्य 🌍 विदेश 🏛️ राजनीति 💼 व्यापार 🏏 खेल 🎬 मनोरंजन 💻 टेक्नोलॉजी 🏥 स्वास्थ्य 📚 शिक्षा 🕉️ धर्म वीडियो राशिफल खोज