राजधानी में बहुजन समाज पार्टी का श्रद्धांजलि कार्यक्रम
राजधानी लखनऊ के पार्टी कार्यालय और कांशीराम स्मारक स्थल पर 9 अक्टूबर को एक भव्य श्रद्धांजलि सभा का आयोजन संपन्न हुआ। इस विशेष कार्यक्रम के माध्यम से बहुजन समाज पार्टी के संस्थापक कांशीराम की 20वीं पुण्यतिथि पर उन्हें याद किया गया और श्रद्धांजलि अर्पित की गई। प्रदेश भर के विभिन्न जिलों से पार्टी पदाधिकारी, वरिष्ठ नेता और सामान्य कार्यकर्ता गुरुवार से ही लखनऊ पहुंचना शुरू हो गए थे। राज्य स्तरीय इस आयोजन के दौरान पार्टी कार्यालय के बाहर कार्यकर्ताओं की भारी भीड़ जमा हुई और पूरे परिसर में भारी उत्साह का माहौल दिखाई दिया। इस दौरान बसपा सुप्रीमो मायावती ने मंच पर पहुंचकर पार्टी कार्यकर्ताओं का अभिवादन किया और अपने संस्थापक को नमन किया। कार्यक्रम में पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक और मायावती के भतीजे आकाश आनंद की उपस्थिति भी विशेष आकर्षण का केंद्र रही। युवाओं ने उनकी मौजूदगी पर भारी जोश और उत्साह का परिचय दिया। पार्टी के इन सभी वरिष्ठ नेताओं और कार्यकर्ताओं की उपस्थिति ने राजधानी में राजनीतिक सरगर्मी को काफी बढ़ा दिया और संगठन की एकजुटता का बड़ा संदेश दिया।
मायावती ने केंद्र सरकार से की भारत रत्न की मांग
पार्टी प्रमुख मायावती ने इस बड़े आयोजन के दौरान केंद्र सरकार के समक्ष एक प्रमुख मांग फिर से दोहराई। उन्होंने सामाजिक परिवर्तन की दिशा में महान कार्य करने वाले मान्यवर कांशीराम को देश का सर्वोच्च नागरिक सम्मान भारत रत्न दिए जाने की जोरदार मांग उठाई। उन्होंने इतिहास का हवाला देते हुए कहा कि कांग्रेस पार्टी ने बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर को लंबे समय तक उचित सम्मान नहीं दिया था, लेकिन वीपी सिंह की सरकार के कार्यकाल में उन्हें भारत रत्न से सम्मानित किया गया था। ठीक उसी तरह कांशीराम जी को भी यह सर्वोच्च राष्ट्रीय सम्मान मिलना चाहिए। मायावती ने अपने संबोधन में यह भी स्पष्ट किया कि बहुजन समाज को सत्ता किसी अन्य दल की मेहरबानी से नहीं मिलती, बल्कि यह संविधान द्वारा प्रदत्त वोट के अधिकार की अमूल्य ताकत से हासिल होती है। उन्होंने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि जनता इस समय गरीबी, महंगाई और बेरोजगारी जैसी विकट समस्याओं से जूझ रही है, जबकि शासन स्तर पर केवल फीलगुड का माहौल बनाने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने उपस्थित सभी कार्यकर्ताओं से आगामी उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और पंजाब विधानसभा चुनावों के लिए अभी से तन, मन और धन से पूरी तरह तैयार होकर जुट जाने का खुला आह्वान किया।
आगामी विधानसभा चुनावों से पहले राजनीतिक रणनीतिक तैयारी
उत्तर प्रदेश में वर्ष 2027 में होने वाले आगामी विधानसभा चुनाव के मद्देनजर बसपा का यह शक्ति प्रदर्शन बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। पिछले कुछ समय से हुए चुनावों में पार्टी के चुनावी प्रदर्शन में गिरावट दर्ज की गई थी, जिसके बाद संगठन के सामने अपने पारंपरिक जनाधार को दोबारा जोड़ने की बड़ी चुनौती आन खड़ी हुई है। पार्टी इस आयोजन के जरिए अपने कार्यकर्ताओं को फिर से सक्रिय करने और बूथ स्तर तक संगठन को जमीनी रूप से मजबूत करने की रणनीति पर काम कर रही है। मायावती ने अपने संघर्षों के दिनों को याद करते हुए बताया कि कांशीराम जी ने उन्हें उत्तर प्रदेश की आक्रामक और जातिवादी राजनीति की भट्ठी में खूब तपाकर इस महत्वपूर्ण योग्य पद के काबिल बनाया है। उन्होंने यह भी दोहराया कि बहुजन समाज ही उनका एकमात्र वास्तविक परिवार है और उस समाज की भलाई, कल्याण तथा उनकी अस्मिता उनके लिए हमेशा सर्वोपरि रहेगी। आकाश आनंद के दोबारा सक्रिय होने के बाद युवा वर्ग में जो नया जोश पैदा हुआ है, उसे इस भीड़ में साफ देखा जा सकता है। पार्टी अब इस भारी जनसमर्थन और जुटी हुई भीड़ को जमीनी सक्रियता में बदलकर आगामी चुनावों में बेहतरीन परिणाम हासिल करने की पूरी तैयारी में जुटी हुई है।