कंटाप
NEWS
शुक्रवार, 28 अगस्त 2026
Follow Us
ब्रेकिंग
नेपाल में फिर बाढ़ की चेतावनी, तिब्बत की ओर डैम टूटने की ख़बर पर क्या बोला डिजास्टर मैनेजमेंट      Raksha Bandhan 2026 Shubh Muhurat LIVE: खत्म हुआ राहुकाल! फिर शुरू हुआ राखी का शुभ मुहूर्त, जानिए कब तक बां      अभिजीत दीपके ने अरविंद केजरीवाल को पछाड़ दिया! सर्वे में CJP चीफ ने चौंकाया      मुस्कान मर्डर केस में सामने आया CCTV वीडियो, हत्या के बाद भागता दिखा आरोपी इमरान      ज़ोहरान ममदानी को लेकर प्रवासी भारतीयों में बहस, आरएसएस ने जारी किया ये बयान      ₹22,000 करोड़ के कर्ज का सिर्फ ₹6.5 करोड़ में निपटारा: NCLT ने सुभाष चंद्रा के रीपेमेंट प्लान को मंजूरी दी;...      India US Relation: भारत जैवलिन एंटी-टैंक सिस्टम खरीदने जा रहा, सर्जियो गोर का ऐलान, पाकिस्तान देखते रहा, इधर हो गई बड़ी डील      पेंगुइन का सोनिया गांधी की किताब छापने से इनकार, सामने आया कारण     
SENSEX लोड हो रहा... | NIFTY लोड हो रहा... | GOLD (10g) ₹ | SILVER (10g) ₹ | USD/INR ₹ | CRUDE OIL $ | Uttar Pradesh — लोड हो रहा है | --:--:-- | लाइव अपडेट
@NewsKantap:
राजनीति ब्रेकिंग

राजनीतिक घमासान: मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने बीजेपी नेता शुभेंदु अधिकारी पर गंभीर धमकियां देने का लगाया आरोप

पश्चिम बंगाल की राजनीति में एक बार फिर बड़ा उबाल आ गया है। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने भारतीय जनता पार्टी के प्रमुख नेता और विधानसभा में विपक्ष के नेता शुभेंदु अधिकारी के खिलाफ गंभीर आरोप दर्ज कराते हुए कहा है कि उन्हें खुलेआम डराया-धमकाया जा रहा है।

A
Ankit Yadav
25 अग 2026, 13:11
राजनीतिक घमासान: मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने बीजेपी नेता शुभेंदु अधिकारी पर गंभीर धमकियां देने का लगाया आरोप
पश्चिम बंगाल की राजनीति में उस वक्त भारी सरगर्मी देखने को मिली जब राज्य की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने विपक्षी दल के वरिष्ठ नेता पर सीधा निशाना साधा। मुख्यमंत्री ने सार्वजनिक मंच से यह बयान दिया कि उन्हें भारतीय जनता पार्टी के कद्दावर नेता और विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष शुभेंदु अधिकारी की तरफ से खुलेआम चेतावनियां मिल रही हैं। ममता बनर्जी के इस सनसनीखेज दावे के बाद से राज्य के राजनीतिक गलियारों में चर्चाओं का बाजार गर्म हो गया है और दोनों प्रमुख दलों के बीच जुबानी जंग एक बार फिर अपने चरम पर पहुंच गई है। तृणमूल कांग्रेस सुप्रीमो के इस आरोप ने प्रशासनिक हलकों में भी हलचल पैदा कर दी है, क्योंकि राज्य के दो सबसे बड़े राजनीतिक चेहरों के बीच का यह टकराव अब सड़क से लेकर सोशल मीडिया तक व्यापक रूप से चर्चा का विषय बन चुका है।

राजनीतिक वार-पलटवार और बढ़ता तनाव

पश्चिम बंगाल में लंबे समय से सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस और मुख्य विपक्षी दल भारतीय जनता पार्टी के बीच संबंधों में हमेशा से कड़वाहट रही है। विधानसभा चुनावों के बाद से ही दोनों पक्षों के नेता एक-दूसरे पर तीखे हमले करते आए हैं, लेकिन इस तरह के सीधे और व्यक्तिगत धमकियों के आरोप सियासी माहौल को और अधिक संवेदनशील बना देते हैं। जानकारों का मानना है कि आने वाले दिनों में राज्य के अंदर स्थानीय निकाय चुनावों या अन्य राजनीतिक गतिविधियों को लेकर तनाव और गहरा सकता है। मुख्यमंत्री द्वारा लगाए गए इन गंभीर आरोपों पर अभी तक बीजेपी के केंद्रीय या प्रांतीय नेतृत्व की तरफ से विस्तृत सफाई या खंडन सामने नहीं आया है, परंतु विपक्षी खेमे का यह तर्क रहता है कि सत्तारूढ़ दल अक्सर राजनीतिक सहानुभूति हासिल करने के लिए ऐसे आरोप गढ़ता रहता है। सुबेंदु अधिकारी और ममता बनर्जी का पुराना राजनीतिक इतिहास किसी से छिपा नहीं है। कभी ममता के बेहद करीबी माने जाने वाले सुबेंदु अधिकारी ने तृणमूल कांग्रेस का साथ छोड़कर बीजेपी का दामन थामा था और नंदीग्राम सीट से चुनाव जीतकर एक बहुत बड़ा राजनीतिक उलटफेर किया था। तभी से दोनों नेताओं के बीच व्यक्तिगत और वैचारिक स्तर पर गहरी प्रतिद्वंद्विता चली आ रही है। इस ताजा घटनाक्रम ने उस पुरानी आग को एक बार फिर भड़का दिया है, जिससे पार्टी कार्यकर्ताओं के बीच भी असमंजस और जोश का मिला-जुला माहौल देखने को मिल रहा है। स्थानीय प्रशासनिक अमला भी इस तीखी बयानबाजी के बाद पूरी तरह सतर्क हो गया है ताकि किसी भी स्थान पर कानून-व्यवस्था की स्थिति बिगड़ने न पाए। इस पूरे प्रकरण के बाद राज्यभर के राजनीतिक विश्लेषक और आम नागरिक यह कयास लगा रहे हैं कि आने वाले समय में यह विवाद कानूनी या निर्वाचन आयोग के दायरे तक पहुंचेगा या नहीं। तृणमूल कांग्रेस के अन्य वरिष्ठ नेताओं ने भी अपनी पार्टी प्रमुख के समर्थन में मोर्चा संभाल लिया है और विपक्षी दल पर लोकतांत्रिक मर्यादाओं को ताक पर रखने का आरोप मढ़ रहे हैं। दूसरी ओर, बीजेपी समर्थकों का कहना है कि ममता बनर्जी अपनी सरकार की नाकामियों से जनता का ध्यान भटकाने के लिए इस प्रकार के मनगढ़ंत बयान दे रही हैं। बहरहाल, बंगाल के राजनीतिक पटल पर गर्माई इस नई बहस ने आने वाले हफ्तों के लिए चुनावी और प्रशासनिक समीकरणों को पूरी तरह से हिलाकर रख दिया है, और हर किसी की नजर इस बात पर टिकी है कि आगे क्या कदम उठाए जाते हैं।
कंटाप
NEWS
होम 🇮🇳 देश 🗺️ राज्य 🌍 विदेश 🏛️ राजनीति 💼 व्यापार 🏏 खेल 🎬 मनोरंजन 💻 टेक्नोलॉजी 🏥 स्वास्थ्य 📚 शिक्षा 🕉️ धर्म वीडियो राशिफल खोज