Lucknow Desk : बदलते मौसम के बीच नोएडा में स्वाइन फ्लू यानी H1N1 संक्रमण के मामले सामने आने से स्वास्थ्य विभाग सतर्क हो गया है। जिले में अब तक 14 मरीजों में स्वाइन फ्लू की पुष्टि हुई है। इनमें कुछ मरीज दूसरे जिलों से इलाज के लिए नोएडा आए थे। स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक फिलहाल सभी मरीजों की हालत सामान्य है और उनका इलाज चल रहा है। स्वाइन फ्लू की पुष्टि के बाद जिला अस्पताल और निजी अस्पतालों में मरीजों के इलाज और निगरानी की व्यवस्था को मजबूत किया जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग ने अस्पतालों को निर्देश दिए हैं कि स्वाइन फ्लू जैसे लक्षण लेकर आने वाले मरीजों की जांच कराई जाए, ताकि संक्रमण की पहचान समय पर हो सके। जिला अस्पताल में पहले से 11 बेड आरक्षित किए गए हैं। जरूरत पड़ने पर मरीजों की संख्या बढ़ने के हिसाब से व्यवस्था बढ़ाई जा सकती है।
स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के अनुसार संक्रमित मरीजों में बुखार, खांसी, जुकाम, गले में खराश और शरीर में कमजोरी जैसे सामान्य लक्षण देखे गए हैं। कुछ मामलों में सांस लेने में परेशानी भी हो सकती है। डॉक्टरों का कहना है कि खासकर बुजुर्गों, छोटे बच्चों और पहले से किसी गंभीर बीमारी से जूझ रहे लोगों को ज्यादा सावधानी बरतने की जरूरत है। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. मदन मोहन मणि त्रिपाठी ने लोगों से अपील की है कि स्वाइन फ्लू को लेकर घबराने की जरूरत नहीं है। सावधानी और साफ-सफाई के जरिए संक्रमण से बचाव किया जा सकता है। लोगों को नियमित रूप से हाथ धोने, भीड़भाड़ वाली जगहों पर सावधानी बरतने और बीमारी के लक्षण दिखाई देने पर डॉक्टर से सलाह लेने की जरूरत है। स्वास्थ्य विभाग की ओर से निजी अस्पतालों पर भी नजर रखी जा रही है।
अधिकारियों ने अस्पतालों में उपलब्ध सुविधाओं और मरीजों के इलाज की व्यवस्था का निरीक्षण पहले भी किया है। अस्पतालों को संक्रमण से बचाव के लिए जरूरी इंतजाम बनाए रखने के निर्देश दिए गए हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक मौसम में बदलाव और बारिश के बाद वायरल संक्रमण के मामले बढ़ सकते हैं। ऐसे में सामान्य सर्दी-जुकाम को भी नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। लगातार बुखार, तेज खांसी, गले में खराश या सांस लेने में परेशानी होने पर खुद से दवा लेने के बजाय डॉक्टर से संपर्क करना बेहतर है। स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है और मरीजों की लगातार निगरानी की जा रही है। लोगों से अपील है कि अफवाहों पर ध्यान न दें और बचाव के जरूरी नियमों का पालन करें। सावधानी बरतकर संक्रमण को फैलने से रोका जा सकता है।