कंटाप
NEWS
शुक्रवार, 23 अक्तूबर 2026
Follow Us
ब्रेकिंग
जो US लगा रहा था एक्स्ट्रा टैरिफ, अब वही पढ़ रहा कसीदे; भारत की तेल आयात नीति पर क्या बोले मार्को रुबियो      ‘उतनी तो श्रीहरिकोटा से लॉन्चिंग नहीं होती जितनी...', PM मोदी ने कांग्रेस पर कसा जोरदार तंज; जानें और क्या      फ़्रांस के राष्ट्रपति विदेशी नेताओं पर भड़के, 'इस्लामी और प्रवासी भीड़' के आरोप पर दिया जवाब      ‘CJP प्रोटेस्ट के लिए फंडिंग कहां से आती है?’ RSS के Indresh Kumar ने उठाए सवाल      टाइगर श्रॉफ फायरिंग केस: कोर्ट में फूट-फूटकर रोई राधा, अब पुलिस उगलवाएगी राज      सऊदी अरब में दो बांग्लादेशियों को मौत की सज़ा दिए जाने से जुड़े वे सवाल जो हैं अनसुलझे      दिल्ली में AAP और कांग्रेस की पार्षद भिड़ीं, MCD सदन में खींचतान के बाद आई हाथापाई की नौबत      कौन हैं निर्मला सीतारमण के पति परकला प्रभाकर जो प्रकाश राज और अभिजीत दिपके साथ CJP का प्रदर्शन में शामिल होंगे     
SENSEX लोड हो रहा... | NIFTY लोड हो रहा... | GOLD (10g) ₹— | SILVER (10g) ₹— | USD/INR ₹— | CRUDE OIL $— | Uttar Pradesh — लोड हो रहा है | --:--:-- | लाइव अपडेट
@NewsKantap:
राजनीति ब्रेकिंग

मतदाता सूची में सेंध: झारखंड में कई बांग्लादेशियों के वोटर बनने की आशंका पर चुनाव आयोग ने दिए जांच के आदेश

झारखंड में मतदाता सूचियों की शुद्धता पर बड़ा सवाल उठने के बाद चुनाव आयोग ने गंभीर कदम उठाया है। राज्य में कई बांग्लादेशी नागरिकों के अवैध तरीके से वोटर लिस्ट में नाम शामिल किए जाने की आशंका जताई जा रही है, जिसके मद्देनजर उच्च स्तरीय जांच के निर्देश दिए गए हैं।

A
Ankit Yadav
26 अग 2026, 17:04
मतदाता सूची में सेंध: झारखंड में कई बांग्लादेशियों के वोटर बनने की आशंका पर चुनाव आयोग ने दिए जांच के आदेश
भारतीय निर्वाचन आयोग ने झारखंड के राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में हलचल पैदा करने वाले एक मामले में सख्त रुख अपनाया है। राज्य के भीतर कुछ बाहरी और विशेषकर बांग्लादेशी नागरिकों द्वारा अवैध रूप से मतदाता पहचान पत्र बनवाने और मतदाता सूची में अपना नाम दर्ज करवाने की गंभीर शिकायतें सामने आई थीं। इन शिकायतों और प्राथमिक साक्ष्यों को ध्यान में रखते हुए, निर्वाचन आयोग ने मामले का स्वतः संज्ञान लेते हुए तत्काल प्रभाव से गहन जांच के आदेश जारी किए हैं ताकि यह स्पष्ट किया जा सके कि इस प्रक्रिया में कहाँ और किस स्तर पर चूक हुई है।

चुनावी प्रक्रिया की पारदर्शिता पर बड़ा सवाल

किसी भी लोकतांत्रिक देश में निष्पक्ष और पारदर्शी चुनाव संपन्न कराने के लिए मतदाता सूची का त्रुटिहीन होना सबसे बुनियादी शर्त माना जाता है। यदि गैर-नागरिक या विदेशी लोग अवैध दस्तावेजों के सहारे देश की मतदाता सूची में स्थान पा लेते हैं, तो यह सीधे तौर पर राष्ट्रीय सुरक्षा के साथ-साथ लोकतांत्रिक व्यवस्था की अखंडता के लिए एक बड़ा खतरा बन जाता है। झारखंड जैसे सीमावर्ती और संवेदनशील राज्यों में इस प्रकार की संलिप्तता पहले भी चर्चा का विषय रही है, और इस बार आयोग के हस्तक्षेप से प्रशासनिक अमले में हड़कंप मच गया है। संबंधित जिला प्रशासन और चुनावी अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे संदिग्ध प्रविष्टियों की गहनता से छानबीन करें। जिन इलाकों में ऐसे मामलों की संख्या अधिक होने की आशंका है, वहाँ विशेष शिविर लगाकर दस्तावेजों का भौतिक सत्यापन किया जाएगा। अधिकारियों से यह भी अपेक्षा की जा रही है कि वे आधार कार्ड, राशन कार्ड और निवास प्रमाण पत्रों जारी करने वाले स्थानीय विभागों के साथ समन्वय स्थापित कर पूरी सच्चाई का पता लगाएं।

आगे की कार्रवाई और राजनीतिक प्रतिक्रियाएं

आयोग के इस सख्त आदेश के बाद राज्य के राजनीतिक गलियारों में बयानबाजी का दौर तेज हो गया है। विभिन्न राजनीतिक दलों के नेता इस संवेदनशील मुद्दे पर अपनी-अपनी प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं और एक-दूसरे पर प्रशासनिक लापरवाही का आरोप लगा रहे हैं। आने वाले दिनों में यह जांच और भी तेज होने की उम्मीद है, जिसमें दोषी पाए जाने वाले स्थानीय मददगारों या अधिकारियों के खिलाफ भी कड़ी अनुशासनात्मक और कानूनी कार्रवाई की जा सकती है। निर्वाचन आयोग की इस पहल से यह सुनिश्चित करने का प्रयास किया जा रहा है कि केवल पात्र और वैध भारतीय नागरिक ही आगामी चुनावों में अपने मताधिकार का प्रयोग कर सकें।
कंटाप
NEWS
होम 🇮🇳 देश 🗺️ राज्य 🌍 विदेश 🏛️ राजनीति 💼 व्यापार 🏏 खेल 🎬 मनोरंजन 💻 टेक्नोलॉजी 🏥 स्वास्थ्य 📚 शिक्षा 🕉️ धर्म वीडियो राशिफल खोज