कंटाप
NEWS
गुरुवार, 22 अक्तूबर 2026
Follow Us
ब्रेकिंग
PM बोले-कुछ लोग विदेशों में भारत को बदनाम कर रहे: कांग्रेस कब तक अपने फेल प्रोडक्ट की लॉन्चिंग के लिए देश क...      सऊदी अरब में बांग्लादेशी महिला कामगार कितनी सुरक्षित हैं?      मुझे गालियां पड़ेंगी, लेकिन...; योगेंद्र यादव ने कहा- अभी मोदी का इस्तीफा नहीं चाहते लोग      Tiger Shroff Attack Case में बड़ा खुलासा, वारदात से पहले शूटरों ने की थी बंदूक चलाने की प्रैक्टिस, हुआ था म      Rain Alert: बन गया है कम दबाव का क्षेत्र, इन राज्यों में होने जा रही मूसलाधार बारिश, आंधी तूफान का भी अलर्ट      'पाकिस्तान को अलग-थलग नहीं कर सकता भारत', मार्को रुबियो के बयान पर बोले पाकिस्तानी डिफेंस एक्सपर्ट      हरियाणा में बिजली कर्मियों की हड़ताल: छुट्टी से 25 अधिकारी-कर्मचारी वापस बुलाए, चार राज्यों से मांगे कर्मचारी      कौन हैं निर्मला सीतारमण के पति परकला प्रभाकर जो प्रकाश राज और अभिजीत दिपके साथ CJP का प्रदर्शन में शामिल होंगे     
SENSEX लोड हो रहा... | NIFTY लोड हो रहा... | GOLD (10g) ₹— | SILVER (10g) ₹— | USD/INR ₹— | CRUDE OIL $— | Uttar Pradesh — लोड हो रहा है | --:--:-- | लाइव अपडेट
@NewsKantap:
राजनीति

राजनीतिक हलचल: मध्य प्रदेश में दिग्विजय सिंह की 930 किलोमीटर लंबी पदयात्रा का ऐलान

मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह की ओर से एक नए अभियान की घोषणा की गई है। इस पदयात्रा के माध्यम से कई राजनीतिक और धार्मिक मुद्दे जनता के बीच उठाए जाएंगे। यह लंबी यात्रा उज्जैन से शुरू होकर उत्तर प्रदेश के धार्मिक नगर तक जाएगी।

A
Ankit Yadav
21 अक्ट 2026, 12:11
राजनीतिक हलचल: मध्य प्रदेश में दिग्विजय सिंह की 930 किलोमीटर लंबी पदयात्रा का ऐलान

उज्जैन से अयोध्या तक होगी पदयात्रा की शुरुआत

मध्य प्रदेश की राजनीतिक गलियारों में उस समय सरगर्मी तेज हो गई जब पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह की ओर से एक बड़े पैदल अभियान का खाका सामने आया। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक इस पूरी मुहिम को शिवधाम से रामधाम के मार्ग पर संचालित किया जाएगा। इस आयोजन के लिए आयोजकों द्वारा सत्य सनातन स्वाभिमान यात्रा नाम तय किया गया है। यात्रा के रूट और उसकी कार्ययोजना को लेकर प्रारंभिक विवरण सामने आ चुके हैं जिसके तहत कुल दूरी लगभग नौ सौ तीस किलोमीटर तक तय की जाएगी। मध्य प्रदेश के उज्जैन शहर से शुरू होकर यह पैदल काफिला उत्तर प्रदेश के प्रमुख धार्मिक स्थल तक अपनी मंजिल तय करेगा। इस राजनीतिक व धार्मिक यात्रा के दो चरण तय किए गए हैं जिनमें पहला हिस्सा दशहरा और दीपावली के बीच के अंतराल में निकाला जाना प्रस्तावित है। इस पहले चरण के समापन के लिए पांच नवंबर की तारीख निर्धारित की गई है। हालांकि यात्रा के इस पूरे कार्यक्रम को लेकर अभी विस्तृत मार्ग तय किया जाना बाकी है और विभिन्न पड़ावों तथा आधिकारिक कार्यक्रमों की अंतिम पुष्टि का इंतजार किया जा रहा है ताकि पूरी रूपरेखा स्पष्ट हो सके।

यात्रा के एजेंडे में शामिल किए गए कई राजनीतिक मुद्दे

इस पैदल अभियान के दौरान केवल धार्मिक यात्रा तक ही सीमित रहने के बजाय कई तीखे राजनीतिक और प्रशासनिक विषयों को भी प्रमुखता से उठाया जाएगा। सामने आए विवरण के अनुसार इस सफर में राम मंदिर निर्माण के दौरान चंदे में गड़बड़ी या कथित चंदा चोरी का विषय विशेष रूप से उठाया जाएगा। इसके अलावा मतदाताओं की सूचियों से जुड़ा वोट चोरी का मसला और देश के मुख्य निर्वाचन आयुक्त यानी सीईसी के इस्तीफे की मांग को भी इस एजेंडे में शामिल किया गया है। निर्वाचन आयोग की कार्यप्रणाली और उसकी भूमिका पर भी सवाल खड़े किए जाने की बात कही जा रही है। इन तमाम विषयों के साथ-साथ राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ यानी आरएसएस से जुड़े मुद्दों को भी इस यात्रा के मंच से उठाने की पूरी तैयारी बताई गई है। इन तमाम संवेदनशील और तीखे मुद्दों को इस पदयात्रा के दौरान बार-बार रेखांकित किया जाएगा ताकि राजनीतिक हलकों में इस पर व्यापक चर्चा हो सके। यात्रा के इन सभी एजेंडों को लेकर राजनीतिक दलों के बीच बयानों का दौर शुरू होने की पूरी संभावना है क्योंकि इसमें सीधे तौर पर कई केंद्रीय और संस्थागत विषयों को उठाया जा रहा है। इस पूरी यात्रा का खाका तैयार करते समय आयोजकों ने धार्मिक भावनाओं के साथ-साथ तीखे सियासी सवालों को भी एक साथ साधने की रणनीति बनाई है।

मध्य प्रदेश की सियासत पर पड़ेगा इस अभियान का असर

पूर्व मुख्यमंत्री के इस बड़े अभियान के ऐलान के बाद से ही मध्य प्रदेश के राजनीतिक परिदृश्य में सुगबुगाहट काफी तेज हो गई है। राज्य के राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इतनी लंबी दूरी की पदयात्रा और उसमें उठाए जाने वाले गंभीर राजनीतिक मुद्दे आने वाले दिनों में बड़ा असर छोड़ सकते हैं। हालांकि इस पूरी यात्रा के आयोजन और इसकी आधिकारिक शुरुआत की तारीखों को लेकर अभी प्रशासनिक या आधिकारिक स्तर पर पूरी तरह से सत्यापित किए जाने की आवश्यकता बताई गई है। राजनीतिक जानकारों का यह भी कहना है कि इस तरह के आयोजनों के विस्तृत कार्यक्रम और आधिकारिक स्रोतों से पुष्टि होने के बाद ही इसकी अंतिम सफलता का आकलन किया जा सकता है। वर्तमान में जिस प्रकार के विषय इस पैदल यात्रा के एजेंडे में रखे गए हैं उससे साफ है कि आने वाले हफ्तों में राज्य की राजनीति में इन मुद्दों को लेकर पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बयानबाजी देखने को मिल सकती है। आम नागरिकों और राजनीतिक प्रेक्षकों की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि इस पदयात्रा का अंतिम मार्ग और पड़ाव किस प्रकार तय होते हैं।

कंटाप
NEWS
होम 🇮🇳 देश 🗺️ राज्य 🌍 विदेश 🏛️ राजनीति 💼 व्यापार 🏏 खेल 🎬 मनोरंजन 💻 टेक्नोलॉजी 🏥 स्वास्थ्य 📚 शिक्षा 🕉️ धर्म वीडियो राशिफल खोज