दोनों चुनाव आयुक्तों ने सीनियर ऑफिसर के खिलाफ शिकायत की, कैबिनेट सचिव को लिखी चिट्ठी-RTI में खुलासा
Bihar MLC Election 2026 Live: वोटिंग के बीच मोकामा में बवाल, अनुज सिंह और नीरज सिंह के समर्थक भिड़े
आजम खान से केवल इसलिए मिलना चाहते थे अखिलेश? AIMIM के वारिस पठान ने किया ये दावा
तिब्बत में आए शक्तिशाली भूकंप में कम से कम 16 लोगों की मौत, सैकड़ों ज़ख़्मी
गलवान जैसी हिमाकत के लिए अब 100 बार सोचेगा चीन? ड्रोन प्लाटून से बंकर तक; LAC पर भारत की क्या तैयारी?
सऊदी अरब में बांग्लादेशी महिला कामगार कितनी सुरक्षित हैं?
सौरभ दास ने बाहर आते ही किया कांड, नहीं मानी पुलिस की बात; रांका भी घिरे, Ncr Hindi News
देश के सबसे बड़े न्यूक्लियर प्लांट में सॉफ्टवेयर हटाए: नई रूसी हार्डवेयर तकनीक का इस्तेमाल होगा; 10 साल मे ...
SENSEX लोड हो रहा...| NIFTY लोड हो रहा...| GOLD (10g) ₹—| SILVER (10g) ₹—| USD/INR ₹—| CRUDE OIL $—|Uttar Pradesh — लोड हो रहा है|--:--:--| लाइव अपडेट
राजनीतिक सरगर्मी तेज: राजस्थान में राहुल गांधी के विरोध और सीजेपी से मारपीट की घटना से गरमाया माहौल
राजस्थान में हाल ही में हुई झड़पों और राहुल गांधी के विरोध प्रदर्शन के बाद राज्य की राजनीति में तनाव काफी बढ़ गया है। 28 अगस्त तक इस मामले के और तूल पकड़ने के पूरे आसार नजर आ रहे हैं।
A
Ankit Yadav
22 अग 2026, 12:54
राजस्थान की राजनीतिक फिजा इन दिनों काफी गर्म चल रही है। राज्य के विभिन्न हिस्सों में हाल ही में घटित घटनाओं ने सियासी गलियारों में हलचल पैदा कर दी है। वरिष्ठ कांग्रेस नेता राहुल गांधी के खिलाफ हो रहे विरोध प्रदर्शनों और इस दौरान सामने आए संघर्षों ने माहौल को और अधिक तनावपूर्ण बना दिया है। खास तौर पर एक स्थानीय घटना में सीजेपी के साथ हुई मारपीट के मामले ने विपक्षी दलों और सत्ता पक्ष के बीच टकराव को एक नए स्तर पर पहुंचा दिया है। इन तमाम घटनाओं के बाद राजनीतिक दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो चुका है, जिससे राज्य का सियासी तापमान लगातार बढ़ता जा रहा है।
बढ़ता सियासी टकराव और आगामी तारीखें
राहुल गांधी के विरोध से जुड़ी इन गतिविधियों ने प्रशासनिक महकमे और सुरक्षा एजेंसियों की भी चिंता बढ़ा दी है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि आने वाले दिनों में यह विवाद थमने वाला नहीं है, बल्कि 28 अगस्त तक इसके और अधिक उग्र होने की पूरी संभावना है। विभिन्न राजनीतिक संगठनों और छात्र इकाइयों द्वारा इस मुद्दे पर लगातार रैलियां, प्रदर्शन और बयानबाजी का सिलसिला जारी रखा जा रहा है। सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों ही इस स्थिति का पूरा राजनीतिक फायदा उठाने की फिराक में हैं, जिससे आम जनता के बीच भी असमंजस की स्थिति उत्पन्न हो गई है। कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस प्रशासन भी पूरी तरह से मुस्तैद नजर आ रहा है और संवेदनशील इलाकों पर पैनी नजर रखी जा रही है।
इस पूरे घटनाक्रम के मूल में वैचारिक मतभेद और हालिया राजनीतिक नीतियां बताई जा रही हैं। राज्य में विपक्षी नेताओं के दौरों और कार्यक्रमों के दौरान जिस तरह से विरोध के स्वर मुखर हुए हैं, उसने सुरक्षा व्यवस्था के सामने भी बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय प्रशासन और पुलिस अधिकारियों द्वारा स्थिति को नियंत्रण में लाने के लगातार प्रयास किए जा रहे हैं, लेकिन राजनीतिक दलों के अड़ियल रुख के कारण तनाव कम होने का नाम नहीं ले रहा है। सीजेपी के साथ हुई मारपीट जैसी घटनाओं ने इस पूरे विवाद को एक संवेदनशील मोड़ पर ला खड़ा किया है, जिस पर मानवाधिकार संगठनों और विभिन्न सामाजिक समूहों की भी तीखी प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं।
जैसे-जैसे 28 अगस्त की तारीख नजदीक आ रही है, राजनीतिक दलों की गतिविधियां और अधिक तेज होती जा रही हैं। विभिन्न मंचों से इस घटना की निंदा की जा रही है तो वहीं दूसरी ओर विरोध प्रदर्शनों की नई रूपरेखा भी तैयार की जा रही है। आने वाले कुछ दिनों में राज्य के भीतर बड़े पैमाने पर राजनीतिक प्रदर्शन देखने को मिल सकते हैं, जिनका असर आगामी चुनावों और स्थानीय समीकरणों पर भी पड़ना तय माना जा रहा है। फिलहाल, सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि प्रशासन इस बढ़ते तनाव को रोकने के लिए क्या ठोस कदम उठाता है और राजनीतिक दल इस गरमाए हुए माहौल में क्या नया मोड़ लाते हैं।