बिजनौर की सीटों पर चंद्रशेखर का खुला चैलेंज
नगीना के सांसद चंद्रशेखर आजाद ने अमरोहा जिले के हसनपुर में एक चुनावी रैली को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को सीधे तौर पर ललकारा है। यह रैली भीम आर्मी के प्रत्याशी शाहनवाज चौधरी के समर्थन में आयोजित की गई थी। चंद्रशेखर आजाद ने मुख्यमंत्री को चुनौती देते हुए कहा कि वे बिजनौर जिले की आठ विधानसभा सीटों में से किसी भी सीट का चयन कर लें और वहां से चुनाव लड़ें। उन्होंने दावा किया कि यदि वे मुख्यमंत्री को चुनाव में हराकर वापस नहीं भेज पाए, तो वे सक्रिय राजनीति से संन्यास ले लेंगे। आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर राज्य में बढ़ते सियासी तापमान के बीच यह बयान काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। सांसद ने सार्वजनिक मंच से यह घोषणा की है कि वे अपनी राजनीतिक विरासत को दांव पर लगाकर इस मुकाबले के लिए तैयार हैं। चंद्रशेखर आजाद का यह बयान उत्तर प्रदेश की राजनीति में मुख्यमंत्री के चुनावी क्षेत्र को लेकर छिड़ी नई बहस का हिस्सा बन गया है, जहां विपक्षी नेता लगातार उन्हें अलग-अलग क्षेत्रों से लड़ने की चुनौती दे रहे हैं।
चुनाव आयोग और सरकारी कामकाज पर गंभीर आरोप
चंद्रशेखर आजाद ने केवल मुख्यमंत्री को ही नहीं, बल्कि चुनाव आयोग और सरकार की कार्यप्रणाली पर भी कड़े सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकारी कार्यक्रमों और बड़े नेताओं की जनसभाओं में भीड़ जुटाने के लिए सरकारी कर्मचारियों का दबाव में इस्तेमाल किया जा रहा है। इसके अलावा, उन्होंने रैलियों में भीड़ इकट्ठा करने के लिए धन खर्च करने का भी दावा किया है। चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर सवाल उठाते हुए उन्होंने कहा कि विपक्ष इस मामले पर एकजुट होकर प्रदर्शन कर रहा है, लेकिन मुख्य चुनाव आयुक्त का इस्तीफा अब तक नहीं हुआ है। उन्होंने बैलेट पेपर से मतदान कराने की मांग दोहराई और ईवीएम के उपयोग पर आपत्ति जताई। चंद्रशेखर ने बुलडोजर कार्रवाई को लेकर भी सरकार को निशाने पर लिया और कहा कि यह कार्रवाई केवल समाज के एक विशेष वर्ग के घरों को निशाना बनाने के लिए की जा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार जिन माफियाओं को संरक्षण दे रही है, उन पर कभी भी बुलडोजर नहीं चलता है, जबकि आम लोगों को शिक्षा, चिकित्सा और जर्जर सड़कों जैसी मूलभूत सुविधाओं से वंचित रखा जा रहा है।
अखिलेश यादव की अयोध्या वाली चुनौती और पृष्ठभूमि
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के खिलाफ चुनावी चुनौती देने का सिलसिला आठ अक्टूबर को सपा मुखिया अखिलेश यादव के बयान के बाद और तेज हो गया है। उस दौरान अखिलेश यादव ने अयोध्या में एक भागवत कथा के कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री को अयोध्या से चुनाव लड़ने की चुनौती दी थी। सपा प्रमुख ने कहा था कि यदि भाजपा के दावे सही हैं और मुख्यमंत्री वास्तव में आश्वस्त हैं, तो उन्हें अयोध्या से मैदान में उतरना चाहिए। अखिलेश यादव ने दावा किया था कि भाजपा के आंतरिक सर्वे में पार्टी लगातार पीछे चल रही है और उन्हें अयोध्या में कोई उपयुक्त प्रत्याशी नहीं मिल रहा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अखिलेश यादव की उस चुनौती को स्वीकार करते हुए उन्हें मैदान में उतरने के लिए कहा था। अब चंद्रशेखर आजाद द्वारा बिजनौर को लेकर दी गई इस नई चुनौती ने विधानसभा चुनाव से पहले राजनीतिक माहौल को और अधिक गरमा दिया है। विपक्षी नेता एक-एक करके मुख्यमंत्री को उनके गढ़ या अन्य सीटों पर घेरने की रणनीति पर काम कर रहे हैं, जिसका असर आने वाले समय में चुनावी नतीजों पर पड़ना तय है।