कंटाप
NEWS
शुक्रवार, 28 अगस्त 2026
Follow Us
ब्रेकिंग
नेपाल में बाढ़ : चीन पर उठ रहे सवालों पर क्या कह रहा है अंतरराष्ट्रीय मीडिया      Raksha Bandhan 2026 Shubh Muhurat LIVE: खत्म हुआ राहुकाल! फिर शुरू हुआ राखी का शुभ मुहूर्त, जानिए कब तक बां      अभिजीत दीपके ने अरविंद केजरीवाल को पछाड़ दिया! सर्वे में CJP चीफ ने चौंकाया      मुस्कान मर्डर केस में सामने आया CCTV वीडियो, हत्या के बाद भागता दिखा आरोपी इमरान      जोहरान ममदानी को RSS का करारा जवाब, X अकाउंट भी बहाल, मोहन भागवत की अमेरिका यात्रा पर बड़ा अपडेट      पाकिस्तान ने फंसाया एक और ‘मुर्गा’, सऊदी अरब-तुर्की के बाद इस देश के साथ मिलिट्री डील, बदले में क्या मिलेगा...      रिजिजू ने दिए संसद का विशेष सत्र बुलाने के संकेत, परिसीमन बिल पर टिकीं निगाहें; विपक्ष में हलचल      दिल्ली में ISI के जासूसी नेटवर्क का पर्दाफाश... स्पेशल सेल ने पति-पत्नी को किया गिरफ्तार, पाकिस्तान भेजते थे भारतीय SIM कार्ड     
SENSEX लोड हो रहा... | NIFTY लोड हो रहा... | GOLD (10g) ₹ | SILVER (10g) ₹ | USD/INR ₹ | CRUDE OIL $ | Uttar Pradesh — लोड हो रहा है | --:--:-- | लाइव अपडेट
@NewsKantap:
राजनीति

राजनीतिक घमासान: ममता बनर्जी पर हमले को शिवसेना यूबीटी ने बताया लोकतंत्र पर सीधा आघात

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को लेकर उपजे हालिया राजनीतिक विवाद पर शिवसेना (यूबीटी) ने कड़ा रुख अपनाया है। पार्टी ने इसे भारतीय लोकतंत्र पर सीधा हमला करार देते हुए केंद्र सरकार पर तीखा निशाना साधा है और बंगाल के मौजूदा हालात को बेहद चिंताजनक बताया है।

X
Kantap News डेस्क
11 अग 2026, 15:08
राजनीतिक घमासान: ममता बनर्जी पर हमले को शिवसेना यूबीटी ने बताया लोकतंत्र पर सीधा आघात
पश्चिम बंगाल में हालिया राजनीतिक घटनाओं और मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के खिलाफ उठाए गए कदमों को लेकर देश की सियासत में उबाल आ गया है। विपक्षी दलों के बीच इस मुद्दे पर लगातार बयानबाजी तेज होती जा रही है। इस बीच, शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) ने अपनी मुखपत्र और आधिकारिक बयानों के माध्यम से केंद्र सरकार पर जोरदार हमला बोला है। पार्टी ने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि देश के चुनिंदा मुख्यमंत्रियों के खिलाफ इस तरह की कार्रवाइयां और हमले सीधे तौर पर संघीय ढांचे और लोकतांत्रिक मूल्यों की धज्जियां उड़ाने के समान हैं।

संघीय ढांचे और राजनीतिक स्वतंत्रता पर संकट

शिवसेना (यूबीटी) के वरिष्ठ नेताओं का तर्क है कि राजनीतिक मतभेद अपनी जगह हो सकते हैं, लेकिन लोकतांत्रिक रूप से चुनी गई राज्य सरकारों के कामकाज में बाधा डालना या उनके शीर्ष नेतृत्व को निशाना बनाना देश के संविधान के खिलाफ है। पार्टी ने पश्चिम बंगाल के वर्तमान हालातों को अत्यंत गंभीर और चिंताजनक करार देते हुए कहा कि यदि इस तरह की प्रवृत्ति को समय रहते नहीं रोका गया, तो यह देश के अन्य राज्यों के लिए भी खतरनाक मिसाल साबित होगी। विपक्षी गठबंधन के अन्य दलों ने भी इस मामले पर एकजुटता दिखाते हुए केंद्र के रवैये की कड़ी निंदा की है।

देशभर में गरमाता जा रहा है सियासी माहौल

इस बयानबाजी के बाद राष्ट्रीय राजधानी से लेकर विभिन्न राज्यों की राजधानियों तक राजनीतिक सरगर्मी काफी बढ़ गई है। सत्ता पक्ष के नेताओं ने भी शिवसेना और अन्य विपक्षी दलों के इन आरोपों का पुरजोर जवाब देते हुए कहा है कि कानून अपना काम कर रहा है और इसमें किसी भी प्रकार की राजनीतिक बदले की भावना शामिल नहीं है। आने वाले दिनों में संसद और सड़क दोनों ही जगहों पर इस मुद्दे को लेकर एक बड़े राजनीतिक संघर्ष के आसार बन चुके हैं, जिससे देश की चुनावी और राजनीतिक फिजा गर्मा गई है।
कंटाप
NEWS
होम 🇮🇳 देश 🗺️ राज्य 🌍 विदेश 🏛️ राजनीति 💼 व्यापार 🏏 खेल 🎬 मनोरंजन 💻 टेक्नोलॉजी 🏥 स्वास्थ्य 📚 शिक्षा 🕉️ धर्म वीडियो राशिफल खोज