लखनऊ में मुख्यमंत्री का बड़ा संबोधन
उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ स्थित जीपीओ पार्क में बुधवार को सेवा ज्योति यात्रा और विकसित भारत संकल्प सभा का भव्य आयोजन किया गया। इस विशेष कार्यक्रम को संबोधित करते हुए राज्य के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने देश और प्रदेश की राजनीतिक स्थिति पर खुलकर अपने विचार रखे। इस अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक जीवन के पच्चीस वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में एक महीने तक चलने वाले सेवा संकल्प अभियान की शुरुआत की गई है। कार्यक्रम में बोलते हुए मुख्यमंत्री ने राज्य की दस राज्यसभा सीटों का विशेष रूप से जिक्र किया। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में बताया कि इन सीटों में से आठ स्थानों पर भारतीय जनता पार्टी के उम्मीदवारों की निर्विरोध जीत पूरी तरह से पक्की हो चुकी है। इस शानदार सफलता के बाद से पूरे पार्टी खेमे में जबरदस्त उत्साह और खुशी का माहौल बना हुआ है। मुख्यमंत्री ने इसी संदर्भ को आगे बढ़ाते हुए कहा कि इस चुनाव के नतीजे केवल एक औपचारिकता नहीं हैं। ये नतीजे आने वाले समय में राज्य की राजनीति की दशा और दिशा दोनों को पूरी तरह से स्पष्ट करने का काम कर रहे हैं। सभा में उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक समेत कई अन्य प्रमुख नेता भी मौजूद रहे जिन्होंने सरकार की नीतियों की जमकर सराहना की।
अस्सी और बीस का राजनीतिक गणित
सभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अस्सी और बीस के नए राजनीतिक समीकरण को जनता के सामने विस्तार से रखा। उन्होंने कहा कि यह वैचारिक लड़ाई एक बार फिर से अस्सी और बीस के अनुपात में आकर खड़ी हो गई है। उनके अनुसार इस मुकाबले का अस्सी प्रतिशत हिस्सा एनडीए यानी राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन के पाले में है। वहीं दूसरी तरफ शेष बीस प्रतिशत हिस्सा पीडीए के खाते में जाता हुआ दिखाई दे रहा है। इस समीकरण के आधार पर उन्होंने विरोधियों पर निशाना साधते हुए कहा कि पीडीए का भविष्य क्या होने वाला है वह तस्वीर बहुत जल्द सबके सामने पूरी तरह साफ हो जाएगी। कार्यक्रम में बोलते हुए उन्होंने देश की बदलती हुई आर्थिक स्थिति का भी विशेष रूप से उल्लेख किया। उन्होंने याद दिलाया कि आज से ठीक बारह वर्ष पहले भारत दुनिया की सबसे खराब अर्थव्यवस्थाओं में शामिल था और बॉटम पांच देशों की सूची में आता था। लेकिन आज के समय में देश ने प्रगति करते हुए दुनिया की शीर्ष पांच अर्थव्यवस्थाओं में अपनी मजबूत जगह बना ली है। मुख्यमंत्री ने युवाओं की ऊर्जा की सराहना करते हुए कहा कि आज देश के भीतर ढाई लाख से अधिक सक्रिय स्टार्टअप मौजूद हैं। उन्होंने रेलवे के विकास का जिक्र करते हुए कहा कि एक समय मीटरगेज तक सीमित रहने वाली ट्रेनें आज ब्रॉडगेज और डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर पर दौड़ रही हैं।
डिजिटल क्रांति और तकनीक में आत्मनिर्भरता
देश की तकनीकी और आर्थिक प्रगति पर बात करते हुए मुख्यमंत्री ने पिछली व्यवस्थाओं पर भी तीखे प्रहार किए। उन्होंने कहा कि जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने डिजिटल इंडिया की बात की थी और जनधन खातों की शुरुआत की थी तब कुछ लोग इसका मखौल उड़ाते थे। लेकिन वह उपहास असल में पुरानी पार्टियों और विपक्षी गठबंधन की बेईमान कार्यशैली पर एक कड़ा प्रहार था। आज डीबीटी यानी डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर के माध्यम से सरकार का सारा पैसा सीधे किसानों युवाओं और श्रमिकों के बैंक खातों में पहुंच रहा है। उन्होंने सेमीकंडक्टर और डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग का जिक्र करते हुए कहा कि कभी एक छोटी सी चिप के लिए भारत को पूरी तरह से दूसरे देशों पर निर्भर रहना पड़ता था। यदि विदेशी ताकतें चिप देने से मना कर देती थीं तो देश का पूरा इलेक्ट्रॉनिक उद्योग ठप हो जाता था। लेकिन आज स्थिति बिल्कुल बदल चुकी है क्योंकि भारत में ही सेमीकंडक्टर के बारह से ज्यादा बड़े उद्योग या तो काम कर रहे हैं या फिर उनमें भारी निवेश आ रहा है। अब देश दुनिया को चिप निर्यात करने की दिशा में तेजी से आत्मनिर्भर बन रहा है। कार्यक्रम के अंत में वक्ताओं ने दोहराया कि प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में उत्तर प्रदेश हर क्षेत्र में निरंतर आगे बढ़ रहा है।