समाजवादी पार्टी के मंच पर सिपाही की उपस्थिति
संतकबीर नगर जिले के महुली थाना क्षेत्र स्थित नैना झाला गांव निवासी श्याम सुंदर वर्तमान में गोरखपुर में डायल-112 सेवा में तैनात था। करीब 1994 बैच के इस सिपाही ने अपनी सेवा के दौरान अब तक 11 अलग-अलग जिलों में अपनी सेवाएं दी हैं। वर्ष 2023 में कुशीनगर से स्थानांतरण के बाद उसे गोरखपुर की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। इस दौरान सिपाही ने अपनी राजनीतिक सक्रियता को बढ़ाना शुरू कर दिया। हाल ही में धनघटा क्षेत्र के लोहरेया में समाजवादी पार्टी द्वारा आयोजित एक समीक्षा बैठक में उसे मंच पर देखा गया। इस दौरान उसने स्वयं को मंच से संबोधित करते हुए श्याम सुंदर चौहान सिपाही के रूप में परिचित कराया। उसने वहां उपस्थित बूथ अध्यक्षों तथा सेक्टर प्रभारियों के बीच चुनाव की तैयारियों और संगठन को मजबूत बनाने के संबंध में अपनी बात रखी। इंटरनेट मीडिया पर लाल टोपी पहने हुए उसकी तस्वीरें तेजी से प्रसारित हो रही हैं, जिससे प्रशासनिक हलकों में हड़कंप मच गया है।
विभागीय जांच और आरोपों का ब्यौरा
मामले के सार्वजनिक होने के बाद अयोध्या सिंह, जो कि एसपी क्राइम के पद पर तैनात हैं, ने इस पूरे घटनाक्रम की जांच का जिम्मा संभाला है। प्राथमिक स्तर पर हुई कार्रवाई के तहत श्याम सुंदर को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। पुलिस अधिकारी अब सिपाही से संपर्क करने के प्रयास कर रहे हैं ताकि उसके ड्यूटी से गैरहाजिर होने के ठोस कारणों का पता लगाया जा सके। सिपाही के इंटरनेट मीडिया अकाउंट से भी कई राजनीतिक पोस्ट प्रसारित की गई हैं। वर्ष 2023 में उसने सोशल मीडिया के जरिए धनघटा विधानसभा क्षेत्र के निवासियों को नववर्ष की शुभकामनाएं दी थीं। इसके अतिरिक्त, आगामी पांच अक्टूबर को सपा प्रदेश अध्यक्ष के धनघटा दौरे के लिए भी उसके नाम से लोगों को आमंत्रित करने वाले पोस्टर सोशल मीडिया पर सामने आए हैं। पुलिस विभाग अब यह पता लगाने में जुटा है कि एक सरकारी कर्मचारी के रूप में वह चुनावी गतिविधियों में इतनी गहराई से कैसे शामिल हो गया।
सरकारी कर्मचारी आचरण नियमावली का उल्लंघन
सरकारी सेवा में कार्यरत किसी भी कर्मचारी के लिए राजनीतिक गतिविधियों में भाग लेना उत्तर प्रदेश सरकारी सेवक आचरण नियमावली के नियमों के विरुद्ध है। इस नियमावली में स्पष्ट रूप से उल्लेख किया गया है कि कोई भी सरकारी कर्मचारी किसी राजनीतिक दल के कार्यक्रमों में शामिल नहीं हो सकता और न ही चुनाव लड़ने जैसी गतिविधियों में प्रतिभाग कर सकता है। श्याम सुंदर का धनघटा विधानसभा क्षेत्र से चुनाव लड़ने की तैयारी करना और सपा के बैनर तले सक्रिय होना नियमों का सीधा उल्लंघन माना जा रहा है। यदि जांच में उसके विरुद्ध आरोप प्रमाणित पाए जाते हैं, तो उसके खिलाफ कड़ी विभागीय कार्रवाई की जाएगी। सरकारी सेवा में रहते हुए चुनाव लड़ने की मंशा रखने वाले कर्मचारियों के विरुद्ध कड़े प्रावधान मौजूद हैं, जिसके तहत नौकरी से बर्खास्तगी तक की कार्रवाई संभव है। वर्तमान में विभाग इस बात की पड़ताल कर रहा है कि सिपाही ने अपने आधिकारिक कर्तव्यों से इतर राजनीतिक महत्वाकांक्षाओं को किस स्तर पर प्रश्रय दिया।