कंटाप
NEWS
शुक्रवार, 28 अगस्त 2026
Follow Us
ब्रेकिंग
नेपाल में फिर बाढ़ की चेतावनी, तिब्बत की ओर डैम टूटने की ख़बर पर क्या बोला डिजास्टर मैनेजमेंट      Raksha Bandhan 2026 Shubh Muhurat LIVE: खत्म हुआ राहुकाल! फिर शुरू हुआ राखी का शुभ मुहूर्त, जानिए कब तक बां      अभिजीत दीपके ने अरविंद केजरीवाल को पछाड़ दिया! सर्वे में CJP चीफ ने चौंकाया      मुस्कान मर्डर केस में सामने आया CCTV वीडियो, हत्या के बाद भागता दिखा आरोपी इमरान      ज़ोहरान ममदानी को लेकर प्रवासी भारतीयों में बहस, आरएसएस ने जारी किया ये बयान      ₹22,000 करोड़ के कर्ज का सिर्फ ₹6.5 करोड़ में निपटारा: NCLT ने सुभाष चंद्रा के रीपेमेंट प्लान को मंजूरी दी;...      India US Relation: भारत जैवलिन एंटी-टैंक सिस्टम खरीदने जा रहा, सर्जियो गोर का ऐलान, पाकिस्तान देखते रहा, इधर हो गई बड़ी डील      पेंगुइन का सोनिया गांधी की किताब छापने से इनकार, सामने आया कारण     
SENSEX लोड हो रहा... | NIFTY लोड हो रहा... | GOLD (10g) ₹ | SILVER (10g) ₹ | USD/INR ₹ | CRUDE OIL $ | Uttar Pradesh — लोड हो रहा है | --:--:-- | लाइव अपडेट
@NewsKantap:
राजनीति

संसद में परिसीमन विधेयक और 131वां संविधान संशोधन पेश, लोकसभा सीटों की संख्या 850 करने का प्रस्ताव

संसद में देश की भावी विधायी व्यवस्था और सीटों के पुनर्गठन से जुड़ा 'परिसीमन विधेयक 2026' पेश किया गया है, जिसमें लोकसभा सीटों की अधिकतम सीमा बढ़ाने का प्रावधान है।

X
Kantap News डेस्क
30 जुल 2026, 12:36
संसद में परिसीमन विधेयक और 131वां संविधान संशोधन पेश, लोकसभा सीटों की संख्या 850 करने का प्रस्ताव

भारतीय राजनीति और संवैधानिक ढांचे के लिहाज से एक बड़े ऐतिहासिक घटनाक्रम के तहत संसद में 131वां संविधान संशोधन विधेयक और परिसीमन विधेयक 2026 प्रस्तुत कर दिया गया है। इस विधेयक का मुख्य उद्देश्य आगामी वर्षों में देश की जनसंख्या के ताजा आंकड़ों के आधार पर लोकसभा और राज्य विधानसभाओं के निर्वाचन क्षेत्रों का पुनर्गठन करना है। प्रस्तावित कानून के अनुसार, लोकसभा की अधिकतम सीटों की क्षमता को मौजूदा 550 से बढ़ाकर 850 तक करने का कानूनी ढांचा तैयार किया जा रहा है, जिससे प्रत्येक राज्य में आबादी के अनुपात में प्रतिनिधित्व सुनिश्चित हो सके।

संसद में पेश विधेयक के प्रावधानों के तहत एक उच्चस्तरीय परिसीमन आयोग (Delimitation Commission) का गठन किया जाएगा, जिसकी अध्यक्षता सर्वोच्च न्यायालय के पूर्व या वर्तमान न्यायाधीश करेंगे। आयोग में मुख्य निर्वाचन आयुक्त और संबंधित राज्यों के राज्य निर्वाचन आयुक्त सदस्य के रूप में शामिल होंगे। नए परिसीमन की प्रक्रिया के लागू होने से लोकसभा में राज्यों के सीटों का अनुपात बदलेगा। इसके साथ ही केंद्रीय मंत्रिपरिषद की अधिकतम सीमा में भी आनुपातिक बदलाव की संभावना जताई जा रही है, जिस पर संसद में पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस चल रही है।

विपक्षी दलों ने इस विधेयक के कई प्रावधानों पर अपनी चिंताएं जताई हैं। दक्षिणी राज्यों के राजनीतिक दलों का तर्क है कि जिन राज्यों ने जनसंख्या नियंत्रण नीतियों का सफलतापूर्वक पालन किया है, उन्हें सीटों के पुनर्गठन में किसी प्रकार का राजनीतिक नुकसान नहीं होना चाहिए। सरकार ने भरोसा दिलाया है कि परिसीमन प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी, निष्पक्ष और सभी हितधारकों से विचार-विमर्श के बाद ही पूरी की जाएगी। इस विधेयक पर संसदीय समिति में भी विस्तृत चर्चा प्रस्तावित है।

कंटाप
NEWS
होम 🇮🇳 देश 🗺️ राज्य 🌍 विदेश 🏛️ राजनीति 💼 व्यापार 🏏 खेल 🎬 मनोरंजन 💻 टेक्नोलॉजी 🏥 स्वास्थ्य 📚 शिक्षा 🕉️ धर्म वीडियो राशिफल खोज