Lucknow Desk : राजधानी लखनऊ में सफाई व्यवस्था को लेकर प्रदेश सरकार ने सख्त रुख अपनाया है। नगर निगम अधिकारियों और मेयर सुषमा खर्कवाल के साथ निरीक्षण पर निकले मंत्री सुरेश खन्ना ने कई इलाकों में सफाई व्यवस्था का जायजा लिया। इस दौरान नालियों और गलियों में गंदगी मिलने पर उन्होंने नाराजगी जताई और जिम्मेदार अधिकारियों व सफाई कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान अयोध्या दास प्रथम, अयोध्या दास द्वितीय और फैजुल्लागंज द्वितीय क्षेत्र में सफाई व्यवस्था संतोषजनक नहीं मिली। कई स्थानों पर नालियों में गंदगी जमा थी और नियमित सफाई नहीं होने की स्थिति सामने आई। इस पर मंत्री ने संबंधित अधिकारियों को व्यवस्था में तत्काल सुधार करने के निर्देश दिए। मंत्री सुरेश खन्ना ने साफ कहा कि शहर की सफाई में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
उन्होंने खराब सफाई व्यवस्था के लिए जिम्मेदार सफाई नायकों और अधिकारियों पर कार्रवाई करने को कहा। संबंधित ठेकेदार कंपनी पर 5 लाख रुपये का जुर्माना लगाने के निर्देश भी दिए गए हैं। निरीक्षण के दौरान गोमती नगर क्षेत्र में भी सफाई व्यवस्था को लेकर लापरवाही सामने आई। यहां जिम्मेदारी संभाल रहे सफाई नायक और सुपरवाइजर का पांच दिन का वेतन काटने के निर्देश दिए गए। मंत्री ने अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने को कहा कि सफाई कार्य केवल कागजों पर नहीं, बल्कि जमीन पर भी दिखाई देना चाहिए। उन्होंने कहा कि लखनऊ प्रदेश की राजधानी है और इसे स्मार्ट सिटी के अनुरूप साफ-सुथरा और व्यवस्थित रखना नगर निगम की प्राथमिक जिम्मेदारी है। शहर की सड़कों, गलियों, नालियों और सार्वजनिक स्थानों की नियमित सफाई होनी चाहिए। साथ ही जहां भी सफाई व्यवस्था में कमी मिले, वहां तत्काल जिम्मेदारी तय कर कार्रवाई की जाए।
निरीक्षण के दौरान शहर की गलियों में लटकते बिजली और अन्य तारों की समस्या भी सामने आई। इस पर मंत्री ने संबंधित अधिकारियों को समस्या के समाधान के लिए आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए। बताया गया कि इस संबंध में चीफ इंजीनियर को पत्र लिखा जाएगा, ताकि लटकते तारों की समस्या का स्थायी समाधान किया जा सके। मंत्री ने नगर निगम अधिकारियों से सफाई व्यवस्था की लगातार निगरानी करने और शिकायतों का समय पर निस्तारण करने को कहा। उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि जिन क्षेत्रों में सफाई का काम ठेकेदार कंपनियों के माध्यम से कराया जा रहा है, वहां काम की गुणवत्ता की नियमित जांच की जाए। सरकार की इस सख्ती के बाद अब नगर निगम स्तर पर सफाई व्यवस्था को लेकर निगरानी और बढ़ने की उम्मीद है। अधिकारियों को यह सुनिश्चित करना होगा कि राजधानी के हर इलाके में लोगों को साफ-सुथरा और बेहतर वातावरण मिले।