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राजनीति

जुबानी जंग तेज: प्रधानमंत्री मोदी के 'दिमागी नक्सल' वाले बयान पर पी चिदंबरम का कड़ा पलटवार

वरिष्ठ कांग्रेस नेता पी चिदंबरम ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के तीखे कटाक्ष का जवाब देते हुए खुद को गर्व के साथ 'दिमागी नक्सल' बताया है।

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Kantap News डेस्क
17 अग 2026, 16:06
जुबानी जंग तेज: प्रधानमंत्री मोदी के 'दिमागी नक्सल' वाले बयान पर पी चिदंबरम का कड़ा पलटवार
भारतीय राजनीतिक गलियारों में बयानों की जंग एक बार फिर चरम पर पहुंच गई है जब वरिष्ठ कांग्रेस नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री पी चिदंबरम ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के एक पुराने कटाक्ष पर तीखा पलटवार किया है। प्रधानमंत्री द्वारा वैचारिक विरोधियों को लेकर दिए गए 'दिमागी नक्सल' वाले बयान पर तंज कसते हुए चिदंबरम ने गर्व के साथ इस विशेषण को स्वीकार किया है और कहा कि यदि सरकार की जनविरोधी नीतियों और तानाशाही रवैये पर सवाल उठाना नक्सलवाद है, तो वे ऐसी सोच रखने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। उनके इस बयान के बाद सत्ताधारी भारतीय जनता पार्टी और मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस के बीच जुबानी जंग काफी तेज हो गई है, और दोनों तरफ से तीखी प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं।

बढ़ता राजनीतिक टकराव

राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि इस तरह के बयानों से देश का राजनीतिक माहौल और अधिक ध्रुवीकृत हो रहा है, जहां हर मुद्दे पर दोनों प्रमुख दल आमने-सामने आ जाते हैं। भाजपा नेताओं का आरोप है कि विपक्ष हमेशा देश की प्रगति और राष्ट्रहित के खिलाफ खड़ी ताकतों का समर्थन करता है और वैचारिक भ्रम फैलाने का काम करता है। वहीं दूसरी ओर कांग्रेस पार्टी का यह तर्क है कि सरकार असहमति की हर आवाज को कुचलने के लिए इस तरह की शब्दावली का इस्तेमाल कर रही है, जो स्वस्थ लोकतंत्र के बिल्कुल खिलाफ है।

आगामी राजनीतिक रणनीतियां

इस तीखी बयानबाजी का सीधा असर आगामी संसद सत्र और चुनावी राज्यों की राजनीति पर पड़ने की पूरी उम्मीद है। दोनों ही दल इस तरह के विवादों को अपने पक्ष में भुनाने की कोशिश कर रहे हैं ताकि जनता के बीच अपनी राजनीतिक जमीन को और मजबूत किया जा सके। जैसे-जैसे राजनीतिक सरगर्मी बढ़ेगी, इस तरह के वैचारिक संघर्षों के और अधिक तीव्र होने के आसार जताए जा रहे हैं।
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