झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) और झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) की परीक्षाओं में अनियमितताओं को लेकर पिछले 24 दिनों से राज्य में बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन चल रहा था। इस आंदोलन के तहत रांची के सदर अस्पताल में पिछले 16 दिनों से आमरण अनशन पर बैठे छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो ने सोमवार देर रात राज्य के मंत्रियों की मौजूदगी में अपना अनशन समाप्त किया।
यह कदम तब उठाया गया जब झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने छात्रों के आक्रोश और भारी दबाव को देखते हुए विवादित JSSC-CGL परीक्षा और दागी एजेंसी द्वारा आयोजित अन्य सभी भर्ती परीक्षाओं को तत्काल प्रभाव से रद्द करने की आधिकारिक घोषणा की।
साथ ही राज्य सरकार ने इस पूरे परीक्षा घोटाले की जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) से कराने की भी सिफारिश की है। हालांकि, छात्र संगठनों का कहना है कि वे परीक्षाओं के पारदर्शी आयोजन और पूरी विधिक प्रक्रिया पर कड़ी नजर बनाए रखेंगे।