Lucknow Desk : परिवारवाद के मुद्दे को लेकर उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक बार फिर बयानबाजी तेज हो गई है। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के एक बयान को लेकर भारतीय जनता पार्टी ने उन पर निशाना साधा है। भाजपा प्रवक्ता राकेश त्रिपाठी ने आरोप लगाया कि समाजवादी पार्टी की राजनीति परिवारवाद के इर्द-गिर्द घूमती है और ऐसी सोच लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए ठीक नहीं है। राकेश त्रिपाठी ने कहा कि देश में लोकतंत्र है, जहां जनता अपने प्रतिनिधियों को चुनती है और राजनीतिक दलों में भी कार्यकर्ताओं को आगे बढ़ने का अवसर मिलना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि समाजवादी पार्टी में महत्वपूर्ण पदों और फैसलों पर एक ही परिवार का प्रभाव दिखाई देता है।
भाजपा प्रवक्ता ने इसे लेकर अखिलेश यादव पर भी तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि देश में लोकतांत्रिक व्यवस्था है, लेकिन कुछ राजनीतिक नेता राजशाही जैसी व्यवस्था चाहते हैं। त्रिपाठी ने आरोप लगाया कि समाजवादी पार्टी में आम कार्यकर्ताओं की भूमिका पार्टी के कार्यक्रमों में दरी बिछाने, झंडे लगाने और नारे लगाने तक सीमित कर दी गई है। भाजपा प्रवक्ता ने आगे कहा कि पार्टी में अध्यक्ष बनने से लेकर सांसद और विधायक बनने तक के बड़े फैसलों में सैफई परिवार का प्रभाव रहा है। उनके मुताबिक, पार्टी के भीतर महत्वपूर्ण निर्णय लेने की ताकत भी परिवार के आसपास ही केंद्रित रहती है। भाजपा का कहना है कि किसी भी राजनीतिक दल में कार्यकर्ताओं को उनकी मेहनत और योग्यता के आधार पर आगे आने का मौका मिलना चाहिए।
भाजपा ने अखिलेश यादव के बयान को परिवारवाद को बढ़ावा देने वाला बताते हुए इसे लोकतंत्र के लिए शर्मनाक करार दिया। पार्टी का आरोप है कि वंशवाद की राजनीति से आम कार्यकर्ताओं और नए नेताओं के लिए राजनीतिक अवसर सीमित होते हैं। हालांकि, इस पूरे मामले पर समाजवादी पार्टी की ओर से अलग राजनीतिक प्रतिक्रिया सामने आ सकती है। उत्तर प्रदेश की राजनीति में परिवारवाद का मुद्दा पहले भी भाजपा और सपा के बीच आरोप-प्रत्यारोप का विषय रहा है। ऐसे में ताजा बयानबाजी के बाद आने वाले दिनों में सियासी बहस और तेज होने की संभावना है।