Lucknow Desk : 2027 विधान सभा चुनाव से पहले बहस शुरू हो गई है। आपको बता दे कि उत्तर प्रदेश की राजनीति में कांग्रेस नेता इमरान मसूद को कार्यकारी अध्यक्ष बनाए जाने के बाद बयानबाजी बढ़ गई है। बीजेपी प्रवक्ता राकेश त्रिपाठी ने कांग्रेस के इस फैसले पर तंज कसते हुए कहा कि मुस्लिम वोट बैंक को लेकर कांग्रेस अब समाजवादी पार्टी से भी आगे निकलती दिखाई दे रही है। राकेश त्रिपाठी ने कहा कि कांग्रेस ने इमरान मसूद को कार्यकारी अध्यक्ष बनाकर उन्हें अहम जिम्मेदारी दी है। उन्होंने दावा किया कि इमरान मसूद लगातार समाजवादी पार्टी और उसके नेतृत्व को चुनौती देते रहे हैं। बीजेपी प्रवक्ता के मुताबिक, अब कांग्रेस की ओर से उन्हें नई जिम्मेदारी मिलने के बाद सपा के सामने गठबंधन को लेकर मुश्किलें बढ़ सकती हैं। वहीं, सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव की प्रेस कॉन्फ्रेंस को लेकर भी बीजेपी ने निशाना साधा।
बीजेपी प्रवक्ता दिनेश प्रताप सिंह ने अखिलेश यादव के निवेश से जुड़े सवालों पर कहा कि सपा सरकार के दौरान उत्तर प्रदेश की आर्थिक स्थिति खराब थी। उन्होंने आरोप लगाया कि उस समय निवेश की बात करने वालों पर दबाव बनाया जाता था और वसूली का माहौल था। उन्होंने कहा कि मौजूदा सरकार में निवेश के लिए माहौल बदला है। इसी मुद्दे पर मंत्री दानिश आजाद अंसारी ने भी समाजवादी पार्टी पर कई आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि सपा शासन के दौरान सरकारी नौकरियों में भ्रष्टाचार होता था। दानिश ने दावा किया कि वर्ष 2012 से 2017 के बीच सरकारी नौकरियों के लिए अलग-अलग रकम की चर्चा होती थी और कई पदों के लिए 10, 20 और 30 लाख रुपये तक के रेट बताए जाते थे।
दानिश आजाद अंसारी ने कहा कि 2017 से अब तक योगी सरकार ने 10 लाख से अधिक सरकारी नौकरियां दी हैं। उनके मुताबिक, इन भर्तियों में बिना भेदभाव और भ्रष्टाचार के युवाओं को अवसर देने का प्रयास किया गया है। मंत्री ने सपा शासन पर कानून-व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि उस दौर में भ्रष्टाचार, अपराध, दंगे और कर्फ्यू की घटनाएं सामने आती थीं। उन्होंने समाजवादी पार्टी को चुनौती देते हुए कहा कि सपा अपने 2012 से 2017 तक के आंकड़े सामने रखे और बीजेपी 2017 से 2026 तक का रिकॉर्ड सामने रखने को तैयार है। दानिश आजाद अंसारी ने रोजगार, उद्योग, इंफ्रास्ट्रक्चर और विकास के मुद्दों पर भी सपा से बहस करने की चुनौती दी। इन बयानों के बाद प्रदेश की सियासत में कांग्रेस और सपा को लेकर बीजेपी के हमले और तेज होते दिखाई दे रहे हैं।